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Mahendragarh-Narnaul News: बच्चों को पाठ्य सामग्री, स्कूल बैग बांटे
Fri, 05 Sep 2025 01:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 05 Sep 2025 01:33 AM IST
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फोटो 7 संतोष मेमोरियल पुनर्वास तथा शोध केंद्र नारनौल में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रविंद्र गुगनानी
नारनौल। संतोष मेमोरियल दिव्यांगजन एवं पुनर्वास केंद्र नारनौल में वीरवार को रोटेरियन डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रवींद्र गुगनानी ने दौरा किया।
इस अवसर पर रोटरी क्लब पर्पल दिल्ली की अध्यक्षा डॉ. कुसुम अंचल गुप्ता, रोटरी क्लब नारनौल के वरिष्ठ सदस्य प्रवीण संघी आदि उपस्थित रहे। मां के नाम एक पेड़ अभियान के अंतर्गत संस्थान में पौधरोपण किया गया। बच्चों को पाठ्य सामग्री, स्कूल बैग एवं खाद्य पदार्थ वितरित किए गए। रविंद्र गुगनानी ने संस्थान के चेयरमैन मुकेश गुप्ता एवं डॉ. कुसुम अंचल गुप्ता के प्रयासों की प्रशंसा की।
संस्थान के प्राचार्य डॉ. आरएन यादव ने बताया कि यह केंद्र वर्ष 2016 से दिव्यांग बच्चों को शिक्षा, स्पीच थेरेपी, फिजियोथेरेपी एवं पुनर्वास सेवाएं प्रदान कर रहा है। यह संस्थान आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत है। रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त है। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर से संबद्ध है। प्रतिदिन महेंद्रगढ़ जिले के विभिन्न गांवों से बच्चे परिवहन सुविधा के माध्यम से यहां पहुंचकर विशेष शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।
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इस अवसर पर रोटरी क्लब पर्पल दिल्ली की अध्यक्षा डॉ. कुसुम अंचल गुप्ता, रोटरी क्लब नारनौल के वरिष्ठ सदस्य प्रवीण संघी आदि उपस्थित रहे। मां के नाम एक पेड़ अभियान के अंतर्गत संस्थान में पौधरोपण किया गया। बच्चों को पाठ्य सामग्री, स्कूल बैग एवं खाद्य पदार्थ वितरित किए गए। रविंद्र गुगनानी ने संस्थान के चेयरमैन मुकेश गुप्ता एवं डॉ. कुसुम अंचल गुप्ता के प्रयासों की प्रशंसा की।
संस्थान के प्राचार्य डॉ. आरएन यादव ने बताया कि यह केंद्र वर्ष 2016 से दिव्यांग बच्चों को शिक्षा, स्पीच थेरेपी, फिजियोथेरेपी एवं पुनर्वास सेवाएं प्रदान कर रहा है। यह संस्थान आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत है। रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त है। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर से संबद्ध है। प्रतिदिन महेंद्रगढ़ जिले के विभिन्न गांवों से बच्चे परिवहन सुविधा के माध्यम से यहां पहुंचकर विशेष शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।
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