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पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर कृषि विभाग ने सरसों के बीज का नि:शुल्क वितरण किया शुरू
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किसानों को सरसों के बीज वितरित करते हुए कृषि अधिकारी-
- फोटो : Narnol
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महेंद्रगढ़। कृषि विभाग द्वारा सोमवार से किसानों को सरसों के नि:शुल्क बीज उपलब्ध कराने शुरू कर दिए हैं। किसान अपने आधार कार्ड की फोटो प्रति लेकर विभाग के कार्यालयों से बीज प्राप्त कर सकते हैं। किसानों के लिए विभाग द्वारा सरसों की पीएम-31, सीएस-56 और आरएच-749 वैरायटी का बीज उपलब्ध किया गया है।
उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. अजय यादव ने बताया कि महेंद्रगढ़ और कनीना खंड के सभी एडीओ मुख्यालयों पर अब सरसों की बीज उपलब्ध रहेगा। सोमवार से वितरण कार्य शुरू किया जा चुका है। सरसों की फसल तेल वाली फसल है इसलिए किसान यदि डीएपी खाद की बजाए सिंगल सुपर फास्फेट इस्तेमाल करें तो पैदावार बढ़ा सकते हैं। इससे फास्फोरस के साथ-साथ हमें सल्फर भी उपलब्ध हो जाती है।
- इन वैरायटी के लिए देना होगा शुल्क
कृषि विशेषज्ञ डॉ. योगेश यादव ने बताया कि सरसों बिजाई का उचित समय 30 सितंबर से 20 अक्तूबर है जबकि विभिन्न वैरायटी की पकने की अवधि और पैदावार अलग है। आएच-725 हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार द्वारा विकसित नवीनतम किस्म है जो की पैदावार में भी अव्वल है। इस किस्म की पकने की अवधि 135 से 145 दिन होती है जोकि एक अगैती किस्म है। बीज कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ में 75 रुपये प्रति किलो के हिसाब से उपलब्ध है। बीज की पैकिंग 3 किलो में उपलब्ध है जिसके लिए किसान को 225 रुपये अदा करने होंगे।
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- इन किस्मों के बीज भी रहेंगे उपलब्ध
कृषि विज्ञान केंद्र में आएच-749 जिसकी पकने की अवधि 145 से 148 दिन है। सीएस 56, यह वैरायटी खारे पानी के लिए उपयुक्त है। इसके अलावा पीएम 3, यह पूसा दिल्ली की वैरायटी है। इस सरसों में तेल की मात्रा सबसे अधिक होती है जोकि हृदय रोगियों के लिए बहुत लाभकारी है।
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उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. अजय यादव ने बताया कि महेंद्रगढ़ और कनीना खंड के सभी एडीओ मुख्यालयों पर अब सरसों की बीज उपलब्ध रहेगा। सोमवार से वितरण कार्य शुरू किया जा चुका है। सरसों की फसल तेल वाली फसल है इसलिए किसान यदि डीएपी खाद की बजाए सिंगल सुपर फास्फेट इस्तेमाल करें तो पैदावार बढ़ा सकते हैं। इससे फास्फोरस के साथ-साथ हमें सल्फर भी उपलब्ध हो जाती है।
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- इन वैरायटी के लिए देना होगा शुल्क
कृषि विशेषज्ञ डॉ. योगेश यादव ने बताया कि सरसों बिजाई का उचित समय 30 सितंबर से 20 अक्तूबर है जबकि विभिन्न वैरायटी की पकने की अवधि और पैदावार अलग है। आएच-725 हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार द्वारा विकसित नवीनतम किस्म है जो की पैदावार में भी अव्वल है। इस किस्म की पकने की अवधि 135 से 145 दिन होती है जोकि एक अगैती किस्म है। बीज कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ में 75 रुपये प्रति किलो के हिसाब से उपलब्ध है। बीज की पैकिंग 3 किलो में उपलब्ध है जिसके लिए किसान को 225 रुपये अदा करने होंगे।
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- इन किस्मों के बीज भी रहेंगे उपलब्ध
कृषि विज्ञान केंद्र में आएच-749 जिसकी पकने की अवधि 145 से 148 दिन है। सीएस 56, यह वैरायटी खारे पानी के लिए उपयुक्त है। इसके अलावा पीएम 3, यह पूसा दिल्ली की वैरायटी है। इस सरसों में तेल की मात्रा सबसे अधिक होती है जोकि हृदय रोगियों के लिए बहुत लाभकारी है।