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Mahendragarh-Narnaul News: रोज 10 लोगों को काट रहे कुत्ते, छह माह में 1960 पहुंचे अस्पताल

Mon, 06 Jul 2026 11:38 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2026 11:38 PM IST
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Dogs biting 10 people daily; 1,960 reached hospitals in six months.
फोटो नंबर- 12मोहल्ला मियां की सराय में आपस में लड़ते कुत्ते। संवाद
नारनौल। शहर और आसपास के गांवों में आवारा कुत्तों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। क्षेत्रों में रोज औसतन 10 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि छह महीनों में 1960 लोगों ने रेबीज से बचाव के लिए टीका लगवाया है।
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आवारा कुत्ते न सिर्फ लोगों पर हमला कर रहे हैं, बल्कि सड़क पर चल रहे दोपहिया और अन्य वाहनों के पीछे भी दौड़ पड़ते हैं। इससे सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।
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नगर परिषद ने जनवरी में आवारा कुत्तों को पकड़कर उनका बधियाकरण किया गया और एंटी रेबीज टीके लगाए गए। इस दौरान करीब 1550 कुत्तों का टीकाकरण और बधियाकरण किया गया था लेकिन यह अभियान ज्यादा समय तक नहीं चल सका।
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इसके बाद जिस एजेंसी को यह काम दिया गया था, उसका टेंडर खत्म हो गया और उसके बाद से यह काम बंद पड़ा है। अब न तो कुत्तों को पकड़ा जा रहा है और न ही उनका टीकाकरण हो रहा है।
जिले में अनुमानित 10 से 11 हजार आवारा कुत्ते हैं लेकिन इनमें से सिर्फ लगभग 10 प्रतिशत को ही टीका लग पाया है। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब है जहां अब तक कोई ठोस अभियान शुरू नहीं हुआ है।

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रेबीज टीकाकरण पर एक नजर
माह कितने लोगों को लगे टीके
जनवरी 317
फरवरी 360
मार्च 305
अप्रैल 332
मई 319
जून 327
बॉक्स
मोहल्ले में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ गई है। कुत्ते आपस में लड़ते हैं और वाहनों के पीछे दौड़ते हैं जिससे लोग डरकर तेज रफ्तार में वाहन चलाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। -बुधराम, मोहल्ला काठ मंडी
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किस्से-कहानियों में कुत्ते की वफादारी का बातें मिलती हैं और कई लोग आवारा कुत्तों को रोटियां भी डालते हैं लेकिन आज बढ़ते काटने के मामलों को देखते हुए स्थिति चिंताजनक हो गई है। -सुरेंद्र गोयल, मोहल्ला रेलवे रोड
वर्जन
कुत्ते के काटने से सबसे गंभीर और जानलेवा बीमारी रेबीज होती है। इसके अलावा, घाव में बैक्टीरिया के संक्रमण से टिटनेस या सेप्सिस होने का खतरा भी रहता है। इसलिए आमजन से अपील है कि कुत्ते के काटने पर तुरंत प्रभाव से रेबीज के टीके लगवाने चाहिए।-डॉ. सरजीत, आरएमओ, नागरिक अस्पताल, नारनौल

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वर्जन :

1550 कुत्तों को एंटी रेबीज टीके लगाने व बधियाकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे पूरा कर लिया गया है। जिस एजेंसी द्वारा कार्य किया जा रहा था, उसकी अवधि समाप्त हो चुकी है।-विकास, जेई, नगर परिषद, नारनौल
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