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Mahendragarh-Narnaul News: चालक की कमी से बसों का संचालन प्रभावित, यात्री परेशान
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फोटो नंबर- 04नारनौल डिपो पर खड़ी बस। संवाद
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नारनौल। नारनौल डिपो लंबे समय से चालक व परिचालक की कमी से जूझ रहा है। इस समय करीब 31 प्रतिशत चालक और करीब 10 प्रतिशत परिचालक की कमी बनी हुई है।
नारनौल डिपो में बसों की संख्या और यात्रियों के आवागमन के अनुसार करीब 275 चालक व करीब 271 परिचालक की आवश्यकता है लेकिन नारनौल डिपो में केवल 191 चालक और 251 परिचालक ही कार्यरत है।
बसों के संचालन में भी समस्या बनी रहती है और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। चालक की कमी के कारण अधिकतर चालक को निर्धारित किमी से ज्यादा बस का संचालन करना पड़ता है। संवाद
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191 चालक में से 161 ही चला रहे बस
नारनौल डिपो में 191 चालक कार्यरत हैं लेकिन केवल 161 चालक ही बस चलाने का कार्य कर रहे हैं। 30 चालक में से कुछ बीमारी से जूझ रहे हैं और बस चलाने में असमर्थ है। वहीं कुछ चालकों की ड्यटी ट्रेनिंग में, फ्लाइंग में, अधिकारियों की गाड़ी चलाने में और आरटीए दफ्तर में लगाई गई है। 161 चालक में से प्रतिदिन रोटेशन के अनुसार केवल 135 चालक ही ऑन रूट रहते हैं और 26 चालक अवकाश पर रहते हैं। एक चालक को प्रतिदिन 100 से 120 किमी अतिरिक्त बस का संचालन करना पड़ता है।
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कई बार निर्धारित रूट पर संचालित बस को किया जाता है रद्द
चालकों की कमी के कारण कई बार लंबे रूट पर संचालित बसें निर्धारित समय पर संचालित नहीं हो पाती और बसों के संचालन को रद्द किया जाता है। जानकारी के अनुसार नारनौल डिपो में 138 रोडवेज बस संचालित है। इसमें करीब 80 बसों का संचालन दिल्ली, जयुपर, चंडीगढ़, अमृतसर, झुंझुनू, अलवर, सहित अन्य लंबे रूटों पर किया जाता है। करीब 58 बसों का संचालन छोटे व ग्रामीण रूट पर संचालन किया जाता है।
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अवकाश पर गए कर्मचारियों को बुलाया जाता है कार्य पर
चालकों की कमी के कारण बस का संचालन बनाए रखने के लिए चालकों को कार्य पूर्ण होने के बाद भी अतिरिक्त कार्य करना पड़ता है। कई बार तो अवकाश पर गए चालकों को भी वापस काम पर बुलाया जाता है। इस कारण कई बार बस के संचालन के लिए ड्यूटी लगाए जाने को लेकर कर्मचारियों में आपसी विवाद भी देखने को मिला है।
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नांगल चौधरी से दिल्ली के लिए संचालित बस को किया गया था रद्द
एक माह पहले स्टाफ की कमी के कारण नांगल चौधरी से दिल्ली के लिए संचालित बस को रद्द किया गया था। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। हालांकि, यात्रियों की मांग पर दोबारा संचालन शुरू किया गया।
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वर्जन :
आवश्यकता अनुसार स्टाफ की कमी को लेकर उच्च विभाग को अवगत करवाया गया है। उम्मीद है जल्द ही चालक व परिचालक की नियुक्ति की जाएगी। -देवदत्त, महाप्रबंधक, नारनौल डिपो।
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नारनौल डिपो में बसों की संख्या और यात्रियों के आवागमन के अनुसार करीब 275 चालक व करीब 271 परिचालक की आवश्यकता है लेकिन नारनौल डिपो में केवल 191 चालक और 251 परिचालक ही कार्यरत है।
बसों के संचालन में भी समस्या बनी रहती है और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। चालक की कमी के कारण अधिकतर चालक को निर्धारित किमी से ज्यादा बस का संचालन करना पड़ता है। संवाद
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191 चालक में से 161 ही चला रहे बस
नारनौल डिपो में 191 चालक कार्यरत हैं लेकिन केवल 161 चालक ही बस चलाने का कार्य कर रहे हैं। 30 चालक में से कुछ बीमारी से जूझ रहे हैं और बस चलाने में असमर्थ है। वहीं कुछ चालकों की ड्यटी ट्रेनिंग में, फ्लाइंग में, अधिकारियों की गाड़ी चलाने में और आरटीए दफ्तर में लगाई गई है। 161 चालक में से प्रतिदिन रोटेशन के अनुसार केवल 135 चालक ही ऑन रूट रहते हैं और 26 चालक अवकाश पर रहते हैं। एक चालक को प्रतिदिन 100 से 120 किमी अतिरिक्त बस का संचालन करना पड़ता है।
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कई बार निर्धारित रूट पर संचालित बस को किया जाता है रद्द
चालकों की कमी के कारण कई बार लंबे रूट पर संचालित बसें निर्धारित समय पर संचालित नहीं हो पाती और बसों के संचालन को रद्द किया जाता है। जानकारी के अनुसार नारनौल डिपो में 138 रोडवेज बस संचालित है। इसमें करीब 80 बसों का संचालन दिल्ली, जयुपर, चंडीगढ़, अमृतसर, झुंझुनू, अलवर, सहित अन्य लंबे रूटों पर किया जाता है। करीब 58 बसों का संचालन छोटे व ग्रामीण रूट पर संचालन किया जाता है।
अवकाश पर गए कर्मचारियों को बुलाया जाता है कार्य पर
चालकों की कमी के कारण बस का संचालन बनाए रखने के लिए चालकों को कार्य पूर्ण होने के बाद भी अतिरिक्त कार्य करना पड़ता है। कई बार तो अवकाश पर गए चालकों को भी वापस काम पर बुलाया जाता है। इस कारण कई बार बस के संचालन के लिए ड्यूटी लगाए जाने को लेकर कर्मचारियों में आपसी विवाद भी देखने को मिला है।
नांगल चौधरी से दिल्ली के लिए संचालित बस को किया गया था रद्द
एक माह पहले स्टाफ की कमी के कारण नांगल चौधरी से दिल्ली के लिए संचालित बस को रद्द किया गया था। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। हालांकि, यात्रियों की मांग पर दोबारा संचालन शुरू किया गया।
वर्जन :
आवश्यकता अनुसार स्टाफ की कमी को लेकर उच्च विभाग को अवगत करवाया गया है। उम्मीद है जल्द ही चालक व परिचालक की नियुक्ति की जाएगी। -देवदत्त, महाप्रबंधक, नारनौल डिपो।