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Mahendragarh-Narnaul News: शहर की सरकार के गठन पर होने लगा मंथन
Tue, 28 May 2024 12:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 28 May 2024 12:55 AM IST
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कनीना। लोकसभा के चुनाव संपन्न होने के बाद अब मतगणना के साथ-साथ नगर पालिका (नपा) और विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा होनी शुरू हो गई है। पिछले करीब एक साल से नपा का चार्ज भी प्रशासन के हाथों में है।
अब लोगों ने भी विधानसभा चुनाव के लिए जोड़तोड़ शुरू कर दी है। उधर कनीना वासियों को नगरपालिका के चुनावों को लेकर भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। अनेक बार चुनाव होने की संभावनाएं जताई गई लेकिन चुनाव को लेकर लगाई जा रही सभी अटकलें गलत साबित हुई थीं। 13 जून 2018 को कनीना नगरपालिका के चुनाव हुए थे तथा प्रधान ने 25 जनवरी 2019 को शपथ ली थी। 14 जून 2023 को कार्यकाल समाप्त हो गया था। कनीना नपा के चुनावों को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसका कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासनिक अधिकारी बतौर एसडीएम को नियुक्त किया हुआ है। प्रशासनिक कार्यकाल को करीब एक साल पूरा होने को है। कस्बे में चर्चा है कि अब विधानसभा चुनाव के बाद ही नगरपालिका के चुनाव संभव हैं। वहीं गत 21 अक्तूबर 2019 को विधानसभा चुनाव हुए तथा अब अक्टूबर माह में विधान सभा का कार्यकाल भी पूरा हो जाएगा।
यह रह चुके हैं अब तक प्रधान
वर्ष 1955 में नगर पालिका कनीना बनी और पहली बार 1955 में चौधरी बलबीर सिंह प्रधान बने थे। तत्पश्चात 1962 में चौधरी जानकी प्रसाद। वर्ष 1964 में संतोष कुमार, 1968 में दोबारा से चौधरी बलबीर सिंह, 1987 में राजेंद्र सिंह लोढ़ा, 1991 में बीडीपीओ सोहनलाल, 1991 में ही चौधरी दिलीप सिंह प्रधान बने। 1994 में वीसी राजशेखर को प्रशासक के जिम्मेवारी मिली। 1994 में ही बीडीपीओ मुनीलाल नगर पालिका प्रशासक रहे। 1995 में राजेंद्र सिंह लोढ़ा दोबारा से प्रधान बने, 2006 में प्रशासक महेंद्र सिंह मोरवाल रहे। 2007 में संतोष देवी प्रधान बनी, 2012 में शारदा देवी प्रधान रही। 2017 में एचसीएस संदीप सिंह प्रशासक के रूप में रहे। 2018 मेंअभिषेक मीणा प्रशासक के रूप में रहे। वर्ष 2019 में सतीश जैलदार प्रधान रहे। 2023 में प्रशासक के रूप में एचसीएस सुरेंद्र सिंह है।
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अब लोगों ने भी विधानसभा चुनाव के लिए जोड़तोड़ शुरू कर दी है। उधर कनीना वासियों को नगरपालिका के चुनावों को लेकर भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। अनेक बार चुनाव होने की संभावनाएं जताई गई लेकिन चुनाव को लेकर लगाई जा रही सभी अटकलें गलत साबित हुई थीं। 13 जून 2018 को कनीना नगरपालिका के चुनाव हुए थे तथा प्रधान ने 25 जनवरी 2019 को शपथ ली थी। 14 जून 2023 को कार्यकाल समाप्त हो गया था। कनीना नपा के चुनावों को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसका कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासनिक अधिकारी बतौर एसडीएम को नियुक्त किया हुआ है। प्रशासनिक कार्यकाल को करीब एक साल पूरा होने को है। कस्बे में चर्चा है कि अब विधानसभा चुनाव के बाद ही नगरपालिका के चुनाव संभव हैं। वहीं गत 21 अक्तूबर 2019 को विधानसभा चुनाव हुए तथा अब अक्टूबर माह में विधान सभा का कार्यकाल भी पूरा हो जाएगा।
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यह रह चुके हैं अब तक प्रधान
वर्ष 1955 में नगर पालिका कनीना बनी और पहली बार 1955 में चौधरी बलबीर सिंह प्रधान बने थे। तत्पश्चात 1962 में चौधरी जानकी प्रसाद। वर्ष 1964 में संतोष कुमार, 1968 में दोबारा से चौधरी बलबीर सिंह, 1987 में राजेंद्र सिंह लोढ़ा, 1991 में बीडीपीओ सोहनलाल, 1991 में ही चौधरी दिलीप सिंह प्रधान बने। 1994 में वीसी राजशेखर को प्रशासक के जिम्मेवारी मिली। 1994 में ही बीडीपीओ मुनीलाल नगर पालिका प्रशासक रहे। 1995 में राजेंद्र सिंह लोढ़ा दोबारा से प्रधान बने, 2006 में प्रशासक महेंद्र सिंह मोरवाल रहे। 2007 में संतोष देवी प्रधान बनी, 2012 में शारदा देवी प्रधान रही। 2017 में एचसीएस संदीप सिंह प्रशासक के रूप में रहे। 2018 मेंअभिषेक मीणा प्रशासक के रूप में रहे। वर्ष 2019 में सतीश जैलदार प्रधान रहे। 2023 में प्रशासक के रूप में एचसीएस सुरेंद्र सिंह है।
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