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दो दिन से सरकारी बिक्री केंद्रों पर नहीं पहुंची डीएपी खाद, बैरंग लौट रहे किसान

Mon, 11 Oct 2021 11:36 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 11 Oct 2021 11:36 PM IST
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DAP fertilizers did not reach government sales centers for two days, farmers returning to fight
डीएपी खाद को लेकर लाइन में बैठे किसान। - फोटो : Narnol
नारनौल। खरीफ फसल की कटाई के बाद किसान रबी फसल की बिजाई की तैयारियों में लग गए हैं। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद की आवश्यकता होती है, लेकिन जिले में डीएपी खाद को लेकर मारामारी बढ़ती जा रही है। जिले को डिमांड अनुसार डीएपी नहीं मिल पा रही है। जिससे किसानों को भी पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। किसानों को 2 से 3 डीएपी खाद के बैग ही दिए जा रहे हैं।
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विभागीय सूत्रों की माने तो नारनौल डीएपी बिक्री केंद्र पर शनिवार के बाद से सोमवार तक डीएपी खाद नहीं पहुंची है। वहीं मंगलवार को भी खाद पहुुंचने की कम ही संभावना है। ऐसे में किसानों को खाद के लिए अभी एक दिन और इंतजार करना पड़ेगा। इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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अच्छी पैदावार के लिए किसान बिजाई से पूर्व खेतों में डीएपी खाद डालना चाहते हैं, लेकिन किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद नहीं मिल पा रही है। हालात यह है कि सरकारी बिक्री केंद्रों पर शनिवार के बाद डीएपी खाद ही नहीं पहुंची है। वहीं निजी दुकानों पर भी स्टॉक खत्म हो गया है। कुछ दुकानदारों के पास स्टॉक बचा हुआ है तो वह किसानों जबरन डीएपी खाद के साथ 2 हजार रुपये कीमत की अन्य सामग्री दे रहे हैं। जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि विभागीय अधिकारी जिले में खाद की कोई नहीं बता रहे हैं।
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बिक्री केंद्रों पर दिनभर रही किसानों की भीड़
रविवार को अवकाश होने के कारण सरकारी बिक्री केंद्रों पर डीएपी खरीद के लिए सोमवार को दिनभर किसानों को भारी भीड़ रही, मगर स्टॉक नहीं पहुंचने के कारण लौटना पड़ा। हालांकि बिक्री केंद्रों के कर्मचारी किसानों को डीएपी खाद आने का दिलासा देते रहे, मगर शाम तक भी केंद्रों पर डीएपी खाद नहीं पहुंच पाई थी।
प्रति किसान दिए जा रहे दो बैग
डीएपी खाद की किल्लत इतनी अधिक हो गई है कि अब प्रति किसान को 2 बैग ही डीएपी उपलब्ध करवाई जा रही है। करीब 10-12 दिन पूर्व एक किसान को 8-10 बैग डीएपी खाद के दिए जा रहे थे। मगर जैसे-जैसे डीएपी की मांग बढ़ी तो प्रति किसान 5 बैग कर दिए गए। इसके बाद 3 बैग और अब 2 बैग डीएपी प्रति किसान कर दिए गए है। इस प्रकार जिन किसानों के पास कृषि योग्य जमीन पर वे दो बैग में कैसे आपूर्ति कर पाएंगे। मगर विभागीय अधिकारी जिले में खाद की कोई कमी नहीं होने का दावा कर रहे हैं।
डीएपी के साथ जिप्सम, पोटाश, सल्फर थोप कर दुकानदार कमा रहे मोटा मुनाफा
मंडी अटेली। डीएपी खाद के बैग की कीमत 1200 रुपये निर्धारित की गई है। खाद सरकारी एजेंसियों के अलावा निजी खाद विक्रेताओं ने भी बेचने के लाइसेंस लिए हुए हैं, लेकिन दोनों एजेंसियों के पास इन दिनों खाद नहीं होने से किसान बैरंग लौटने पर मजबूर है। वही कस्बे में कुछ खाद विक्रेता स्टॉक कम खाद होने का बहाना बना कर उसे महंगे रेट पर बेच रहे हैं। कुछ विक्रेता तो डीएपी के साथ जबरदस्ती कर जिप्सम, पोटाश, सल्फर आदि थोप कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। जिससे किसान पर करीब 1 हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
वर्जन
जिले में अब तक 1200 एमटी खाद आ चुका है। इसके अलावा 5910 एमटी की डिमांड भेजी हुई है। इस डिमांड का रैक जल्द ही आने वाला है। रैक लगते ही खोरी रेलवे स्टेशन से जिले में डीएपी खाद की आपूर्ति होगी। प्रशासन कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ अभियान चला रहा है।

- डॉ. संजय, निरीक्षक क्वालिटी कंट्रोल।
- वर्जन
डीएपी खाद की डिमांड विभागीय अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। संभावना है कि एक-दो दिन में डीएपी खाद मिल जाएगी। खाद मिलते ही तुरंत बिक्री केंद्रों पर भिजवाकर किसानों को वितरित करवाई जाएगी।
- राजकुमार, प्रबंधक हैफेड नारनौल।
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