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खुड़ाना आईएमटी को लेकर मुख्यमंत्री 3 नंवबर को लेंगे अधिकारियों की बैठक
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24 फरवरी 2019 को गांव खुड़ाना में आईएमटी का शिलान्यास करते मुख्यमंत्री मनोहर लाल व तत्कालीन पूर्व शि?
- फोटो : Narnol
नारनौल। यह दिवाली क्षेत्र के लिए बहुत अच्छी साबित होने वाली है। दिवाली से एक दिन पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल क्षेत्र को बड़ा तोहफा देने वाले हैं। वो 3 नवंबर को आईएमटी को लेकर चंडीगढ़ में एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों की मीटिंग लेंगे। इस मीटिंग में एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों के अलावा जिला स्तर के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
मीटिंग में जमीन के रेट निर्धारित कर उसके ट्रांसफर किए जाने के आदेश जारी किए जा सकते हैं। इस संबंध में पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जो बोलते हैं वो उसको पूरा करते हैं। यह सरकार पूर्व सरकारों की तरह घोषणा वाली सरकार नहीं है। बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 24 फरवरी 2019 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गांव खुुडाना में आईएमटी की आधारशिला रखी थी। आधारशिला रखे जाने के 32 महीनों बाद इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पंचायतों द्वारा 1029 एकड़ भूमि सरकार को प्रस्ताव दिया जा चुुका है।
लगभग ढाई वर्षों से पंचायत एवं किसानों की निजी जमीनों की कीमत निर्धारित नहीं हो पाई है। इस वजह से यह मामला उलझा हुआ है लेकिन अधिकारी इस मामले में रूचि नहीं लेने की वजह से इस पर आज तक कोई काम नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री जब-जब महेंद्रगढ़ जिले का दौरा किया तब-तब उन्होंने आईएमटी बनाए जाने का दावा किया है। 23 अक्तूबर को मुख्यमंत्री ढोसी की पहाड़ी एवं माधोगढ़ किले पर आए थे। उस समय मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह में अधिकारियों की मीटिंग लेकर एवं जमीनों की कीमत निर्धारित कर काम शुरू करवाने का आश्वासन दिया था।
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आईएमटी को लेकर मीटिंग 3 को:
मुख्यमंत्री मनोहर लाल पहले भी कह चुके हैं कि आईएमटी खुडाना, सरकार का प्राइम प्रोजेक्ट है। वो इसे अवश्य स्थापित करेंगे। अब 3 नवंबर को मुख्यमंत्री चंडीगढ़ में एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों की मीटिंग लेंगे। मीटिंग में एचएसआईआईडीसी के एमडी, एसटीपी ऊषा रानी, उपायुक्त महेंद्रगढ़ अजय कुमार, डीडीपीओ आदि शामिल होंगे। इस दिन पंचायत की जमीनों एवं कृषि योग्य भूमि के रेट निर्धारित किए जा सकते हैं।
कीमतों को लेकर एसटीपी तथा जिला अधिकारियों की दोबार हो चुकी है मीटिंग:
बता दें कि जमीनों की कीमतें निर्धारित किए जाने के लिए एसटीपी, उपायुक्त एवं ग्राम पंचायतों की दो बार मीटिंग हो चुकी है। जनवरी 2020 में महेंद्रगढ़ लघु सचिवालय में पंचायतों ने 12 लाख रुपये प्रति एकड़ जमीन दिए जाने का प्रस्ताव दिया था। इस बार फरवरी 2021 में उपायुक्त अजय कुमार समझाने पर पंचायतों दस लाख रुपये प्रति एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव दिया था। उसके बाद भी जमीन की कीमतें निर्धारित नहीं हो पाई। एचएसआईआईडीसी यह जमीन आठ लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से लेना चाह रही है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल हमेशा सार्थक बात करते हैं। उन्होंने माधोगढ़ किले पर अधिकारियों की एक सप्ताह के अंदर मीटिंग बुलाने की बात कही थी, अब 3 नवंबर को वो मीटिंग लेंगे। वो इस प्रोजेक्ट को लेकर बहुत गंभीर हैं। यह प्रोजेक्ट सिरे चढ़ाकर 3 नंवबर को दिवाली पर्व को क्षेत्र के लोगों को मुख्यमंत्री तोहफा देंगे। इससे बड़ा तोहफ क्षेत्रवासियों को लिए कोई हो नहीं सकता।-रामबिलास शर्मा, पूर्व मंत्री,
