{"_id":"632c347336a0cf4eb1716c1c","slug":"cbi-arrested-accused-anil-from-mahendragarh-in-jammu-and-kashmir-police-recruitment-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh: नोटिस पर जम्मू-कश्मीर पहुंचे अनिल को CBI ने किया गिरफ्तार, उप निरीक्षक भर्ती से जुड़ा है मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh: नोटिस पर जम्मू-कश्मीर पहुंचे अनिल को CBI ने किया गिरफ्तार, उप निरीक्षक भर्ती से जुड़ा है मामला
Thu, 22 Sep 2022 03:40 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़ (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 22 Sep 2022 03:40 PM IST
सार
सूत्रों से लगी जानकारी के अनुसार अनिल कुमार एकेडमी चलाता है। उसने जम्मू-कश्मीर में कोई पेपर करवाया था। इसकी एवज में अनिल ने पैसे लिए थे।
विज्ञापन
सीबीआई
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में उप निरीक्षक भर्ती से जुड़े मामले में सीबीआई की टीम ने हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव लहरोदा निवासी अनिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया। 20 सितंबर को अनिल ने जम्मू-कश्मीर में सीबीआई कार्यालय में जाकर समर्पण किया था। उसी दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
जम्मू-कश्मीर में 2022 में पुलिस उपनिरीक्षक की भर्ती हुई थी। इस भर्ती में धांधली की शिकायत थी जिसकी जांच सीबीआई कर रही है। जांच के सिलसिले में सीबीआई की टीम ने 13 सितंबर को जिले के खानपुर निवासी पवन कुुमार के आवास, गांव बाठोठा निवासी नरेंद्र तथा गांव लहरोदा निवासी अनिल कुमार के आवास पर छापा मारा था। तीनों को नोटिस जारी किया था।
टीम में सीबीआई इंस्पेक्टर, एसआई मनीष जैन, एसआई वीरेंद्र कुमार तथा गुरमेल सिंह थे। टीम ने पूरे घर की तलाशी ली तथा आरोपी नरेंद्र की बैंक कॉपी चेक की तो उसमें अप्रैल में लगभग 9 लाख रुपये की राशि जमा दिखाई गई मिली। इसके बाद तीन-चार दिन बाद रह राशि कैश, चेक तथा आरटीजीएस के माध्यम से अलग-अलग दिन निकाली हुई पाई गई थी।
विज्ञापन
सीबीआई टीम नरेंद्र की आईडी एवं दो मोबाइल साथ लेकर गई थी। नोटिस के आधार पर अनिल कुमार मंगलवार को सीबीआई कार्यालय जम्मू-कश्मीर गया था जहां पर सीबीआई ने उसको गिरफ्तार कर लिया।
सूत्रों से लगी जानकारी के अनुसार अनिल कुमार एकेडमी चलाता है। उसने जम्मू-कश्मीर में कोई पेपर करवाया था। इसकी एवज में अनिल ने पैसे लिए थे। उसने अपने रिश्तेदार पवन कुमार के खाते में चार लाख तथा ढाणी बाठोठा निवासी नरेंद्र कुमार के खाते में 9 लाख रुपये डलवा दिए थे।
1200 लोगों ने उत्तीर्ण की थी परीक्षा
जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड की तरफ से मार्च 2022 में उप निरीक्षक की परीक्षा ली गई थी, जिसका परिणाम 4 जून को जारी किया गया था। इसमें परीक्षा पास करने वाले 1200 लोगों की सूची जारी की गई थी। भर्ती परीक्षा में 95 हजार से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए थे। परिणाम घोषित होते ही युवाओं ने भर्ती पर सवाल खड़े करते हुए धांधली होने के आरोप लगाए थे। केस की जांच सीबीआई कर रही।
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर में 2022 में पुलिस उपनिरीक्षक की भर्ती हुई थी। इस भर्ती में धांधली की शिकायत थी जिसकी जांच सीबीआई कर रही है। जांच के सिलसिले में सीबीआई की टीम ने 13 सितंबर को जिले के खानपुर निवासी पवन कुुमार के आवास, गांव बाठोठा निवासी नरेंद्र तथा गांव लहरोदा निवासी अनिल कुमार के आवास पर छापा मारा था। तीनों को नोटिस जारी किया था।
विज्ञापन
टीम में सीबीआई इंस्पेक्टर, एसआई मनीष जैन, एसआई वीरेंद्र कुमार तथा गुरमेल सिंह थे। टीम ने पूरे घर की तलाशी ली तथा आरोपी नरेंद्र की बैंक कॉपी चेक की तो उसमें अप्रैल में लगभग 9 लाख रुपये की राशि जमा दिखाई गई मिली। इसके बाद तीन-चार दिन बाद रह राशि कैश, चेक तथा आरटीजीएस के माध्यम से अलग-अलग दिन निकाली हुई पाई गई थी।
विज्ञापन
सीबीआई टीम नरेंद्र की आईडी एवं दो मोबाइल साथ लेकर गई थी। नोटिस के आधार पर अनिल कुमार मंगलवार को सीबीआई कार्यालय जम्मू-कश्मीर गया था जहां पर सीबीआई ने उसको गिरफ्तार कर लिया।
सूत्रों से लगी जानकारी के अनुसार अनिल कुमार एकेडमी चलाता है। उसने जम्मू-कश्मीर में कोई पेपर करवाया था। इसकी एवज में अनिल ने पैसे लिए थे। उसने अपने रिश्तेदार पवन कुमार के खाते में चार लाख तथा ढाणी बाठोठा निवासी नरेंद्र कुमार के खाते में 9 लाख रुपये डलवा दिए थे।
1200 लोगों ने उत्तीर्ण की थी परीक्षा
जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड की तरफ से मार्च 2022 में उप निरीक्षक की परीक्षा ली गई थी, जिसका परिणाम 4 जून को जारी किया गया था। इसमें परीक्षा पास करने वाले 1200 लोगों की सूची जारी की गई थी। भर्ती परीक्षा में 95 हजार से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए थे। परिणाम घोषित होते ही युवाओं ने भर्ती पर सवाल खड़े करते हुए धांधली होने के आरोप लगाए थे। केस की जांच सीबीआई कर रही।