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मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
Updated Wed, 05 Sep 2018 12:51 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। गांव बुचावास निवासी एक मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने निजी अस्पताल के चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों ने बताया कि मरीज की मंगलवार सुबह छह बजे मौत हो गई थी और चिकित्सकों ने करीब नौ बजे उसे रेफर कर दिया। पीड़ित परिजनों ने पुलिस को मामले शिकायत देकर चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था।
मृतक के चचेरे भाई मैनपाल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसके चाचा के लड़के सूरज को दो सितंबर को पेट में दर्द हुआ था। वह इलाज के लिए महेंद्रगढ़ के निजी अस्पताल में आया था। निजी अस्पताल में दो दिन तक दाखिल रहा। मंगलवार सुबह चिकित्सक ने उसको दूसरे निजी अस्पताल में रेफर कर दिया। जहां पर निजी अस्पताल के चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन उसे उप नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ लेकर आए तो वहां पर भी उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल में चिकित्सक ने उन्हें बताया कि उसकी मौत तो तीन घंटे पहले हो चुकी है। पीड़ितों ने बताया कि निजी अस्पताल के चिकित्सक ने सूरज को सुबह 9 बजे रेफर किया था। 10 मिनट वे दूसरे निजी अस्पताल में रुके थे। इसके बाद वे सरकारी अस्पताल में पहुंचे। उनके अनुसार सूरज की मौत लगभग सुबह छह बजे हो चुकी थी।
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तीन बहनों का इकलौता भाई था सूरज
परिजनों ने बताया कि सूरज तीन बहनों पर एक भाई था। एक वर्ष पहले ही उसकी शादी हुई थी। वह खेती बाड़ी का कार्य करता था। घर में कमाने वाला भी सूरज ही था। उसके पिता का एक्सीडेंट होने के कारण वो चल फिर नहीं सकते। माता का कुछ दिनों पहले ही पत्थरी का ऑपरेशन करवाया था।
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महेंद्रगढ़। गांव बुचावास निवासी एक मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने निजी अस्पताल के चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों ने बताया कि मरीज की मंगलवार सुबह छह बजे मौत हो गई थी और चिकित्सकों ने करीब नौ बजे उसे रेफर कर दिया। पीड़ित परिजनों ने पुलिस को मामले शिकायत देकर चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था।
मृतक के चचेरे भाई मैनपाल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसके चाचा के लड़के सूरज को दो सितंबर को पेट में दर्द हुआ था। वह इलाज के लिए महेंद्रगढ़ के निजी अस्पताल में आया था। निजी अस्पताल में दो दिन तक दाखिल रहा। मंगलवार सुबह चिकित्सक ने उसको दूसरे निजी अस्पताल में रेफर कर दिया। जहां पर निजी अस्पताल के चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन उसे उप नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ लेकर आए तो वहां पर भी उसे मृत घोषित कर दिया।
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परिजनों ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल में चिकित्सक ने उन्हें बताया कि उसकी मौत तो तीन घंटे पहले हो चुकी है। पीड़ितों ने बताया कि निजी अस्पताल के चिकित्सक ने सूरज को सुबह 9 बजे रेफर किया था। 10 मिनट वे दूसरे निजी अस्पताल में रुके थे। इसके बाद वे सरकारी अस्पताल में पहुंचे। उनके अनुसार सूरज की मौत लगभग सुबह छह बजे हो चुकी थी।
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तीन बहनों का इकलौता भाई था सूरज
परिजनों ने बताया कि सूरज तीन बहनों पर एक भाई था। एक वर्ष पहले ही उसकी शादी हुई थी। वह खेती बाड़ी का कार्य करता था। घर में कमाने वाला भी सूरज ही था। उसके पिता का एक्सीडेंट होने के कारण वो चल फिर नहीं सकते। माता का कुछ दिनों पहले ही पत्थरी का ऑपरेशन करवाया था।