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बाल रोग विशेषज्ञों के इस्तीफे से जिला अस्पताल में बच्चों का इलाज हुआ मुश्किल

Tue, 08 Feb 2022 11:24 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 08 Feb 2022 11:24 PM IST
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Children's treatment in the district hospital became difficult due to the resignation of pediatricians
बच्चों की ओपीडी के बाहर बैठे मरीज। संवाद - फोटो : Narnol
जिला अस्पताल में काम कर रहे दोनों बाल रोग विशेषज्ञों के इस्तीफा देने से लोगों को अपने बीमार बच्चों को इलाज करवाने में दिक्कत आ रही है। दोनों के इस्तीफा देने से जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ के पद खाली हो गए हैं। अस्पताल में पहले ही विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव चल रहा था। पहले से ही फिजीशियन की कमी होने के कारण जहां लोगों को दिक्कत आ रही थी, वहीं अब और ज्यादा समस्या खड़ी हो गई है। बाल रोग विशेषज्ञों के इस्तीफे की वजह से परिजनों को बच्चों का इलाज करवाने के लिए निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। इससे उनको आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
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बता दें कि डॉ. संदीप यादव और डॉ. मदन लाल जिला अस्पताल में बतौर बाल रोग विशेषज्ञ कार्य कर रहे थे। दोनों चिकित्सक मिलाकर प्रतिदिन 250 से 300 ओपीडी करते थे। इसके अलावा वार्ड भी चेक करते थे।
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दोनों एक स्वास्थ्य विभाग को एक महीने का नोटिस देकर नौकरी से त्यागपत्र दे दिया था। डॉ. संदीप यादव ने नारनौल में ही अपना स्वयं का अस्पताल खोल लिया है तो, डॉ. संदीप दिल्ली के किसी बड़े अस्पताल में चले गए हैं। पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की सीट खाली पड़ी है। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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दो वर्षों से नहीं फिजिशियन
प्रदेश सरकार ने नारनौल के 200 बेड के अस्पताल का विस्तार एवं ट्रामा सेंटर खोलने की घोषणा तो कर दी है। लेकिन अस्पताल में एक भी फिजिशियन नहीं है। पिछले दो वर्ष से अधिक समय से यह पद खाली पड़ा है। कोरोना लहर में कुछ दिनों के लिए निजी अस्पताल से फिजिशयन हायर किया गया था। चिकित्सकों के अनुसार फिजिशियन ही अस्पताल की मुख्य रीढ़ होता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई बार सरकार को रिमाइंडर भेजा जा चुका है। लेकिन अभी तक फिजिशियन नहीं आया है। विभाग को एमबीबीएस चिकित्सकों के सहारे ही काम चलाना पड़ रहा है।

चिकित्सकों ने कुछ दिन पहले ही अपना त्यागपत्र दिया है। महेंद्रगढ़ एवं नांगल चौधरी में बाल रोग विशेषज्ञ हैं। उनको डेपुटेशन पर लाया जा रहा है। फिजिशयल के लिए सरकार को पत्र लिखा गया है। मरीजों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। अशोक कुमार, सिविल सर्जन, महेंद्रगढ़।

नागरिक अस्पताल में जनरल ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद

नागरिक अस्पताल में जनरल ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद- फोटो : Narnol

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