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परिवार पहचान पत्र को लेकर सीएम ने की उपायुक्त के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मौजूद उपायुक्त अजय कुमार। संवाद
- फोटो : Narnol
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सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभार्थी तक आसानी से लाभ पहुंचे इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए परिवार पहचान पत्र के आंकड़े को सत्यापित किया जा रहा है। अब आय सत्यापन का चौथे चरण का कार्य शुरू हो चुका है। इस काम को अधिकारी जल्द पूरा कराएं। यह निर्देश उपायुक्त अजय कुमार ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई एक मीटिंग के बाद अधिकारियों को दिए।
उपायुक्त ने बताया कि पहले चरण में उन परिवारों की आय का सत्यापन किया गया था, जिन्होंने अपनी आय 25 हजार वार्षिक से कम बताई थी। दूसरे चरण में 50 हजार तथा तीसरे चरण में 75 हजार वार्षिक आय से कम बताने वाले परिवारों की वेरिफिकेशन की गई है। अब चौथा चरण चल रहा है इसमें एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय बताने वाले परिवारों का सत्यापन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले जिन लोगों ने अपनी आय 25 हजार रुपये से नीचे बताई थी, उनकी जांच की गई थी। जिला में ऐसे 10412 परिवार पाए गए थे। दूसरे फेज में 51095 परिवारों की इनकम की जांच की गई। तीसरे फेज में 32614 परिवारों की इनकम की जांच की गई थी। अब चौथे फेज का कार्य चल रहा है।
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मुख्यमंत्री परिवार उत्थान योजना के तहत इन लोगों की एक निश्चित आय सुनिश्चित करने के लिए योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से जिला में अंत्योदय मेले लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र के आंकड़ों को विभिन्न स्तर पर सत्यापित किया जा रहा है। जिला के बच्चों की स्थिति जानने के लिए आंगनबाड़ी वर्कर कार्य कर रही है। राजस्व रिकॉर्ड से मिलान के लिए राजस्व विभाग कार्य शुरू करेगा। दिव्यांग जनों के आंकड़े को सत्यापित करने के लिए आशा वर्करों के माध्यम से कार्य चल रहा है। जाति के सत्यापन का कार्य पटवारियों द्वारा किया जा रहा है। शहरों में प्रॉपर्टी वेरिफिकेशन का कार्य भी चल रहा है। इस तरह से परिवार पहचान पत्र में अलग-अलग स्तर पर कार्य चल रहा है ताकि आने वाले समय में लोगों को आसान तरीके से योजनाओं का लाभ मिल सके। इस मौके पर डीपीओ नरेश कुहाड़ व एपीओ जगबीर के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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उपायुक्त ने बताया कि पहले चरण में उन परिवारों की आय का सत्यापन किया गया था, जिन्होंने अपनी आय 25 हजार वार्षिक से कम बताई थी। दूसरे चरण में 50 हजार तथा तीसरे चरण में 75 हजार वार्षिक आय से कम बताने वाले परिवारों की वेरिफिकेशन की गई है। अब चौथा चरण चल रहा है इसमें एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय बताने वाले परिवारों का सत्यापन किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि इससे पहले जिन लोगों ने अपनी आय 25 हजार रुपये से नीचे बताई थी, उनकी जांच की गई थी। जिला में ऐसे 10412 परिवार पाए गए थे। दूसरे फेज में 51095 परिवारों की इनकम की जांच की गई। तीसरे फेज में 32614 परिवारों की इनकम की जांच की गई थी। अब चौथे फेज का कार्य चल रहा है।
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मुख्यमंत्री परिवार उत्थान योजना के तहत इन लोगों की एक निश्चित आय सुनिश्चित करने के लिए योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से जिला में अंत्योदय मेले लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि परिवार पहचान पत्र के आंकड़ों को विभिन्न स्तर पर सत्यापित किया जा रहा है। जिला के बच्चों की स्थिति जानने के लिए आंगनबाड़ी वर्कर कार्य कर रही है। राजस्व रिकॉर्ड से मिलान के लिए राजस्व विभाग कार्य शुरू करेगा। दिव्यांग जनों के आंकड़े को सत्यापित करने के लिए आशा वर्करों के माध्यम से कार्य चल रहा है। जाति के सत्यापन का कार्य पटवारियों द्वारा किया जा रहा है। शहरों में प्रॉपर्टी वेरिफिकेशन का कार्य भी चल रहा है। इस तरह से परिवार पहचान पत्र में अलग-अलग स्तर पर कार्य चल रहा है ताकि आने वाले समय में लोगों को आसान तरीके से योजनाओं का लाभ मिल सके। इस मौके पर डीपीओ नरेश कुहाड़ व एपीओ जगबीर के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।