आईएमटी इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इस पर सरकार को विशेष ध्यान देना होगा। बावल आईएमटी लगभग 1100 एकड़ में शुरू कर दी गई थी। सरकार यहां भी कोई बीच रास्ता निकाले। अधिकारियों के भरोसे छोड़ने का नतीजा है कि लगभग तीन साल होने का आए और प्रस्तावित स्थल पर एक ईंट भी नहीं लगी। -संदीप मालड़ा, अध्यक्ष, श्री सूंडाराम ट्रस्ट।
मुख्यमंत्री 3 नवंबर को आईएमटी खुडाना को लेकर अधिकारियों की मीटिंग लेंगे। इसकी सूचना सभी अधिकारियों को दे दी गई है। -ऊषा रानी, एसटीपी, एचएसआईआईडीसी।
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मीटिंग में जमीन के रेट निर्धारित कर उसके ट्रांसफर किए जाने के आदेश जारी किए जा सकते हैं। इस संबंध में पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जो बोलते हैं वो उसको पूरा करते हैं। यह सरकार पूर्व सरकारों की तरह घोषणा वाली सरकार नहीं है। बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 24 फरवरी 2019 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गांव खुुडाना में आईएमटी की आधारशिला रखी थी। आधारशिला रखे जाने के 32 महीनों बाद इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पंचायतों द्वारा 1029 एकड़ भूमि सरकार को प्रस्ताव दिया जा चुुका है।
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लगभग ढाई वर्षों से पंचायत एवं किसानों की निजी जमीनों की कीमत निर्धारित नहीं हो पाई है। इस वजह से यह मामला उलझा हुआ है लेकिन अधिकारी इस मामले में रूचि नहीं लेने की वजह से इस पर आज तक कोई काम नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री जब-जब महेंद्रगढ़ जिले का दौरा किया तब-तब उन्होंने आईएमटी बनाए जाने का दावा किया है। 23 अक्तूबर को मुख्यमंत्री ढोसी की पहाड़ी एवं माधोगढ़ किले पर आए थे। उस समय मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह में अधिकारियों की मीटिंग लेकर एवं जमीनों की कीमत निर्धारित कर काम शुरू करवाने का आश्वासन दिया था।
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आईएमटी को लेकर मीटिंग 3 को:
मुख्यमंत्री मनोहर लाल पहले भी कह चुके हैं कि आईएमटी खुडाना, सरकार का प्राइम प्रोजेक्ट है। वो इसे अवश्य स्थापित करेंगे। अब 3 नवंबर को मुख्यमंत्री चंडीगढ़ में एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों की मीटिंग लेंगे। मीटिंग में एचएसआईआईडीसी के एमडी, एसटीपी ऊषा रानी, उपायुक्त महेंद्रगढ़ अजय कुमार, डीडीपीओ आदि शामिल होंगे। इस दिन पंचायत की जमीनों एवं कृषि योग्य भूमि के रेट निर्धारित किए जा सकते हैं।
कीमतों को लेकर एसटीपी तथा जिला अधिकारियों की दोबार हो चुकी है मीटिंग:
बता दें कि जमीनों की कीमतें निर्धारित किए जाने के लिए एसटीपी, उपायुक्त एवं ग्राम पंचायतों की दो बार मीटिंग हो चुकी है। जनवरी 2020 में महेंद्रगढ़ लघु सचिवालय में पंचायतों ने 12 लाख रुपये प्रति एकड़ जमीन दिए जाने का प्रस्ताव दिया था। इस बार फरवरी 2021 में उपायुक्त अजय कुमार समझाने पर पंचायतों दस लाख रुपये प्रति एकड़ जमीन देने का प्रस्ताव दिया था। उसके बाद भी जमीन की कीमतें निर्धारित नहीं हो पाई। एचएसआईआईडीसी यह जमीन आठ लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से लेना चाह रही है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल हमेशा सार्थक बात करते हैं। उन्होंने माधोगढ़ किले पर अधिकारियों की एक सप्ताह के अंदर मीटिंग बुलाने की बात कही थी, अब 3 नवंबर को वो मीटिंग लेंगे। वो इस प्रोजेक्ट को लेकर बहुत गंभीर हैं। यह प्रोजेक्ट सिरे चढ़ाकर 3 नंवबर को दिवाली पर्व को क्षेत्र के लोगों को मुख्यमंत्री तोहफा देंगे। इससे बड़ा तोहफ क्षेत्रवासियों को लिए कोई हो नहीं सकता।-रामबिलास शर्मा, पूर्व मंत्री,
आईएमटी इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इस पर सरकार को विशेष ध्यान देना होगा। बावल आईएमटी लगभग 1100 एकड़ में शुरू कर दी गई थी। सरकार यहां भी कोई बीच रास्ता निकाले। अधिकारियों के भरोसे छोड़ने का नतीजा है कि लगभग तीन साल होने का आए और प्रस्तावित स्थल पर एक ईंट भी नहीं लगी। -संदीप मालड़ा, अध्यक्ष, श्री सूंडाराम ट्रस्ट।
मुख्यमंत्री 3 नवंबर को आईएमटी खुडाना को लेकर अधिकारियों की मीटिंग लेंगे। इसकी सूचना सभी अधिकारियों को दे दी गई है। -ऊषा रानी, एसटीपी, एचएसआईआईडीसी।