इलेक्ट्रिक लाइन के लिए करना होगा अभी इंतजार
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नारनौल। रेवाड़ी-फुलेरा रेल मार्ग पर बिछाई जा रही इलेक्ट्रिक रेल लाइन के पूरा होने में अभी लोगों को थोड़ा इंतजार करना होगा। इस रेलमार्ग पर मार्च 2016 तक काम पूरा हो जाना चाहिए था, मगर अभी फरवरी में यह काम निजामपुर तक ही पहुंचा है। अगस्त-सितंबर माह में रेवाड़ी से शुरू हुआ यह काम अभी केवल 62 किलोमीटर की ही दूरी तय कर पाया है। अभी 152 किलोमीटर की दूरी करना तय करना शेष है। ऐसे में इस काम में अभी आठ से दस महीने ओर लग सकते हैं।
दिल्ली से अहमदाबाद तक की रेलवे लाइन का विद्युतीकरण होना है। इसके तहत रेवाड़ी तक पहले ही विद्युतीकरण लाइन का किया हुआ है। अब अगस्त माह में रेवाड़ी से फुलेरा तक के पहले चरण का कार्य रेलवे द्वारा शुरू किया गया था, जो मार्च 2016 में पूरा होना था, मगर यह कार्य बड़ी ही धीमी गति से चल रहा है तथा पांच माह के समय में यह काम केवल 62 किलोमीटर तक चलकर निजामपुर तक ही पहुंचा है। निजामपुर से आगे फुलेरा की दूरी करीब 152 किलोमीटर तक रह जाती है। ऐसे में इस काम को 152 किलोमीटर तक तय करने में करीब आठ से दस माह लग जाएंगे तथा लोगों को आठ से दस माह तक फास्ट ट्रेन में बैठने के लिए इंतजार करना होगा।
214 किलोमीटर में 29 स्टेशन रेवाड़ी से फुलेरा की दूरी 214 किलोमीटर है। इसके बीच 29 रेलवे स्टेशन आते हैं। कार्य का निरीक्षण करने के लिए जयपुर मंडल के डिवीजन इंजीनियर एके सक्सेना भी यहां का दौरा कर चुके हैं।
निजामपुर के आसपास खोदे जा रहे गड्ढे फिलहाल ओवर हेड इक्यूपमेंट यानी पिल्लर लगाने के लिए लाइन के किनारों पर गड्ढे खोदे जा रहे हैं। इन गड्ढों में आरसीसी बेस तैयार करके पिल्लर खड़े किए जाएंगे। जिस पर एलिवेटेड लीवर के 11 मीटर ऊंचे खंभे लगाए जाएंगे। यह पूरा हो जाने के बाद तो काम तेजी से कंपलीट होगा। मार्च 2016 तक इस संपूर्ण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
घटेगा खर्चा, कम होगा प्रदूषण, बढ़ेगी स्पीड नारनौल के स्टेशन अधीक्षक महेंद्र कुमार का कहना है कि लाइन के विद्युतीकरण होने का सबसे अधिक लाभ यह होगा कि वायु और ध्वनि प्रदूषण नहीं होगा। इसके लिए विश्व भर में जोर-शोर से अभियान चलाया जा रहा है। डीजल का खर्च भी बंद हो जाएगा। जो बिजली की तुलना में कई गुणा अधिक होता है। विद्युतीकरण होने पर मार्च पर ट्रेनों की स्पीड 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी। वर्तमान समय में ट्रेनों की स्पीड 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटा है।
काठूवास में बनेगा 132 केवी सब स्टेशन लाइन के विद्युतीकरण के साथ-साथ काठूवास रेलवे स्टेशन के समीप 132 केवीए सब स्टेशन भी बनाया जाएगा। यह पावर स्टेशन 60 बाई 100 वर्ग मीटर में लगाया जाएगा। इससे रेल लाइन को बिजली आपूर्ति की जाएगी। यही नहीं काठूवास में राजस्थान सरकार की ओर से कंटेनर डिपो भी बनाया गया है। इसका लाभ भी मिलेगा।
हर रोज गुजरती है करीब 80 मालगाड़ियां रेवाड़ी-फुलेरा रेलवे ट्रैक पर हर रोज औसतन 80 मालगाड़ियां गुजरती है। इनके अलावा 3 पैसेंजर ट्रेन अप-डाउन, चेतक एक्सप्रेस डेली, बांद्रा-चंडीगढ़ सप्ताह में दो दिन, बांद्रा-दिल्ली एक्सप्रेस सप्ताह में एक दिन, अजमेर से हजरत निजामुद्दीन जन शताब्दी एक्सप्रेस सप्ताह में दो दिन चलती है।
2019 में पूरा होगा रेल फ्रेट कॉरिडोर गुजरात से दिल्ली तक बनने वाले रेल फेट कारिडोर का कार्य भी तेजी से चल रहा है। इसके चलते रेवाड़ी से फुलेरा के बीच अर्थ वर्क का कार्य करीब-करीब पूरा हो गया है। मेन कार्य अर्थ वर्क ही होता है। इसके बाद तो कार्य तेजी से चलता है। वर्ष 2014 में आरंभ हुए इस कार्य को वर्ष 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस तेज गति से कार्य चल रहा है। उससे लगता है कि काम निर्धारित समय में पूरा हो जाएगा।
निजामपुर पहुंचा पोल लगाने का काम रेलवे की ओर से लाइन के विद्युतिकरण को लेकर पोल लगाने का काम रेवाड़ी से शुरू होकर काठुवास और अटेली होते हुए नारनौल होते हुए निजामपुर के आसपास पहुंच गया है।
रेवाड़ी-फुलेरा रेल लाइन को विद्युतीकरण करने का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत निजामपुर तक पोल लगाने का कार्य किया जा रहा है। जल्द ही यह कार्य पूरा हो जाएगा। -महेंद्र सिंह, स्टेशन अधीक्षक, नारनौल
दिल्ली से अहमदाबाद तक विद्युतीकरण का कार्य होना है। इसके लिए मार्च 2016 डारगेट रखा गया था, मार्च तक यह कार्य पूरा नहीं हो पाएगा। इसके लिए अब समय बढ़ा दिया गया है तथा लोगों को थोड़ा और इंतजार करना होगा। -रविराज मीणा, स्टेशन मास्टर, अटेली मंडी