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दिनभर छाया रहा स्मॉग और ‘अंधेरा’ लोगों को सांस लेने में हो रही दिक्कत
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शहर में फैला स्मॉग
- फोटो : Narnol
शुक्रवार को हल्की बारिश के बाद आसमान में स्मॉग की चादर बिछ गई है। स्मॉग के कारण दिनभर सूर्य देवता लुप्त रहे। स्मॉग के कारण दिन सुबह से ही शाम जैसा सीन हो गया। भले ही महेंद्रगढ़ जिले में पराली न हो, लेकिन दिल्ली व साथ लगते एरिया से आए धुएं ने यहां के हालात खराब कर दिए हैं।
दिवाली के बाद से मौसम काफी हद तक ठीक था। शुक्रवार की शाम हल्की बूंदाबांदी हुई। जिसके बाद से मौसम का मिजाज बिगड़ गया। शुक्रवार की सुबह से की स्मॉग ने शहर को अपने आगोश में ले लिया। लोगों को उम्मीद थी कि दोपहर तक स्मॉग का असर कम हो जाएगा। सूरज निकलने के बाद कुछ राहत मिलेगी। दिन भर ऐसा ही मौसम बना रहा। हवा चलने के बाद भी मौसम साफ नहीं हो सका। स्मॉग के कारण शहर के लोग परेशान नजर आए। लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई। आंखों में जलन का अहसास होता रहा। जिससे बचने के लिए लोग अपनी आंखों को ठंडे पानी से धोते दिखे।
महेंद्रगढ़ में धान का एरिया नहीं है। इस कारण यहां पराली जलाने की समस्या नहीं है। जिले के अधिकतर एरिया में कपास व बाजरा की खेती होती है। जिनके वेस्ट को जलाया नहीं जाता। इस जिले में धूल की बड़ी समस्या है। क्रशर अधिक होने के कारण यहां धूल रहती है। इसके अलावा यहां के लोग कचरा जलाने के प्रति जागरूक नहीं है। शहर में बड़ी संख्या में लोग कचरे को अपने घरों-दुकानों के बाहर जला देते हैं। कुछ लोग टायरों से लोहे के तर निकालने के लिए उन्हें जला रहे हैं, जिससे वातावरण में जहरीला धुआं घोला जा रहा है।
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क्या होता है स्मॉग
धूल, धुआं और धुंध के कणों से स्मॉग बनता है। हवा का बहाव कम होने के कारण यह एक जगह पर स्थिर हो जाता है। जब तक बरसात या तेज हवाएं न चले यह ठहरा रहता है। स्मॉग के कारण सूरज का प्रकाश धरती तक नहीं पहुंचता। लोगों को ऐसे मौसम में घुटन महसूस होने लगती है।
निर्माण कार्यों पर नहीं रोक
निर्माण कार्यों पर रोक का किसी तरह का असर नहीं दिखा। शहर में सामान्य दिनों की तरह से निर्माण कार्य चलते रहे। निर्माण कार्यों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन की ओर से भी अभी तक काई नोटिस जारी नहीं किए गए हैं।
नहीं जला सकते कचरा
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के अनुसार कचरा जलाया नहीं जा सकता। यहां तक की पेड़ के पत्तों को भी नहीं जलाया जा सकता। कचरा, पेड़ के पत्तों को जलाते पाए जाने पर नगर पालिका जुर्माना कर सकती है। जिसमें पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
कॉलोनी के लोगों ने भेजी शिकायत
देवीलाल कालोनी के निवासी संजीव, नीलम, ज्योति, निर्मला, अनिल कुमार सहित अन्य ने नगर पालिका सचिव, एसडीएम, डीसी, पर्यावरण विभाग को शिकायत भेजी है। जिसमें कहा कि देवीलाल कालोनी में कबाड़ी के सामान की कई दुकान हैं। जिसमें कुछ कबाड़ी टायर, प्लास्टिक ,रबड़, तार को मौके पर ही जलाते रहते हैं। जिससे जहरीली गैस हवा में फैल रही है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाए। अन्यथा इन दुकानों को कालोनी से दूर शिफ्ट कराया जाए।
