{"_id":"6a4d43751b1378461907df18","slug":"dr-neeraj-karn-singh-assistant-professor-at-hknv-receives-nagari-sevi-samman-narnol-news-c-203-1-mgh1006-127998-2026-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: हकेंवि के सहायक आचार्य डॉ. नीरज कर्ण सिंह को मिला नागरी सेवी सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: हकेंवि के सहायक आचार्य डॉ. नीरज कर्ण सिंह को मिला नागरी सेवी सम्मान
Tue, 07 Jul 2026 11:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 07 Jul 2026 11:50 PM IST
विज्ञापन
फोटो संख्या:-55 हकेंवि में कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार नीरज कर्ण सिंह को प्राप्त सम्मान प्रदान
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के सहायक आचार्य और विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नीरज कर्ण सिंह को राष्ट्रीय नागरी सेवी सम्मान मिला है।
यह सम्मान उनको नागरी लिपि के प्रचार-प्रसार एवं संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए नागरी लिपि परिषद नई दिल्ली व बेंगलुरू हिंदी अकादमी बेंगलुरू की ओर से 50वें राष्ट्रीय नागरी लिपि अधिवेशन में प्रदान किया गया।
सम्मान समारोह 21 जून 2026 को बेंगलुरू में आयोजित किया गया और इसमें देशभर के भाषाविदों, शिक्षाविदों व साहित्यकारों ने भाग लिया। उस दौरान डॉ. नीरज कर्ण सिंह को अवाॅर्ड देने की घोषणा की गई और अब यह अवाॅर्ड परिषद व अकादमी की ओर से प्रदान किया गया है।
विज्ञापन
डॉ. नीरज कर्ण सिंह नागरी लिपि को विश्व स्तर पर स्थापित करने के लिए काफी सालों से संवर्धन कर रहे हैं। अब उन्होंने लिपि में संवर्धन कर मान्यता दिलाने और राष्ट्रीय लिपि घोषित करने के लिए प्रयास किया है।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षक राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपलब्धियों से संस्थान की प्रतिष्ठा को बढ़ा रहे हैं। डॉ. नीरज भविष्य में भी नागरी लिपि, हिंदी भाषा व भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।
इस सम्मान पर समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा, डीन अकादमिक प्रो. पवन मौर्य, पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. संतोष कुमार, राजभाषा अधिकारी भूपेंद्र प्रताप सिंह व सहायक कुलसचिव डॉ. अमित कुमार ने डॉ. नीरज को बधाई दी।
विज्ञापन
यह सम्मान उनको नागरी लिपि के प्रचार-प्रसार एवं संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए नागरी लिपि परिषद नई दिल्ली व बेंगलुरू हिंदी अकादमी बेंगलुरू की ओर से 50वें राष्ट्रीय नागरी लिपि अधिवेशन में प्रदान किया गया।
विज्ञापन
सम्मान समारोह 21 जून 2026 को बेंगलुरू में आयोजित किया गया और इसमें देशभर के भाषाविदों, शिक्षाविदों व साहित्यकारों ने भाग लिया। उस दौरान डॉ. नीरज कर्ण सिंह को अवाॅर्ड देने की घोषणा की गई और अब यह अवाॅर्ड परिषद व अकादमी की ओर से प्रदान किया गया है।
विज्ञापन
डॉ. नीरज कर्ण सिंह नागरी लिपि को विश्व स्तर पर स्थापित करने के लिए काफी सालों से संवर्धन कर रहे हैं। अब उन्होंने लिपि में संवर्धन कर मान्यता दिलाने और राष्ट्रीय लिपि घोषित करने के लिए प्रयास किया है।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षक राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपलब्धियों से संस्थान की प्रतिष्ठा को बढ़ा रहे हैं। डॉ. नीरज भविष्य में भी नागरी लिपि, हिंदी भाषा व भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।
इस सम्मान पर समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा, डीन अकादमिक प्रो. पवन मौर्य, पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. संतोष कुमार, राजभाषा अधिकारी भूपेंद्र प्रताप सिंह व सहायक कुलसचिव डॉ. अमित कुमार ने डॉ. नीरज को बधाई दी।