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किसान को बिजली निगम ने दिया सारी जमा राशि पर नौ प्रतिशत ब्याज का रुपया, इसके बाद लगी एमडी की सजा पर रोक
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नारनौल। किसान को बिजली कनेक्शन न देने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने 25 जून को अधिकारियों को सुनाई गई सजा के बाद दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने किसान को 2 लाख 26 हजार 871 रुपये का 9 प्रतिशत ब्याज दे दिया। साथ ही बिजली का कनेक्शन भी जल्द ही जारी करने का लिखित आश्वासन निगम के वरिष्ठ अधिवक्ता पुनीत जिंदल ने जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष मंजीत सिंह नरयाल के समक्ष शुक्रवार को पेेश होकर दिया है।
बता दें कि ब्राह्मणवास के किसान सत्यनारायण को बिजली कनेक्शन न देने पर निगम के एमडी, कार्यकारी अभियंता व एसडीओ को 25 जून को उपभोक्ता आयोग ने एक वर्ष की सजा व दस हजार रुपये जुर्माना लगाया था। जैसे ही यह फैसला आया तो पूरे निगम में हड़कंप मच गया था। जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा इतना कड़ा फैसला इससे पहले कभी नहीं सुनाया गया था। आईएएस स्तर के अधिकारी को एक वर्ष की सजा के बाद निगम के अधिकारियों ने इस पर रोक के लिए चंडीगढ़ एवं पंजाब हाईकोर्ट में याचिका दायर की। एक जुलाई को इस शर्त पर सजा पर स्टे दिया गया कि किसान को जितना रुपया निगम के पास जमा है उसका नौ प्रतिशत के हिसाब से तुरंत ब्याज दिया जाए। इतना ही नहीं इस मामले में लिखित रूप से नारनौल उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष के सामने भी पेश होने के आदेश दिए गए। जिसके बाद शुक्रवार को सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पुनीत जिंदल नारनौल में आयोग के अध्यक्ष के सामने पेश हुए और कनेक्शन जल्द देने का आश्वासन दिया। साथ ही किसान को 2 लाख 26 हजार 871 रुपये का 9 प्रतिशत ब्याज दे दिया गया है। निगम की ओर से बिजली कनेक्शन भी जल्द से जल्द देने का लिखित आश्वासन दिया गया है।
क्या था मामला
गांव ब्राह्मणवास के किसान सत्यनारायण ने 2014 में उपभोक्ता आयोग में केस दायर कर कहा था कि उसने बिजली कनेक्शन के लिए सारी राशी निगम कार्यालय में जमा करवा दी, मगर इसके बाद भी कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है। इतना ही नहीं निगम की ओर से बार बार रुपये भी बढ़ा कर लिए जा रहे हैं। कनेक्शन नहीं मिलने पर उपभोक्ता आयोग ने 2019 में किसान को सारी जमा राशि पर नौ प्रतिशत ब्याज का भुगतान करने व कनेक्शन देने का आदेश दिया था। मगर फैसले पर अमल नहीं किया गया। जिसके बाद किसान ने दोबारा से आयोग की शरण ली। इस पर आयोग के अध्यक्ष ने 25 जून को कड़ा निर्णय देते हुए एमडी, कार्यकारी अभियंता व एसडीओ को सजा सुनाई थी।
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बता दें कि ब्राह्मणवास के किसान सत्यनारायण को बिजली कनेक्शन न देने पर निगम के एमडी, कार्यकारी अभियंता व एसडीओ को 25 जून को उपभोक्ता आयोग ने एक वर्ष की सजा व दस हजार रुपये जुर्माना लगाया था। जैसे ही यह फैसला आया तो पूरे निगम में हड़कंप मच गया था। जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा इतना कड़ा फैसला इससे पहले कभी नहीं सुनाया गया था। आईएएस स्तर के अधिकारी को एक वर्ष की सजा के बाद निगम के अधिकारियों ने इस पर रोक के लिए चंडीगढ़ एवं पंजाब हाईकोर्ट में याचिका दायर की। एक जुलाई को इस शर्त पर सजा पर स्टे दिया गया कि किसान को जितना रुपया निगम के पास जमा है उसका नौ प्रतिशत के हिसाब से तुरंत ब्याज दिया जाए। इतना ही नहीं इस मामले में लिखित रूप से नारनौल उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष के सामने भी पेश होने के आदेश दिए गए। जिसके बाद शुक्रवार को सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पुनीत जिंदल नारनौल में आयोग के अध्यक्ष के सामने पेश हुए और कनेक्शन जल्द देने का आश्वासन दिया। साथ ही किसान को 2 लाख 26 हजार 871 रुपये का 9 प्रतिशत ब्याज दे दिया गया है। निगम की ओर से बिजली कनेक्शन भी जल्द से जल्द देने का लिखित आश्वासन दिया गया है।
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क्या था मामला
गांव ब्राह्मणवास के किसान सत्यनारायण ने 2014 में उपभोक्ता आयोग में केस दायर कर कहा था कि उसने बिजली कनेक्शन के लिए सारी राशी निगम कार्यालय में जमा करवा दी, मगर इसके बाद भी कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है। इतना ही नहीं निगम की ओर से बार बार रुपये भी बढ़ा कर लिए जा रहे हैं। कनेक्शन नहीं मिलने पर उपभोक्ता आयोग ने 2019 में किसान को सारी जमा राशि पर नौ प्रतिशत ब्याज का भुगतान करने व कनेक्शन देने का आदेश दिया था। मगर फैसले पर अमल नहीं किया गया। जिसके बाद किसान ने दोबारा से आयोग की शरण ली। इस पर आयोग के अध्यक्ष ने 25 जून को कड़ा निर्णय देते हुए एमडी, कार्यकारी अभियंता व एसडीओ को सजा सुनाई थी।
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