मांगों को लेकर फार्मासिस्ट की हड़ताल मंगलवार को भी जारी रही। जिससे मरीजों को दूसरे दिन भी दवाईयों को लेकर लाइनों में खड़ा होकर इंतजार करने के बाद बड़ी मुश्किल से दवा मिल पाई। हालांकि नागरिक अस्पताल में ओपीडी में मरीजों की संख्या को देखते हुए दवा देने के लिए चार स्टाफ नर्सों की ड्यूटी लगाई गई थी। नागरिक अस्पताल के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित पीएचसी व सीएचसी पर भी लोगों को परेशानी हुई। दूसरी ओर एसोसिएशन ऑफ सरकारी फार्मासिस्ट ने सीएमओ के माध्यम से सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा है। फार्मासिस्ट बुधवार को भी हड़ताल पर रहेंगे।
फार्मासिस्ट की हड़ताल होने से नागरिक अस्पताल में मरीजों को दवाईयां लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। अस्पताल प्रबंधक ने दूसरे दिन चार-पांच नर्सों को दवा वितरण में लगाया था लेकिन उन्हें भी स्थिति संभालने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिला अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि नर्सों के सहारे मरीजों को दवा वितरण का कार्य हुआ। इससे मरीजों को काफी देरतक लाइन में लगना पड़ा। हड़ताल से सात सीएचसी, 18 पीएचसी और दो नागरिक अस्पतालों में दवा वितरण का कार्य प्रभावित हुआ। बता दें कि मौसम में आए अचानक बदलाव के कारण खांसी, जुकाम, बुखार व अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या में प्रतिदिन इजाफा हो रहा है। ऐसे में फार्मासिस्ट के हड़ताल के चलते मरीजों को दवा लेने में घंटों लाइनों में लगकर दवा मिल रही है। ऐसे में मरीजों को अस्पताल के बाहर मेडिकल की दुकानों से महंगे दामों में दवा खरीदने पर भी मजबूर होना पड़ रहा है। जिससे गरीब लोगों को दोहरी मार पड़ रही है।