{"_id":"580e67044f1c1b944ebc227b","slug":"doctor-examine-female-foeticide-narnaul-machine","type":"story","status":"publish","title_hn":"लिंग जांच में बताया लड़का, छापा पड़ा तो मशीन निकली फर्जी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लिंग जांच में बताया लड़का, छापा पड़ा तो मशीन निकली फर्जी
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Tue, 25 Oct 2016 01:30 AM IST
विज्ञापन
सिविल अस्पताल की टीम ने घर में छापा मारा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिविल अस्पताल की टीम ने शहर के एक घर में छापा मारकर एक व्यक्ति को लिंग जांच करते पकड़ा है। टीम नेे जांच के दौरान आरोपी से फर्जी मशीन, लैपटॉप और अठारह हजार रुपये बरामद किए। स्वास्थ्य विभाग की टीम में भिवानी उप सिविल सर्जन डा. मीना बरबर के अलावा डॉ. सुनील, ड्रग्स -इंस्पेक्टर राकेश दहिया व डॉ. संदीप हुड्डा शामिल थे।
जानकारी के अनुसार भिवानी सिविल अस्पताल की उप सिविल सर्जन को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति महेंद्रगढ़ में अपने घर पर लिंग जांच करता है और उसकी एक दलाल डॉक्टर दादरी में है। इस पर टीम ने अपना जाल बिछाते हुए डिकॉय पेशेंट तैयार किया और दादरी की डॉ. तरुणा से संपर्क करवाया।
डॉ. तरुणा आरोपी के लिए दलाल का काम किया करती थी। 22 अक्तूबर को उनका डिकॉय पेशेंट के साथ यह सौदा 22 हजार में दादरी में तय हुआ था। इसके बाद कुछ दिन का समय डॉ. तरूणा ने उनसे मांगा था। बाद में डा. तरुणा के कहने पर डिकॉय पेशेंट महेंद्रगढ़ बस अड्डे पर पहुंची, जहां पर आरोपी नरेंद्र उनका इंतजार कर रहा था।
विज्ञापन
इसके बाद आरोपी नरेंद्र ने उन्हें अपने साथ लेकर करीब आधे घंटे तक शहर में चक्कर कटवाता रहा और फिर उसे बुद्घराम कालोनी में ले गया। जहां पर उसने अपनी फर्जी मशीन से डिकॉय पेशेंट की फर्जी जांच कर उसे लड़का बता दिया। इसी दौरान पीछा कर रही सिविल अस्पताल भिवानी की टीम ने घर पर छापा मार दिया। रेड के दौरान टीम को फर्जी मशीन व लैपटॉप बरामद हुआ। टीम के साथ गई पुलिस ने जब आरोपी की तलाशी ली तो उसके पास से करीब 18 हजार रूपए बरामद हुए।
हर टेस्ट के बाद दंपति को रिपोर्ट में लड़का ही बताया
शातिर ठग नरेंद्र के दिमाग की ही उपज थी कि उसने लड़के की चाह रखने वालों को एक सबक सिखाते हुए फर्जी टेस्ट करने का अपना पेशा बना लिया। लोग आने लगे तो उसे दुकानदारी चमकने लगी, नरेंद्र के मुताबिक उसने हर टेस्ट के बाद दंपति को रिपोर्ट में लड़का ही बताया।
वर्जन
भिवानी अस्पताल की उप सिविल सर्जन डा. मीना बरबर ने बताया कि उन्हें पता चला था कि महेंद्रगढ़ का एक व्यक्ति अपने मकान में लिंग जांच का धंधा कर रहा है, जिसके लिए पेेशेंट भेजने का काम दादरी की डा. तरूणा कर रही है। उन्होंने डिकॉय पेशेंट के साथ रेड की तो आरोपी की मशीन फर्जी निकली। आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार भिवानी सिविल अस्पताल की उप सिविल सर्जन को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति महेंद्रगढ़ में अपने घर पर लिंग जांच करता है और उसकी एक दलाल डॉक्टर दादरी में है। इस पर टीम ने अपना जाल बिछाते हुए डिकॉय पेशेंट तैयार किया और दादरी की डॉ. तरुणा से संपर्क करवाया।
विज्ञापन
डॉ. तरुणा आरोपी के लिए दलाल का काम किया करती थी। 22 अक्तूबर को उनका डिकॉय पेशेंट के साथ यह सौदा 22 हजार में दादरी में तय हुआ था। इसके बाद कुछ दिन का समय डॉ. तरूणा ने उनसे मांगा था। बाद में डा. तरुणा के कहने पर डिकॉय पेशेंट महेंद्रगढ़ बस अड्डे पर पहुंची, जहां पर आरोपी नरेंद्र उनका इंतजार कर रहा था।
विज्ञापन
इसके बाद आरोपी नरेंद्र ने उन्हें अपने साथ लेकर करीब आधे घंटे तक शहर में चक्कर कटवाता रहा और फिर उसे बुद्घराम कालोनी में ले गया। जहां पर उसने अपनी फर्जी मशीन से डिकॉय पेशेंट की फर्जी जांच कर उसे लड़का बता दिया। इसी दौरान पीछा कर रही सिविल अस्पताल भिवानी की टीम ने घर पर छापा मार दिया। रेड के दौरान टीम को फर्जी मशीन व लैपटॉप बरामद हुआ। टीम के साथ गई पुलिस ने जब आरोपी की तलाशी ली तो उसके पास से करीब 18 हजार रूपए बरामद हुए।
हर टेस्ट के बाद दंपति को रिपोर्ट में लड़का ही बताया
शातिर ठग नरेंद्र के दिमाग की ही उपज थी कि उसने लड़के की चाह रखने वालों को एक सबक सिखाते हुए फर्जी टेस्ट करने का अपना पेशा बना लिया। लोग आने लगे तो उसे दुकानदारी चमकने लगी, नरेंद्र के मुताबिक उसने हर टेस्ट के बाद दंपति को रिपोर्ट में लड़का ही बताया।
वर्जन
भिवानी अस्पताल की उप सिविल सर्जन डा. मीना बरबर ने बताया कि उन्हें पता चला था कि महेंद्रगढ़ का एक व्यक्ति अपने मकान में लिंग जांच का धंधा कर रहा है, जिसके लिए पेेशेंट भेजने का काम दादरी की डा. तरूणा कर रही है। उन्होंने डिकॉय पेशेंट के साथ रेड की तो आरोपी की मशीन फर्जी निकली। आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी है।