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Mahendragarh-Narnaul News: भवन तैयार, ताले बरकरार...उद्घाटन के इंतजार में सुविधाएं
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फोटो 11पांच महीनों से तैयार सीएफसी सेंटर का भवन। संवाद
नारनौल। शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए नगर परिषद ने कई विकास कार्य तो पूरे करा दिए, लेकिन अब ये काम उद्घाटन के इंतजार में बंद पड़े हैं। निर्माण पूरा हुए करीब पांच माह बीत चुके हैं, इसके बावजूद इन्हें शुरू नहीं किया गया। इससे सरकारी राशि से तैयार भवनों के रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
नगर परिषद ने करीब 65 लाख रुपये की लागत से पुलिस लाइन के पास, पुरानी कचहरी के समीप और नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क में तीन आकांक्षी शौचालय बनाए हैं। निर्माण पूरा हुए करीब एक माह हो गया लेकिन अभी तक इनमें ताले लटके हैं।
वहीं, घर के नजदीक डिजिटल और नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करीब 1.20 करोड़ रुपये से छह नागरिक सुविधा केंद्र बनाए जा रहे हैं। इनमें पांच केंद्रों के भवन करीब पांच माह से तैयार हैं, लेकिन उद्घाटन नहीं होने से लोगों को इनका लाभ नहीं मिल रहा। कुछ जगहों पर गंदगी और सुनसान माहौल के कारण भवनों को नुकसान भी पहुंच रहा है।
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महिलाओं के लिए पुरानी कचहरी परिसर में शुरू होने वाला सांझा बाजार भी तैयार है। करीब 10 लाख रुपये के केबिन तीन माह से खाली पड़े हैं।शहरवासियों का कहना है कि भवन बनाना ही विकास नहीं, उन्हें समय पर जनता के लिए खोलना भी जरूरी है। संवाद
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नगर परिषद ने करीब 65 लाख रुपये की लागत से पुलिस लाइन के पास, पुरानी कचहरी के समीप और नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क में तीन आकांक्षी शौचालय बनाए हैं। निर्माण पूरा हुए करीब एक माह हो गया लेकिन अभी तक इनमें ताले लटके हैं।
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वहीं, घर के नजदीक डिजिटल और नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करीब 1.20 करोड़ रुपये से छह नागरिक सुविधा केंद्र बनाए जा रहे हैं। इनमें पांच केंद्रों के भवन करीब पांच माह से तैयार हैं, लेकिन उद्घाटन नहीं होने से लोगों को इनका लाभ नहीं मिल रहा। कुछ जगहों पर गंदगी और सुनसान माहौल के कारण भवनों को नुकसान भी पहुंच रहा है।
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महिलाओं के लिए पुरानी कचहरी परिसर में शुरू होने वाला सांझा बाजार भी तैयार है। करीब 10 लाख रुपये के केबिन तीन माह से खाली पड़े हैं।शहरवासियों का कहना है कि भवन बनाना ही विकास नहीं, उन्हें समय पर जनता के लिए खोलना भी जरूरी है। संवाद