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मांगों के लिए अनुबंधित प्राध्यापकों ने निकाला कैंडल मार्च
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कैंडल मार्च निकालकर रोष जताते एक्टेंशन प्राध्यापक। संवाद
- फोटो : Narnol
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नौकरी की सुरक्षा की मांग को लेकर पंचकूला में प्रदर्शन कर रहे अनुबंधित प्राध्यापकों पर हुए लाठी चार्ज और गिरफ्तार किए गए प्राध्यापकों की रिहाई की मांग को लेकर बुधवार शाम को स्थानीय अनुबंधित प्राध्यापकों ने कैंडल मार्च निकालकर रोष जताया। वहीं सरकार ने गिरफ्तार किए गए प्राध्यापकों को तुरंत प्रभाव से रिहा करने की मांग भी की।
कैंडल मार्च प्रदर्शन में मौजूद डॉ. वंदना कुमारी, डॉ. नीलम, सुमन, मुनेश, ललिता, ज्योति, मनीषा, स्वीटी, मनदीप, शर्मिला, सोमन, नरेश, स्नेहलता, भावना, डॉ. धीरज, दवनीत, सुरेंद्र, मनोज, रिचा, मंजू व कर्ति आदि ने कहा कि अनुबंधित प्राध्यापक नौकरी की सुरक्षा की मांग को लेकर 56 दिन से पंचकूला में धरना दे रहे हैं। मगर सरकार उनकी इस मांग की अनदेखी कर रही है। उक्त मांग को लेकर 1 मार्च को अनुबंधित प्राध्यापकों ने पंचकूला में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे थे तो पुलिस द्वारा उन पर पानी की बौछार व लाठी चार्ज कर रोकने का प्रयास किया गया। इस लाठीचार्ज में 3-4 अनुबंधित प्राध्यापक घायल भी हो गए हैं, जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। जबकि कुछ अनुबंधित प्राध्यापकों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
उन्होंने कहा कि वे सरकार से केवल नौकरी सुरक्षा की मांग कर रहे है, लेकिन सरकार उनकी मांग को मानने के बजाय तानाशाही तरीके से उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि नौकरी की सुरक्षा नहीं होने के कारण कभी भी बीच में निकाल दिया जाता है। जिसके बाद उन्हें न तो कोई दूसरा रोजगार मिल पाता है और न ही वह उम्र रह जाती है कि वे नए तरीके से किसी और क्षेत्र में जाकर कार्य शुरू कर सकें। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए उन्हें नौकरी की सुरक्षा प्रदान करने, गिरफ्तार अनुबंधित प्राध्यापकों को रिहा करने की मांग की।
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कैंडल मार्च प्रदर्शन में मौजूद डॉ. वंदना कुमारी, डॉ. नीलम, सुमन, मुनेश, ललिता, ज्योति, मनीषा, स्वीटी, मनदीप, शर्मिला, सोमन, नरेश, स्नेहलता, भावना, डॉ. धीरज, दवनीत, सुरेंद्र, मनोज, रिचा, मंजू व कर्ति आदि ने कहा कि अनुबंधित प्राध्यापक नौकरी की सुरक्षा की मांग को लेकर 56 दिन से पंचकूला में धरना दे रहे हैं। मगर सरकार उनकी इस मांग की अनदेखी कर रही है। उक्त मांग को लेकर 1 मार्च को अनुबंधित प्राध्यापकों ने पंचकूला में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे थे तो पुलिस द्वारा उन पर पानी की बौछार व लाठी चार्ज कर रोकने का प्रयास किया गया। इस लाठीचार्ज में 3-4 अनुबंधित प्राध्यापक घायल भी हो गए हैं, जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। जबकि कुछ अनुबंधित प्राध्यापकों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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उन्होंने कहा कि वे सरकार से केवल नौकरी सुरक्षा की मांग कर रहे है, लेकिन सरकार उनकी मांग को मानने के बजाय तानाशाही तरीके से उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि नौकरी की सुरक्षा नहीं होने के कारण कभी भी बीच में निकाल दिया जाता है। जिसके बाद उन्हें न तो कोई दूसरा रोजगार मिल पाता है और न ही वह उम्र रह जाती है कि वे नए तरीके से किसी और क्षेत्र में जाकर कार्य शुरू कर सकें। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए उन्हें नौकरी की सुरक्षा प्रदान करने, गिरफ्तार अनुबंधित प्राध्यापकों को रिहा करने की मांग की।
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