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वैज्ञानिक से बीमा के 12 लाख वापस करने का झांसा देकर सात लाख रुपये ठगे
Updated Wed, 07 Nov 2018 12:40 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। शहर के एक वैज्ञानिक से बीमा के 12 लाख रुपये वापस करने का झांसा देकर करीब सवा सात लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर सिटी थाना पुलिस ने सोमवार को चार नामजद समेत अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में मूलरूप से मऊ, उत्तर प्रदेश निवासी राम अवध ने बताया कि वह राम नगर कॉलोनी रहते है और परमाणु उर्जा विभाग नसीबपुर में वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत है। पीड़ित ने बताया कि एचडीएफसी लाईफ कंपनी से बीमा कराया था। जिसका बोनस व पैसे मिलने थे। पीड़ित के अनुसार केके महाजन व डीबी भटनागर का 16 अप्रैल को फोन आया। आरोपियों ने अपने आप को इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी का कर्मचारी बताया। आरोपियों ने पीड़ित से कहा कि बीमा के 12 लाख वापस लेने के लिए 70 हजार रुपये पहले जमा कराने होंगे। इसके बाद 72 घंटे में पैसे खाते में ट्रांसफर हो जाएंगे।
पीड़ित ने पहले उनकी बातों को अनसुना कर दिया। इसके बाद 18 अप्रैल को आरोपियों का दोबारा फोन आया और पीड़ित के व्हाट्सअप पर एचडीएफसी रिठाला नई दिल्ली द्वारा प्रोविडेंट फंड ट्रांसफर लेटर भेजा। पीड़ित को लेटर पर विश्वास नहीं हुआ और पैसे देने से मना कर दिया। इसके बाद भी आरोपियों के कई बार फोन आया और कहा कि पैसे नहीं लेंगे तो चैरिटी को चला जायेगा। 29 मई को फोन आया कि पैसे रोकने के लिए पहले दस हजार व 60 हजार जमा कराने के लिए कहा। जिसमें से एक हजार रुपये प्रोसेसिंग फीस लेकर 72 घंटे में 12 लाख और 69 हजार खाते में भेजने की बात कही। पीड़ित आरोपियों के झांसे में आकर 70 हजार रुपये जमा करा दिया। इसके बाद आरोपी प्रोसेसिंग फीस, कंप्यूटर एरर, एजेंट कोड जैसे कई बहाने लगाकर आरोपी से 30 जुलाई तक कई बार में कुल 7,27,247 रुपये ले लिए।
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इसके बाद भी पीड़ित को पैसे नहीं मिले। तीन अगस्त को पीड़ित के पास फिर फोन आया और 69 हजार रुपये जमा कराने कहा। जिस पीड़ित को शक हो गया और पैसे जमा नहीं कराए। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी मोबाइल बंद कर दिया। जिसके बाद पीड़ित ने शिकायत एसपी नारनौल व आईजी रेवाड़ी को दी। पुलिस की कार्रवाई न होने पर जिले की एक कोर्ट में इस्तगासा दायर किया। कोर्ट के आदेश पर सिटी थाना पुलिस ने सोमवार को केके महाजन, डीबी भटनागर, दिवाकर चौधरी, नेहा श्रीवास्तव व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। आरोपी बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण के अधिकारी व मैनेजर बनकर पीड़ित से धोखाधड़ी की। सिटी थाना प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों के मोबाइल नंबर की डिटेल ली जाएगी।
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नारनौल। शहर के एक वैज्ञानिक से बीमा के 12 लाख रुपये वापस करने का झांसा देकर करीब सवा सात लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर सिटी थाना पुलिस ने सोमवार को चार नामजद समेत अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में मूलरूप से मऊ, उत्तर प्रदेश निवासी राम अवध ने बताया कि वह राम नगर कॉलोनी रहते है और परमाणु उर्जा विभाग नसीबपुर में वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत है। पीड़ित ने बताया कि एचडीएफसी लाईफ कंपनी से बीमा कराया था। जिसका बोनस व पैसे मिलने थे। पीड़ित के अनुसार केके महाजन व डीबी भटनागर का 16 अप्रैल को फोन आया। आरोपियों ने अपने आप को इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी का कर्मचारी बताया। आरोपियों ने पीड़ित से कहा कि बीमा के 12 लाख वापस लेने के लिए 70 हजार रुपये पहले जमा कराने होंगे। इसके बाद 72 घंटे में पैसे खाते में ट्रांसफर हो जाएंगे।
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पीड़ित ने पहले उनकी बातों को अनसुना कर दिया। इसके बाद 18 अप्रैल को आरोपियों का दोबारा फोन आया और पीड़ित के व्हाट्सअप पर एचडीएफसी रिठाला नई दिल्ली द्वारा प्रोविडेंट फंड ट्रांसफर लेटर भेजा। पीड़ित को लेटर पर विश्वास नहीं हुआ और पैसे देने से मना कर दिया। इसके बाद भी आरोपियों के कई बार फोन आया और कहा कि पैसे नहीं लेंगे तो चैरिटी को चला जायेगा। 29 मई को फोन आया कि पैसे रोकने के लिए पहले दस हजार व 60 हजार जमा कराने के लिए कहा। जिसमें से एक हजार रुपये प्रोसेसिंग फीस लेकर 72 घंटे में 12 लाख और 69 हजार खाते में भेजने की बात कही। पीड़ित आरोपियों के झांसे में आकर 70 हजार रुपये जमा करा दिया। इसके बाद आरोपी प्रोसेसिंग फीस, कंप्यूटर एरर, एजेंट कोड जैसे कई बहाने लगाकर आरोपी से 30 जुलाई तक कई बार में कुल 7,27,247 रुपये ले लिए।
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इसके बाद भी पीड़ित को पैसे नहीं मिले। तीन अगस्त को पीड़ित के पास फिर फोन आया और 69 हजार रुपये जमा कराने कहा। जिस पीड़ित को शक हो गया और पैसे जमा नहीं कराए। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी मोबाइल बंद कर दिया। जिसके बाद पीड़ित ने शिकायत एसपी नारनौल व आईजी रेवाड़ी को दी। पुलिस की कार्रवाई न होने पर जिले की एक कोर्ट में इस्तगासा दायर किया। कोर्ट के आदेश पर सिटी थाना पुलिस ने सोमवार को केके महाजन, डीबी भटनागर, दिवाकर चौधरी, नेहा श्रीवास्तव व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। आरोपी बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण के अधिकारी व मैनेजर बनकर पीड़ित से धोखाधड़ी की। सिटी थाना प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों के मोबाइल नंबर की डिटेल ली जाएगी।