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सिलिंडर फटने से झुलसे दो और मरे
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गांव नूनी शेखपुरा में गैस सिलिंडर फटने से नौ सितंबर को नौ बच्चे व दो महिलाएं समेत 12 झुलस गए थे। इसमें से मरने वालों की संख्या अब चार हो गई है। वीरवार को एक महिला और एक बच्ची की और मौत हो गई। इससे पहले दो बच्चों की उपचार के दौरान मौत हुई थी।
श्रमिक कैलाश ने बताया कि दुर्जन की बेटी रानी (7 ) का भी जयपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई है। इससे पहले दुर्जन के बेटे किशन की मौत हो गई थी। दूसरी ओर छतरपुर मध्यप्रदेश में उपचार के दौरान माया नामक महिला की वीरवार की रात मौत हो गई। इस मामले में नेंसी नामक बच्ची की तीन दिन पहले मौत हो गई थी। श्रमिक भरत ने बताया कि माया दो दिन पहले जयपुर से छतरपुर पहुंची थी। बता दें कि मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के करीब 20 परिवार नूनी शेखपुर गांव में राम निवास सैनी के मकान में किराए पर रहते थे। नौ सितंबर को सभी श्रमिक बच्चों को कमरे पर छोड़कर काम पर गए थे। दोपहर करीब सवा एक कमरे में सिलिंडर फट गया (छोटा सिलिंडर)। आग लगने की सूचना पर राम निवास मौके पर पहुंचा और उसके पीछे बच्चे समेत अन्य भी थे। जैसे ही कमरे के गेट के पास पहुंचा कमरे में जोरदार ब्लॉस्ट हुआ था। इससे नौ बच्चे, दो महिलाए और मकान मालिक झुलस गया थे। हादसे में राम निवास, नेहा पुत्री भरत, रमेश की पुत्री नेंसी, प्रिंस व प्रीति, माया पत्नी भगवान दास, दुर्जन की पत्नी वीनिता व बेटी रानी व किशन, प्रकाश, प्रेमपाल की बेटी पूजा व किरण समेत 12 झुलझ गए थे। उपचार के दौरान पहले दुर्जन के बेटे किशन की मौत हुुई थी,इसके बाद नेंसी की मौत हुई थी।
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श्रमिक कैलाश ने बताया कि दुर्जन की बेटी रानी (7 ) का भी जयपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई है। इससे पहले दुर्जन के बेटे किशन की मौत हो गई थी। दूसरी ओर छतरपुर मध्यप्रदेश में उपचार के दौरान माया नामक महिला की वीरवार की रात मौत हो गई। इस मामले में नेंसी नामक बच्ची की तीन दिन पहले मौत हो गई थी। श्रमिक भरत ने बताया कि माया दो दिन पहले जयपुर से छतरपुर पहुंची थी। बता दें कि मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के करीब 20 परिवार नूनी शेखपुर गांव में राम निवास सैनी के मकान में किराए पर रहते थे। नौ सितंबर को सभी श्रमिक बच्चों को कमरे पर छोड़कर काम पर गए थे। दोपहर करीब सवा एक कमरे में सिलिंडर फट गया (छोटा सिलिंडर)। आग लगने की सूचना पर राम निवास मौके पर पहुंचा और उसके पीछे बच्चे समेत अन्य भी थे। जैसे ही कमरे के गेट के पास पहुंचा कमरे में जोरदार ब्लॉस्ट हुआ था। इससे नौ बच्चे, दो महिलाए और मकान मालिक झुलस गया थे। हादसे में राम निवास, नेहा पुत्री भरत, रमेश की पुत्री नेंसी, प्रिंस व प्रीति, माया पत्नी भगवान दास, दुर्जन की पत्नी वीनिता व बेटी रानी व किशन, प्रकाश, प्रेमपाल की बेटी पूजा व किरण समेत 12 झुलझ गए थे। उपचार के दौरान पहले दुर्जन के बेटे किशन की मौत हुुई थी,इसके बाद नेंसी की मौत हुई थी।
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