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Mahendragarh-Narnaul News: पारंपरिक ज्ञान के साथ अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के एकीकरण पर किया मंथन
Sat, 12 Oct 2024 01:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 12 Oct 2024 01:11 AM IST
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फोटो संख्या:67- कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रो. एन.के. सिंह को पुष्पगुच्छ भेंट करते कुलपति प्रो
महेंद्रगढ़। भारत रत्न नानाजी देशमुख की जयंती पर हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) में शुक्रवार को ग्रामोदय सहस्त्र विद्या दीप कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले 1000 विद्यार्थियों को डीएनए निष्कर्षण और इलेक्ट्रोफोरेसिस का व्यावहारिक प्रशिक्षण सहित जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शिक्षित करना है, जिससे युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी के बारे में जागरूक किया जा सके। आयोजन में नेशनल इंस्टीट्यूट फाॅर प्लांट बायोटेक्नोलाॅजी (एनआईबी) के प्रो. एनके सिंह मुख्य अतिथि तथा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेश सिरोही विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने की।
विश्वविद्यालय के जैवप्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन व भारत रत्न नानाजी देशमुख की तस्वीर पर पुष्प अर्पित करने के साथ हुई। कार्यक्रम में प्रो. एनके सिंह ने हमारे पूर्वजों से विरासत में मिले पारंपरिक ज्ञान के साथ अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के एकीकरण पर विस्तार से चर्चा की तथा कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल दिया। नरेश सिरोही ने भारत रत्न नानाजी देशमुख की शिक्षाओं से प्रतिभागियों को अवगत कराते हुए बताया कि किस तरह उनके समर्पित कार्य ने ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों लोगों के जीवन को बदल दिया।
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विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने शिक्षा और उन्नत प्रौद्योगिकी को सभी के लिए सुलभ बनाने में आउटरीच कार्यक्रमों के महत्व पर बल दिया और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए गतिशील और समावेशी शिक्षण विधियों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। संयोजक डाॅ. रूपेश देशमुख ने बताया कि 25 हफ्तों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में हर सप्ताह 40 विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
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कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले 1000 विद्यार्थियों को डीएनए निष्कर्षण और इलेक्ट्रोफोरेसिस का व्यावहारिक प्रशिक्षण सहित जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शिक्षित करना है, जिससे युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी के बारे में जागरूक किया जा सके। आयोजन में नेशनल इंस्टीट्यूट फाॅर प्लांट बायोटेक्नोलाॅजी (एनआईबी) के प्रो. एनके सिंह मुख्य अतिथि तथा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेश सिरोही विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने की।
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विश्वविद्यालय के जैवप्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन व भारत रत्न नानाजी देशमुख की तस्वीर पर पुष्प अर्पित करने के साथ हुई। कार्यक्रम में प्रो. एनके सिंह ने हमारे पूर्वजों से विरासत में मिले पारंपरिक ज्ञान के साथ अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के एकीकरण पर विस्तार से चर्चा की तथा कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल दिया। नरेश सिरोही ने भारत रत्न नानाजी देशमुख की शिक्षाओं से प्रतिभागियों को अवगत कराते हुए बताया कि किस तरह उनके समर्पित कार्य ने ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों लोगों के जीवन को बदल दिया।
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विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने शिक्षा और उन्नत प्रौद्योगिकी को सभी के लिए सुलभ बनाने में आउटरीच कार्यक्रमों के महत्व पर बल दिया और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए गतिशील और समावेशी शिक्षण विधियों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। संयोजक डाॅ. रूपेश देशमुख ने बताया कि 25 हफ्तों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में हर सप्ताह 40 विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

फोटो संख्या:67- कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रो. एन.के. सिंह को पुष्पगुच्छ भेंट करते कुलपति प्रो