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सीएम विंडो में शिकायत के बाद एएसआई के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश

Mon, 30 Jul 2018 12:29 AM IST
Updated Mon, 30 Jul 2018 12:29 AM IST
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सीएम विंडो में शिकायत के बाद एएसआई के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
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मंडी अटेली। क्षेत्र के गांव नावदी में दहेज हत्या के एक मामले को लेकर सीएम विंडो में दी शिकायत के बाद तत्कालीन जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी हुए हैं। महिला के मायका पक्ष की तरफ से दहेज हत्या के मामले में अटेली थाना से जांच अधिकारी द्वारा गवाहों के बयान बदलने व धाराओं से छेड़छाड़ के मामले को लेकर सीएम विंडो में शिकायत लगाई गई थी।
उल्लेखनीय है कि गांव नावदी में इसी वर्ष 23 अप्रैल को एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। लेकिन मृतका के मायका पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष के पति सहित चार लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज करवाया था। मामले की तहकीकात करने के लिए एएसआई अरुण कुमार को जांच अधिकारी बनाया गया था। इसमें जांच के बाद महिला के ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ था। लेकिन जांच अधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई से असंतुष्ट मायका पक्ष के लोगों ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर सीएम विंडो में जांच अधिकारी के खिलाफ शिकायत लगाकर न्याय की गुहार लगाई थी।
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शिकायतकर्ता द्वारा सीएम विंडो में दी शिकायत में बताया कि पुलिस ने गवाहों और धाराओं को लेकर दस्तावेजों में फेरबदल किया था। इसी से असंतुष्ट होकर सीएम विंडो में शिकायत की थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग द्वारा उपरोक्त मामले की दोबारा जांच की गई और जांच अधिकारी द्वारा तथ्यों के साथ छेड़छाड़ व गवाहों के गलत बयान कलम बंद करना पाया गया। जिस पर पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए जांच अधिकारी एएसआई अरुण कुमार के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने की सिफारिश की गई है।
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महिला के मायका पक्ष ने मृतका के पति प्रदीप, ससुर रामौतार, सास बिमला व जेठानी मुनेश के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज करवाया था। अटेली पुलिस ने 23 अप्रैल को विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान अभियोग की पुलिस फाइल व चालान रिपोर्ट धारा आईपीसी 173 का भी अवलोकन किया गया। जांच में महिला के पिता सहित तीन लोगों के बयान कलमबंद किए गए। इनमें ससुराल पक्ष के चार लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज करवाया गया। लेकिन बाद में जांच अधिकारी ने धाराओं के साथ छेड़छाड़ करके व महिला के मायका पक्ष की तरफ से दिए बयानों को बदलकर मृतका की सास, ससुर व जेठानी को निर्दोष दिखा दिया। जिस पर कार्रवाई करते हुए मृतक महिला के मायका पक्ष की तरफ से उपरोक्त मामले की दोबारा जांच करने व तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करने वाले जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सीएम विंडो में शिकायत लगाई गई थी।
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