राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के निर्देश पर गठित की गई टीम को लेकर उपायुक्त अजय कुमार मंगलवार को जिले के विभिन्न क्रशर जोन में पहुंचे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर प्रदूषण से संबंधित हिदायतों के पालन का जायजा लिया। उन्होंने धौलेड़ा, बीगोपुर तथा बायल आदि क्रशर तथा माइनिंग क्षेत्र का निरीक्षण किया।
राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने जिला महेंद्रगढ़ में क्रशर जोन प्रदूषण को लेकर सही वस्तुस्थिति जानने के लिए एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए थे। इस कमेटी में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, आईआईटी दिल्ली, स्वास्थ्य व वन विभागों के अधिकारियों को शामिल करने के निर्देश दिए गए थे। इस टीम की रिपोर्ट के बाद ही यह तय होगा कि भविष्य में कितने क्रशर चालू रहेंगे तथा कितने और को इजाजत दी जाएगी। एनजीटी के निर्देशानुसार यह भी देखा जाएगा कि क्रशर के कारण आसपास रहने वाले नागरिकों को वायु कण से किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा उनके स्वास्थ्य पर कोई विपरीत असर ना पड़े। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के संबंध में आंकड़े मांगे गए थे। इसी प्रकार वन विभाग से ग्रीन बेल्ट से संबंधित जानकारियां मांगी गई थी। साथ ही इन सभी क्रशर जोन में पेड़ पौधों की स्थिति तथा भविष्य की योजना के बारे में जानकारी मांगी गई थी। एनजीटी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए थे कि वह यह सुनिश्चित करे कि सभी स्थानों पर एयर पोलूशन कंट्रोल डिवाइस सही तरीके से काम करे। निरीक्षण के दौरान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सुनील दवे, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक्सईएन मोहित मुदगिल, आईआईटी दिल्ली से हर्षा कोटा के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।