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Haryana: नारनौल में आए भूकंप के झटके, तिगरा रहा केंद्र; डर के कारण लोग मकान और दुकानों से बाहर निकले
Fri, 23 Aug 2024 10:52 AM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Fri, 23 Aug 2024 10:52 AM IST
सार
दिल्ली-एनसीआर में आए भूकंप का मुख्य कारण प्लेट टेक्टोनिक्स प्रकिया ही है।महेंद्रगढ़-देहरादून फाल्ट लाइन पर महेंद्रगढ़ जिले से कुछ हिस्सा रेवाड़ी, झज्झर व रोहतक होते हुए पानीपत और इसके बाद उत्तराखंड में देहरादून तक के शहर आते हैं।
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नारनौल के गांवों में भूकंप के झटके महसूस किए
- फोटो : संवाद
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विस्तार
नारनौल सहित आसपास के गांवों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप का केंद्र नारनौल के तिगरा गांव रहा, जहां सुबह 9.16 मिनट 38 सेकेंड पर झटके महसूस किया गया। इस भूकंप की तीव्रता 3.0 मैग्नीट्यूड रही। जब भूकंप आया तो आमजन में डर का माहौल बन गया, जिसकी वजह से लोग अपने मकान और दुकानों से बाहर आ गए। हालांकि अभी तक किसी जान माल की हानि का कोई समाचार नहीं मिला है।
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राजकीय महाविद्यालय नारनौल के मौसम विशेषज्ञ और भूगोल विद डॉ. चंद्र मोहन ने बताया कि केंद्र नारनौल के पास 28.12 अक्षांश और देशांतर 76.21 में तिगरा गांव रहा है। इस भूकंप की तीव्रता 3.0 मैग्नीट्यूड रही और धरती के अंदर 10 किलोमीटर गहराई रही है। भूकंप से किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
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दिल्ली-एनसीआर में आए भूकंप का मुख्य कारण प्लेट टेक्टोनिक्स प्रकिया ही है।महेंद्रगढ़-देहरादून फाल्ट लाइन पर महेंद्रगढ़ जिले से कुछ हिस्सा रेवाड़ी, झज्झर व रोहतक होते हुए पानीपत और इसके बाद उत्तराखंड में देहरादून तक के शहर आते हैं। दिल्ली एनसीआर में पांच फाल्ट लाइन हैं। इनमें महेंद्रगढ़-देहरादून, दिल्ली-मुरादाबाद, दिल्ली-सरगौधा रिज और दिल्ली-हरिद्वार रिज शामिल है। इन फाल्ट लाइन में ही जमीन की अंदरूनी प्लेट आपस में टकराती है और हलचल पैदा होती है। महेंद्रगढ़ जिले की बात करें तो इस क्षेत्र में कई प्रकार की प्राकृतिक आपदाएं आने की आशंका रहती है।
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