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दहेज उत्पीड़न और रेप केस में ठिलाई बरतने में महिला थाना प्रभारी संस्पेंड,डीएसपी को कारण बताओ नोटिस जारी
Updated Thu, 13 Sep 2018 01:06 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। महिला थाना प्रभारी को रेप और दहेज उत्पीड़न के मामले को गंभीरता से ना लेना भारी पड़ गया। पीड़िता इस मामले में आईजी रेवाड़ी श्रीकांत जाधव से मिल कर फरियाद की। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी ने महिला अधिकारी को निलंबित करने आदेश दिया। जिस पर एसपी ने महिला अधिकारी को निलंबित कर दिया गया। दूसरी ओर डीएसपी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। वहीं, आईजी ने महिला थाना प्रभारी का तबादला मेवात के नूहं में कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि गांव डालनवास के एक मामले में महिला थाना प्रभारी मीनाक्षी देवी द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करने पर पीड़ित महिला आईजी के सामने पेश होकर गुहार लगाई थी। जिसके बाद आईजी ने महिला के केस से संबधित फाइल मंगवाकर जांच की। जिसमें महिला थाना प्रभारी मीनाक्षी देवी द्वारा जान-बुझकर केस में देरी करना पाया गया। इस पर आईजी ने पुलिस अधीक्षक को थाना प्रभारी को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए।
आईजी के आदेश की पालना करते हुए पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने तुरंत प्रभाव से महिला थाना प्रभारी मीनाक्षी देवी को सस्पेंड कर दिया है। सूत्रों के अनुसार महिला ने दहेज उत्पीड़न, मारपीट और रेप की धाराओं में ससुर, देवर समेत अन्य पर केस दर्ज कराया था। इस मामले में जांच के बाद रेप की धारा हटा दी गई है। बताया जा रहा है कि इस मामले की जांच डीएसपी ने की थी। इसके बाद रेप की धारा को हटाया गया था। रेप की धारा हटाने और मामले में देरी बरतने पर पीड़िता आईजी के सामने पेश हुई। इसके बाद कार्रवाई की गई। वहीं, महिला थाने के डीसीपी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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नारनौल। महिला थाना प्रभारी को रेप और दहेज उत्पीड़न के मामले को गंभीरता से ना लेना भारी पड़ गया। पीड़िता इस मामले में आईजी रेवाड़ी श्रीकांत जाधव से मिल कर फरियाद की। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी ने महिला अधिकारी को निलंबित करने आदेश दिया। जिस पर एसपी ने महिला अधिकारी को निलंबित कर दिया गया। दूसरी ओर डीएसपी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। वहीं, आईजी ने महिला थाना प्रभारी का तबादला मेवात के नूहं में कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि गांव डालनवास के एक मामले में महिला थाना प्रभारी मीनाक्षी देवी द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करने पर पीड़ित महिला आईजी के सामने पेश होकर गुहार लगाई थी। जिसके बाद आईजी ने महिला के केस से संबधित फाइल मंगवाकर जांच की। जिसमें महिला थाना प्रभारी मीनाक्षी देवी द्वारा जान-बुझकर केस में देरी करना पाया गया। इस पर आईजी ने पुलिस अधीक्षक को थाना प्रभारी को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए।
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आईजी के आदेश की पालना करते हुए पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने तुरंत प्रभाव से महिला थाना प्रभारी मीनाक्षी देवी को सस्पेंड कर दिया है। सूत्रों के अनुसार महिला ने दहेज उत्पीड़न, मारपीट और रेप की धाराओं में ससुर, देवर समेत अन्य पर केस दर्ज कराया था। इस मामले में जांच के बाद रेप की धारा हटा दी गई है। बताया जा रहा है कि इस मामले की जांच डीएसपी ने की थी। इसके बाद रेप की धारा को हटाया गया था। रेप की धारा हटाने और मामले में देरी बरतने पर पीड़िता आईजी के सामने पेश हुई। इसके बाद कार्रवाई की गई। वहीं, महिला थाने के डीसीपी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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