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Mahendragarh-Narnaul News: शिक्षा से साहित्य तक हिंदी के संवर्धन में जुटे डॉ. पंकज गौड़
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फोटो 6डॉ. पंकज गौड़।
नारनौल। डॉ. पंकज गौड़ हिंदी भाषा के संवर्धन, विकास और संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने वाले शिक्षाविद्, साहित्यकार और कवि हैं। उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल की उपस्थिति में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। वर्तमान में वे धौलेड़ा के सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। शिक्षा और हिंदी सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें 50 से अधिक बार सम्मानित किया जा चुका है।
डॉ. गौड़ ने कमलेश्वर के चर्चित उपन्यास ‘’कितने पाकिस्तान’’ पर लघु शोध प्रबंध लिखा। उन्होंने ‘’साठोत्तरी हिंदी उपन्यासों में व्यंग्य विमर्श और मूल्यांकन’’ विषय पर पीएचडी की। गौड़ एक यशस्वी कवि के साथ-साथ प्रभावशाली मंच संचालक के रूप में भी जाने जाते हैं।
उन्होंने जिलास्तरीय गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव सहित कई राष्ट्रीय व राजकीय कार्यक्रमों में मंच संचालन किया है। कुमार विश्वास, सुरेंद्र शर्मा और बाबा रामदेव जैसी विभूतियों की मौजूदगी में भी उन्होंने मंच संभाला है। संवाद
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डॉ. गौड़ ने कमलेश्वर के चर्चित उपन्यास ‘’कितने पाकिस्तान’’ पर लघु शोध प्रबंध लिखा। उन्होंने ‘’साठोत्तरी हिंदी उपन्यासों में व्यंग्य विमर्श और मूल्यांकन’’ विषय पर पीएचडी की। गौड़ एक यशस्वी कवि के साथ-साथ प्रभावशाली मंच संचालक के रूप में भी जाने जाते हैं।
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उन्होंने जिलास्तरीय गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव सहित कई राष्ट्रीय व राजकीय कार्यक्रमों में मंच संचालन किया है। कुमार विश्वास, सुरेंद्र शर्मा और बाबा रामदेव जैसी विभूतियों की मौजूदगी में भी उन्होंने मंच संभाला है। संवाद
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