नगर पालिका के एरिया में किसी को कचरा नहीं जलाने दिया जाएगा। पहले लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए शहर में मुनादी कराई जाएगी। नोटिस चस्पा किए जाएंगे। इसके बाद भी जो नहीं मानेगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- रीना गर्ग, चेयरपर्सन, नगर पालिका महेंद्रगढ़।
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दिवाली के बाद से मौसम काफी हद तक ठीक था। शुक्रवार की शाम हल्की बूंदाबांदी हुई। जिसके बाद से मौसम का मिजाज बिगड़ गया। शुक्रवार की सुबह से की स्मॉग ने शहर को अपने आगोश में ले लिया। लोगों को उम्मीद थी कि दोपहर तक स्मॉग का असर कम हो जाएगा। सूरज निकलने के बाद कुछ राहत मिलेगी। दिन भर ऐसा ही मौसम बना रहा। हवा चलने के बाद भी मौसम साफ नहीं हो सका। स्मॉग के कारण शहर के लोग परेशान नजर आए। लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई। आंखों में जलन का अहसास होता रहा। जिससे बचने के लिए लोग अपनी आंखों को ठंडे पानी से धोते दिखे।
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महेंद्रगढ़ में धान का एरिया नहीं है। इस कारण यहां पराली जलाने की समस्या नहीं है। जिले के अधिकतर एरिया में कपास व बाजरा की खेती होती है। जिनके वेस्ट को जलाया नहीं जाता। इस जिले में धूल की बड़ी समस्या है। क्रशर अधिक होने के कारण यहां धूल रहती है। इसके अलावा यहां के लोग कचरा जलाने के प्रति जागरूक नहीं है। शहर में बड़ी संख्या में लोग कचरे को अपने घरों-दुकानों के बाहर जला देते हैं। कुछ लोग टायरों से लोहे के तर निकालने के लिए उन्हें जला रहे हैं, जिससे वातावरण में जहरीला धुआं घोला जा रहा है।
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क्या होता है स्मॉग
धूल, धुआं और धुंध के कणों से स्मॉग बनता है। हवा का बहाव कम होने के कारण यह एक जगह पर स्थिर हो जाता है। जब तक बरसात या तेज हवाएं न चले यह ठहरा रहता है। स्मॉग के कारण सूरज का प्रकाश धरती तक नहीं पहुंचता। लोगों को ऐसे मौसम में घुटन महसूस होने लगती है।
निर्माण कार्यों पर नहीं रोक
निर्माण कार्यों पर रोक का किसी तरह का असर नहीं दिखा। शहर में सामान्य दिनों की तरह से निर्माण कार्य चलते रहे। निर्माण कार्यों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन की ओर से भी अभी तक काई नोटिस जारी नहीं किए गए हैं।
नहीं जला सकते कचरा
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के अनुसार कचरा जलाया नहीं जा सकता। यहां तक की पेड़ के पत्तों को भी नहीं जलाया जा सकता। कचरा, पेड़ के पत्तों को जलाते पाए जाने पर नगर पालिका जुर्माना कर सकती है। जिसमें पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
कॉलोनी के लोगों ने भेजी शिकायत
देवीलाल कालोनी के निवासी संजीव, नीलम, ज्योति, निर्मला, अनिल कुमार सहित अन्य ने नगर पालिका सचिव, एसडीएम, डीसी, पर्यावरण विभाग को शिकायत भेजी है। जिसमें कहा कि देवीलाल कालोनी में कबाड़ी के सामान की कई दुकान हैं। जिसमें कुछ कबाड़ी टायर, प्लास्टिक ,रबड़, तार को मौके पर ही जलाते रहते हैं। जिससे जहरीली गैस हवा में फैल रही है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाए। अन्यथा इन दुकानों को कालोनी से दूर शिफ्ट कराया जाए।
नगर पालिका के एरिया में किसी को कचरा नहीं जलाने दिया जाएगा। पहले लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए शहर में मुनादी कराई जाएगी। नोटिस चस्पा किए जाएंगे। इसके बाद भी जो नहीं मानेगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- रीना गर्ग, चेयरपर्सन, नगर पालिका महेंद्रगढ़।