बिगड़ रहा समाज का तानाबाना: छोटे शहरों और गांवों में पति को छोड़ बढ़ रहे सहमति संबंध, महिलाओं ने बताया ये कारण
हरियाणा में अब छोटे शहरों और गांवों में मेट्रो सिटी की तरह लिव इन टाइप के मामले बढ़ते जा रहे हैं। काउंसिलिंग में पति के साथ जाने की बजाय महिला दूसरे के साथ रहना पसंद कर रहीं हैं। जानकारी के अनुसार जनवरी से अब तक वन स्टॉप सेंटर सखी में 25 से अधिक मामले सामने आए हैं।
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मेट्रो सिटी में लिव इन टाइप के मामले सुनने में आते थे, लेकिन अब छोटे शहरों के गांवों में भी यह मामले सामने आने लगे हैं। पति के नशे के आदी होने, मारपीट करने और घर चलाने का खर्चा नहीं देने पर महिलाएं ऐसा कदम उठा रही हैं। परिवार में बात न सुनने पर आसपास अपनी बात रखने के लिए महिलाएं कोई साथी ढूंढती हैं। नजदीकियां बढ़ती हैं तो घर से भागने जैसे कदम उठा लेती हैं। पीछे छोटे या बडे़ बच्चे हों, उनकी भी परवाह नहीं करती हैं। परिवार गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाता है। महिला के मिलने पर पति के साथ जाने की बजाय अपने नए साथी के साथ सहमति संबंध में रहने की इच्छाएं जता रही हैं।
शादीशुदा महिलाओं के घर से लापता
वन स्टॉप सेंटर सखी में ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जनवरी से अब तक 25 से अधिक मामले आ चुके हैं। सभी की काउंसिलिंग करने के बाद उनको शेल्टर होम में भेज दिया जाता है। शादीशुदा महिलाओं के घर से लापता होने की स्थिति में परिवार के सदस्य 346 का केस दर्ज करवाते हैं। इसके बाद मिलने पर उनकी काउंसिलिंग सखी सेंटर में करवाई जाती है ताकि महिला परिवार के पास लौट सके, लेकिन अब जो मामले सामने आ रहे हैं, उनमें महिलाएं पति के साथ जाने से साफ मना कर देती हैं। वह पति के साथ जाने की बजाय किसी अन्य के सहमति संबंध में रहने की इच्छा जता रही हैं।
केस-एक- पति परेशान करता था, इसलिए दूसरों से बढ़ीं नजदीकियां
क्षेत्र की एक महिला का पति उसके साथ मारपीट करता था। नशे का आदी था। खर्चा भी नहीं देता था। यह बात जानकार व्यक्ति को बताई। वह उसका सहारा बना तो महिला ने घर छोड़ने जैसा कदम उठा लिया। छोटे-छोटे बच्चों की तरफ भी नहीं देखा। पति ने गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई। एक माह बाद पत्नी किसी और के साथ मिली। केस सखी सेंटर में आया तो महिला ने पति के साथ न जाने की इच्छा जताई। उसने अपने साथी के साथ जाने की बात कही। महिला को शेल्टर होम भेज दिया गया।
केस-दो- 25 साल शादी को हुए, फिर भी दूसरे के साथ जाने की इच्छा जताई
क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला की शादी को 25 साल हो चुके थे। पति नशे का आदी था और आए दिन बच्चों और महिला के साथ मारपीट करता था। इससे वह तंग आ चुकी थी। उसका संबंध किसी अन्य व्यक्ति के साथ हुआ तो उसके साथ चली गई। मिलने पर सखी सेंटर में केस आया तो उसने पति के साथ जाने से मना कर दिया। दोनों बच्चे महिला के सामने रोते-बिलखते रहे, लेकिन उसका मन नहीं पसीजा और उसने अपने साथी के साथ जाने की बात कही। उसे शेल्टर होम भेज दिया गया।
वंदना यादव, इंचार्ज, वन स्टॉप सेंटर, सखी नारनौल
आज के परिवेश में सहमति संबंध के मामले ज्यादा आ रहे हैं। घर से चले जाने के बाद जब महिला वापस मिलती है तो वह पति के साथ जाने की बजाय किसी अन्य व्यक्ति के साथ जाने की बात कहती है। उनकी काउंसिलिंग करवाई जाती है। उनको शेल्टर होम में भी रखा जाता है। कई मामलों में तो महिलाएं बच्चों को भी छोड़ देती हैं। यह समाज के लिए चिंता का विषय है।