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Mahendragarh-Narnaul News: पंप सेट नए या पुराने? नगर परिषद की खरीद पर उठे सवाल
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फोटो नंबर-07सभागार में खड़े किए गए पंप सेट।
नारनौल। बरसाती पानी की निकासी के लिए नगर परिषद की ओर से खरीदे गए पांच इंजन पंप सेट अब विवादों में घिर गए हैं। पार्षदों का दावा है कि नए पंप सेट देने के बजाय पुराने इंजनों को रंग-रोगन कर नया दिखाने का प्रयास किया गया। साथ ही नगर परिषद चेयरपर्सन कमलेश सैनी को शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
पार्षद आशा, मुकेश कुमार और पार्षद प्रतिनिधि सुमेर कांडा ने शिकायत में बताया कि बरसात के दौरान शहर में जलभराव से निपटने के लिए पांच नए इंजन पंप सेट खरीदने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बाद टेंडर जारी कर एक फर्म को काम सौंपा गया।
पार्षदों का आरोप है कि फर्म ने नए पंप सेट उपलब्ध कराने के बजाय पुराने इंजन लाकर उन पर रंग-रोगन कर उन्हें नया दिखाने का प्रयास किया। नगर परिषद परिसर में अधिकारियों के सामने पंप सेट रखे जाने के दौरान पार्षदों ने उनकी स्थिति पर आपत्ति जताई।
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शिकायत में आरोप लगाया गया कि 5 अगस्त को पंप सेटों के पार्ट्स बदलकर उन्हें नया दिखाने का प्रयास भी किया गया। पार्षदों का कहना है कि उन्होंने पहले भी अधिकारियों के सामने मामला उठाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विवाद बढ़ने के बाद पंप सेटों को नगर परिषद परिसर से हटाकर सभागार में रखवा दिया गया। पार्षदों ने सरकारी धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता की मांग करते हुए फर्म और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं पार्षद कपिल ने वित्तीय नुकसान और मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि तय समय में काम नहीं हुआ तो ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सिविल मामला दर्ज कराया जाएगा।
वर्जन:
नगर परिषद में जो पंप सेट आए हैं वे रिफर्बिश्ड हैं। यानि पहले उपयोग में लाए जा चुके हैं जो पंप सेट आए हैं टेंडर भी उन्हीं का लगाया गया था। इन पंप सेटों को नगर परिषद ने अभी औपचारिक रूप से रिसीव नहीं किया है। पंपों की तकनीकी और गुणवत्ता की पूरी जांच करवाई जाएगी।-कमलेश सैनी, चेयरपर्सन नगर परिषद, नारनौल
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पार्षद आशा, मुकेश कुमार और पार्षद प्रतिनिधि सुमेर कांडा ने शिकायत में बताया कि बरसात के दौरान शहर में जलभराव से निपटने के लिए पांच नए इंजन पंप सेट खरीदने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इसके बाद टेंडर जारी कर एक फर्म को काम सौंपा गया।
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पार्षदों का आरोप है कि फर्म ने नए पंप सेट उपलब्ध कराने के बजाय पुराने इंजन लाकर उन पर रंग-रोगन कर उन्हें नया दिखाने का प्रयास किया। नगर परिषद परिसर में अधिकारियों के सामने पंप सेट रखे जाने के दौरान पार्षदों ने उनकी स्थिति पर आपत्ति जताई।
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शिकायत में आरोप लगाया गया कि 5 अगस्त को पंप सेटों के पार्ट्स बदलकर उन्हें नया दिखाने का प्रयास भी किया गया। पार्षदों का कहना है कि उन्होंने पहले भी अधिकारियों के सामने मामला उठाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विवाद बढ़ने के बाद पंप सेटों को नगर परिषद परिसर से हटाकर सभागार में रखवा दिया गया। पार्षदों ने सरकारी धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता की मांग करते हुए फर्म और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं पार्षद कपिल ने वित्तीय नुकसान और मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि तय समय में काम नहीं हुआ तो ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सिविल मामला दर्ज कराया जाएगा।
वर्जन:
नगर परिषद में जो पंप सेट आए हैं वे रिफर्बिश्ड हैं। यानि पहले उपयोग में लाए जा चुके हैं जो पंप सेट आए हैं टेंडर भी उन्हीं का लगाया गया था। इन पंप सेटों को नगर परिषद ने अभी औपचारिक रूप से रिसीव नहीं किया है। पंपों की तकनीकी और गुणवत्ता की पूरी जांच करवाई जाएगी।-कमलेश सैनी, चेयरपर्सन नगर परिषद, नारनौल