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बेहतर भविष्य के लिए प्रौद्योगिकी का सतत उपयोग करना चाहिए : डॉ. हुमैरा
Thu, 19 Dec 2024 11:28 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 19 Dec 2024 11:28 PM IST
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित प्रकोष्ठ के सहयोग से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय आकोदा के विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
यह आयोजन ग्रामोदय सहस्त्र विद्या दीप पहल के अंतर्गत भारत रत्न नानाजी देशमुख की 108 वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने विद्यार्थियों को मेहनत करने, पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को अपनाने और प्रधानमंत्री के विकसित भारत दृष्टिकोण में योगदान करने के लिए प्रेरित किया। ग्रामोदय सहस्त्र विद्या दीप पहल का उद्देश्य एक हजार ग्रामीण विद्यार्थियों को जैव प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से विज्ञान और तकनीकी प्रगति के प्रति रुचि उत्पन्न करना है।
इस प्रशिक्षण में लगभग 50 विद्यार्थियों ने प्रतिभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न पौधों की प्रजातियों के डीएनए जांच के प्रयोग किए। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक अनुभव प्रदान कर उनकी जिज्ञासा और विज्ञान के प्रति रुचि को बढ़ाया गया।
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय आकोदा के प्रधानाचार्य आरएस यादव ने प्रशिक्षण को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान की। विद्यालय की रसायन विज्ञान की व्याख्याता बीना यादव ने आयोजन में सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम के दौरान, डॉ. हुमैरा सोन्हा ने डीएनए की भूमिका को आनुवंशिक पदार्थ के रूप में प्रकाश डालते हुए बताया कि समय के साथ विभिन्न प्रजातियों का विकास कैसे हुआ है। उन्होंने बेहतर भविष्य के लिए प्रौद्योगिकी के सतत उपयोग पर जोर दिया। विभाग के शोधार्थी बादल महाकलकर, सागर, और पवन कुमार ने डीएनए निष्कर्षण तकनीकों का प्रदर्शन किया और विद्यार्थियों को वैज्ञानिक उपकरणों के उपयोग के तरीके सिखाए।
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यह आयोजन ग्रामोदय सहस्त्र विद्या दीप पहल के अंतर्गत भारत रत्न नानाजी देशमुख की 108 वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने विद्यार्थियों को मेहनत करने, पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को अपनाने और प्रधानमंत्री के विकसित भारत दृष्टिकोण में योगदान करने के लिए प्रेरित किया। ग्रामोदय सहस्त्र विद्या दीप पहल का उद्देश्य एक हजार ग्रामीण विद्यार्थियों को जैव प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से विज्ञान और तकनीकी प्रगति के प्रति रुचि उत्पन्न करना है।
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इस प्रशिक्षण में लगभग 50 विद्यार्थियों ने प्रतिभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न पौधों की प्रजातियों के डीएनए जांच के प्रयोग किए। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक अनुभव प्रदान कर उनकी जिज्ञासा और विज्ञान के प्रति रुचि को बढ़ाया गया।
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय आकोदा के प्रधानाचार्य आरएस यादव ने प्रशिक्षण को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान की। विद्यालय की रसायन विज्ञान की व्याख्याता बीना यादव ने आयोजन में सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम के दौरान, डॉ. हुमैरा सोन्हा ने डीएनए की भूमिका को आनुवंशिक पदार्थ के रूप में प्रकाश डालते हुए बताया कि समय के साथ विभिन्न प्रजातियों का विकास कैसे हुआ है। उन्होंने बेहतर भविष्य के लिए प्रौद्योगिकी के सतत उपयोग पर जोर दिया। विभाग के शोधार्थी बादल महाकलकर, सागर, और पवन कुमार ने डीएनए निष्कर्षण तकनीकों का प्रदर्शन किया और विद्यार्थियों को वैज्ञानिक उपकरणों के उपयोग के तरीके सिखाए।

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