{"_id":"6165d16f8ebc3ea18928a578","slug":"devotees-gathered-in-the-fair-of-chilla-devi-narnol-news-rtk626845913","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुडाना में चिल्ला देवी के मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुडाना में चिल्ला देवी के मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
विज्ञापन
पहाड़ी माता मंदिर के लिए पैदल रवाना भक्तों का जत्था
- फोटो : Narnol
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आकोदा। खुडाना स्थित माता चिल्ला देवी के मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। दो दिन चलने वाले इस मेले में माता के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु दूर दराज से पहुंच मन्नतें मांगते हैं। मान्यता है की जो श्रद्धालु सच्चे मन से माता के दरबार में आता है उसकी हर मनोकामना माता पूरी करती है।
वर्ष में दो बार आयोजित होने वाले इस मेले में नव दंपती गठजोड़ की जात लगवाने के साथ-साथ नवजात शिशु के पहली बार बाल भी यहीं उतरवाते हैं। अरावली पर्वतमाला की एक पर्वत चोटी पर माता चिल्ला देवी का प्राचीन मंदिर है। लगभग डेढ़ किलो मीटर की ऊंचाई चढ़ने के बाद माता का भव्य मंदिर बना हुआ है जिसके अंदर माता की प्राचीन मूर्ति विराजमान है।
निवर्तमान जिला परिषद प्रतिनिधि विक्की खुडाना ने बताया कि माता चिल्ला देवी राजपूतों के तंवर गोत्र की कुलदेवी है। किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले बड़े ही आदर और श्रद्धा पूर्वक माता की पूजा की जाती है। करोना कॉल के कारण बीते वर्ष मेला नहीं लग पाया था। लेकिन अबकी बार मेला प्रबंधक कमेटी और ग्रामीणों ने मेले में बहुत ही अच्छे इंतजाम किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्ष में दो बार आयोजित होने वाले इस मेले में नव दंपती गठजोड़ की जात लगवाने के साथ-साथ नवजात शिशु के पहली बार बाल भी यहीं उतरवाते हैं। अरावली पर्वतमाला की एक पर्वत चोटी पर माता चिल्ला देवी का प्राचीन मंदिर है। लगभग डेढ़ किलो मीटर की ऊंचाई चढ़ने के बाद माता का भव्य मंदिर बना हुआ है जिसके अंदर माता की प्राचीन मूर्ति विराजमान है।
विज्ञापन
निवर्तमान जिला परिषद प्रतिनिधि विक्की खुडाना ने बताया कि माता चिल्ला देवी राजपूतों के तंवर गोत्र की कुलदेवी है। किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले बड़े ही आदर और श्रद्धा पूर्वक माता की पूजा की जाती है। करोना कॉल के कारण बीते वर्ष मेला नहीं लग पाया था। लेकिन अबकी बार मेला प्रबंधक कमेटी और ग्रामीणों ने मेले में बहुत ही अच्छे इंतजाम किए हैं।
विज्ञापन