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Mahendragarh-Narnaul News: डीएपी आई भी तो कैसे बंटेगी? कर्मचारी हटने से बायोमीट्रिक पासवर्ड की अड़चन
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फोटो नंबर- 15नारनौल स्थित खाद केंद्र।
नारनौल। शहर की अनाज मंडी स्थित खाद केंद्र पर एक माह से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद डीएपी की खेप नहीं पहुंची है। अगर आने वाले दिनों में खेप पहुंच भी जाए, तो भी बायोमीट्रिक मशीन से वितरण करना संभव नहीं हो पाएगा। दरअसल, इस मशीन में पासवर्ड के तौर पर जिस कर्मचारी के अंगूठे के निशान दर्ज हैं, उसे करीब दो सप्ताह पहले ही कार्यमुक्त कर दिया गया था।
केंद्रों पर खाद वितरण की पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन तरीके से होती है, ऐसे में अनाज मंडी केंद्र से खाद बांटना बड़ी चुनौती बन गया है। इसका खामियाजा सरसों और सब्जियों की बिजाई कर रहे किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
बता दें कि बायोमेट्रिक मशीन का पासवर्ड बदलने का काम चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय से ही होता है और यह पासवर्ड सिर्फ उसी कर्मचारी के नाम पर बनता है जिसने डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर का कोर्स किया हो। केंद्र को खत्म (परिसमापन) करने के दौरान जिन तीन कर्मचारियों को कार्यमुक्त किया गया था, उनमें से दो के पास यह डिप्लोमा था।
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वैसे, परिसमापन पर रोक लगाने के निर्देश जारी हुए दो सप्ताह हो चुके हैं लेकिन खाद की खेप पहुंचाने और वितरण से जुड़ा काम अब भी लटका हुआ है। इससे किसानों की परेशानी लगातार बढ़ रही है और बिजाई का सीजन निकलता जा रहा है।
गत वर्ष बांटे गए थे 10 हजार डीएपी बैग :
अनाज मंडी स्थित खाद केंद्र पर आखिरी खेप गत 16 अगस्त को पहुंची थी। पिछले 36 दिनों से केंद्र पर खाद का वितरण नहीं किया गया है। जबकि गत वर्ष 16 अगस्त से 22 सितंबर की समय अवधि के दौरान करीब 10 हजार डीएपी बैग का वितरण किया गया था।
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वर्जन :
चुनाव नहीं होने के कारण केंद्र को परिसमापन सूची में डाला गया था और फिलहाल रोक लगाई गई है। वहीं परिसमापन के दौरान जिन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को हटाया गया था, आवश्यकता अनुसार उनकी नियुक्ति की जाएगी। खाद की मांग भेजी गई है और उम्मीद है जल्द खेप केंद्र पर पहुंचेगी। -नरेश कुमार, असिस्टेंट रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, नारनौल।
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केंद्रों पर खाद वितरण की पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन तरीके से होती है, ऐसे में अनाज मंडी केंद्र से खाद बांटना बड़ी चुनौती बन गया है। इसका खामियाजा सरसों और सब्जियों की बिजाई कर रहे किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
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बता दें कि बायोमेट्रिक मशीन का पासवर्ड बदलने का काम चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय से ही होता है और यह पासवर्ड सिर्फ उसी कर्मचारी के नाम पर बनता है जिसने डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर का कोर्स किया हो। केंद्र को खत्म (परिसमापन) करने के दौरान जिन तीन कर्मचारियों को कार्यमुक्त किया गया था, उनमें से दो के पास यह डिप्लोमा था।
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वैसे, परिसमापन पर रोक लगाने के निर्देश जारी हुए दो सप्ताह हो चुके हैं लेकिन खाद की खेप पहुंचाने और वितरण से जुड़ा काम अब भी लटका हुआ है। इससे किसानों की परेशानी लगातार बढ़ रही है और बिजाई का सीजन निकलता जा रहा है।
गत वर्ष बांटे गए थे 10 हजार डीएपी बैग :
अनाज मंडी स्थित खाद केंद्र पर आखिरी खेप गत 16 अगस्त को पहुंची थी। पिछले 36 दिनों से केंद्र पर खाद का वितरण नहीं किया गया है। जबकि गत वर्ष 16 अगस्त से 22 सितंबर की समय अवधि के दौरान करीब 10 हजार डीएपी बैग का वितरण किया गया था।
वर्जन :
चुनाव नहीं होने के कारण केंद्र को परिसमापन सूची में डाला गया था और फिलहाल रोक लगाई गई है। वहीं परिसमापन के दौरान जिन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को हटाया गया था, आवश्यकता अनुसार उनकी नियुक्ति की जाएगी। खाद की मांग भेजी गई है और उम्मीद है जल्द खेप केंद्र पर पहुंचेगी। -नरेश कुमार, असिस्टेंट रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, नारनौल।