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फर्जी इंडस्ट्री केस की जांच के लिए स्टेट लेवल पर जांच की तैयारी
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अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। कनीना में 263 करोड़ रुपये का कारोबार करने वाली कंपनी हकीकत में ही नहीं। कंपनी के लिए जो पता दिया गया वहां मौके पर कुछ नहीं है। आयकर विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया तो वहां खाली प्लाट मिला। पूनम इंडस्ट्रीज नाम की कोई कंपनी को पूरे कनीना में कोई नहीं जानता। इस केस की अब स्टेट लेवल पर एक उच्च स्तरीय टीम जांच करेगी।
पूनम इंडस्ट्रीज ने 263 करोड़ रुपये का कारोबार दिखाया। जिसमें कंपनी ने कॉटन, सीमेंट, जूट के बैग का कारोबार दिखाया। कनीना में इस तरह का कारोबार करने वाली कोई कंपनी नहीं है। कंपनी की ओर से दिया गया पता फर्जी निकला। मौके पर ऐसी कोई कंपनी नहीं है। बस अड्डे सामने पार्क के नजदीक का पता पूनम इंडस्ट्रीज ने टैक्सेशन डिपार्टमेंट में दिया था। मौके पर खाली प्लाट है। इस नाम की कंपनी पूरे कनीना तो छोड़िए महेंद्रगढ़ जिले में नहीं है। केस दर्ज कराने से पहले ईटीओ की टीम ने पूरे एरिया का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की थी। टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने इस मामले में पुलिस के आला अधिकारियों ने स्टेट लेवल की एक उच्च स्तरीय टीम गठित कर जांच करने की मांग की है। डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के अनुसार इस मामले का मास्टर माइंड अनुपम सिंगला है। उन्होंने अलग अलग एरिया में अलग अलग लोगों टीम बनाकर फ्रॉड किया।
शक के दायरे में आया 263 करोड़
पूनम इंडस्ट्री टैक्सेशन डिपार्टमेंट की निगरानी में 263 करोड़ के कारोबार के चलते आई जिस कंपनी ने पहले अप्रैल से सितंबर तक जीरो टर्न ओवर पर काम किया। इसी कंपनी ने अगले दो महीने अक्तूबर-नवंबर में 263 करोड़ का कारोबार कर लिया। इसी के चलते कंपनी शक के दायरे में आई। जांच पर कंपनी फर्जी मिली।
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उधार के पैनकार्ड पर खड़ी की फर्जी फर्म
कनीना में जिस महिला पूनम के नाम पर फर्म खड़ी की। उसे फर्म के बारे में कोई जानकारी नहीं। महिला रेवाड़ी जिले के गांव निमोठ की रहने वाली है। महिला पूनम ने टैक्सेशन डिपार्टमेंट और पुुलिस को बताया कि उसे पांच हजार रुपये महीना देने की बात कर उसके पैनकार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड सहित अन्य कागजात लिए थे।
वर्जन
हमने जांच रिपोर्ट के बाद एफआईआर दर्ज करा दी है। यह स्टेट लेवल का कोई गिरोह है। जो अलग-अलग एरिया में कुछ लोगों को फंसाकर फर्जी कंपनी खड़ी कर फ्रॉड करता है। इस मामले में राज्य स्तर पर जांच होनी चाहिए। फिलहाल इस केस में अनुपम सिंगला मास्टर माइंड नजर आ रहा है।
- विक्रांत यादव, ईटीओ, नारनौल
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महेंद्रगढ़। कनीना में 263 करोड़ रुपये का कारोबार करने वाली कंपनी हकीकत में ही नहीं। कंपनी के लिए जो पता दिया गया वहां मौके पर कुछ नहीं है। आयकर विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया तो वहां खाली प्लाट मिला। पूनम इंडस्ट्रीज नाम की कोई कंपनी को पूरे कनीना में कोई नहीं जानता। इस केस की अब स्टेट लेवल पर एक उच्च स्तरीय टीम जांच करेगी।
पूनम इंडस्ट्रीज ने 263 करोड़ रुपये का कारोबार दिखाया। जिसमें कंपनी ने कॉटन, सीमेंट, जूट के बैग का कारोबार दिखाया। कनीना में इस तरह का कारोबार करने वाली कोई कंपनी नहीं है। कंपनी की ओर से दिया गया पता फर्जी निकला। मौके पर ऐसी कोई कंपनी नहीं है। बस अड्डे सामने पार्क के नजदीक का पता पूनम इंडस्ट्रीज ने टैक्सेशन डिपार्टमेंट में दिया था। मौके पर खाली प्लाट है। इस नाम की कंपनी पूरे कनीना तो छोड़िए महेंद्रगढ़ जिले में नहीं है। केस दर्ज कराने से पहले ईटीओ की टीम ने पूरे एरिया का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की थी। टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने इस मामले में पुलिस के आला अधिकारियों ने स्टेट लेवल की एक उच्च स्तरीय टीम गठित कर जांच करने की मांग की है। डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के अनुसार इस मामले का मास्टर माइंड अनुपम सिंगला है। उन्होंने अलग अलग एरिया में अलग अलग लोगों टीम बनाकर फ्रॉड किया।
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शक के दायरे में आया 263 करोड़
पूनम इंडस्ट्री टैक्सेशन डिपार्टमेंट की निगरानी में 263 करोड़ के कारोबार के चलते आई जिस कंपनी ने पहले अप्रैल से सितंबर तक जीरो टर्न ओवर पर काम किया। इसी कंपनी ने अगले दो महीने अक्तूबर-नवंबर में 263 करोड़ का कारोबार कर लिया। इसी के चलते कंपनी शक के दायरे में आई। जांच पर कंपनी फर्जी मिली।
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उधार के पैनकार्ड पर खड़ी की फर्जी फर्म
कनीना में जिस महिला पूनम के नाम पर फर्म खड़ी की। उसे फर्म के बारे में कोई जानकारी नहीं। महिला रेवाड़ी जिले के गांव निमोठ की रहने वाली है। महिला पूनम ने टैक्सेशन डिपार्टमेंट और पुुलिस को बताया कि उसे पांच हजार रुपये महीना देने की बात कर उसके पैनकार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड सहित अन्य कागजात लिए थे।
वर्जन
हमने जांच रिपोर्ट के बाद एफआईआर दर्ज करा दी है। यह स्टेट लेवल का कोई गिरोह है। जो अलग-अलग एरिया में कुछ लोगों को फंसाकर फर्जी कंपनी खड़ी कर फ्रॉड करता है। इस मामले में राज्य स्तर पर जांच होनी चाहिए। फिलहाल इस केस में अनुपम सिंगला मास्टर माइंड नजर आ रहा है।
- विक्रांत यादव, ईटीओ, नारनौल