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संस्कृति और विरासत से जुड़ सकते हैं : जनरल सिंह
Thu, 16 Oct 2025 12:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 16 Oct 2025 12:29 AM IST
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फोटो संख्या:72- राजकीय महाविद्यालय सतनाली में विद्यार्थियों को जागरूक करते डॉ. नरेंद्र परमार-
सतनाली। राजकीय महाविद्यालय सतनाली में बुधवार को प्लेसमेंट सेल और आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में व्याख्यान का आयोजन किया गया।
प्राचार्य जनरल सिंह ने कहा कि पुरातत्व जैसे विषयों के माध्यम से छात्र संस्कृति और विरासत से जुड़ सकते हैं।
इस मौके पर मुख्यातिथि हकेंवि के इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रो. डॉ. नरेंद्र परमार ने छात्रों को पुरातत्व के क्षेत्र में उपलब्ध विविध कॅरिअर अवसरों, भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व एवं आधुनिक संदर्भों में उसकी प्रासंगिकता पर जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को इस क्षेत्र में शोध एवं उच्च शिक्षा के विभिन्न पहलुओं से भी अवगत कराया।
प्लेसमेंट सेल प्रभारी अजीत सिंह ने कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान छात्रों के व्यक्तित्व विकास एवं करियर निर्माण में उपयोगी सिद्ध होते हैं। इस अवसर पर आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ समन्वयक डॉ. भगवान ने कहा कि ऐसे व्याख्यान छात्रों में नई दिशा एवं दृष्टिकोण विकसित करते हैं, जिससे वे अपने भविष्य के प्रति अधिक जागरूक और प्रेरित बनते हैं। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ टीम के सदस्य मौजूद रहे।
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प्राचार्य जनरल सिंह ने कहा कि पुरातत्व जैसे विषयों के माध्यम से छात्र संस्कृति और विरासत से जुड़ सकते हैं।
इस मौके पर मुख्यातिथि हकेंवि के इतिहास एवं पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रो. डॉ. नरेंद्र परमार ने छात्रों को पुरातत्व के क्षेत्र में उपलब्ध विविध कॅरिअर अवसरों, भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व एवं आधुनिक संदर्भों में उसकी प्रासंगिकता पर जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को इस क्षेत्र में शोध एवं उच्च शिक्षा के विभिन्न पहलुओं से भी अवगत कराया।
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प्लेसमेंट सेल प्रभारी अजीत सिंह ने कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान छात्रों के व्यक्तित्व विकास एवं करियर निर्माण में उपयोगी सिद्ध होते हैं। इस अवसर पर आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ समन्वयक डॉ. भगवान ने कहा कि ऐसे व्याख्यान छात्रों में नई दिशा एवं दृष्टिकोण विकसित करते हैं, जिससे वे अपने भविष्य के प्रति अधिक जागरूक और प्रेरित बनते हैं। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ टीम के सदस्य मौजूद रहे।
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