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खुद कामयाब बनीं, 500 महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर
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फोटो संख्या:67-गांव बवानिया में सुनिता यादव द्वारा लगाई गई केंचुआ खाद यूनिट---संवाद
- फोटो : Narnol
महेंद्रगढ़। वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाकर खाद तैयार करने के साथ ही मशरूम उत्पादन कर कामयाब बनीं गांव बवानिया निवासी सुनीता ने 500 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया है। इनका लक्ष्य पांच वर्ष में पांच हजार महिलाओं को कामयाब बनाना है। दो स्वयं सहायता समूह चलाकर वे महिलाओं को अचार, आम का पना बनाने, वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाने, मशरूम की खेती करने का प्रशिक्षण देकर छोटी-छोटी यूनिटें शुरू कराई हैं।
आठ साल पहले स्वरोजगार शुरू करने वाली सुनीता वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाकर एक वर्ष में 240 क्विंटल खाद तैयार कर रही हैं। उन्होंने 500 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार स्थापित कराया है। वे अपने 10 सदस्यीय परिवार की जिम्मेदारी बखूबी निभा रहीं है। वे गोबर गैस प्लांट लगा कर गोबर गैस से भोजन पकाती हैं। कीचन गार्डन में सब्जियां उगाती हैं। साथ ही वे सालाना 25 क्विंटल मशरूम उत्पादन कर लाभ उठा रही हैं। सुनीता ने बताया कि वे गांव-गांव जाकर महिलाओं को स्वरोजगार के प्रति जागरूक कर रही हैं। विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दे रही हैं। हाल ही में गांव में वर्मी कंपोस्ट खाद की नई यूनिट लगाई है जिससे सालाना 800 क्विंटल उत्पादन होगा। इस समय एक यूनिट से 240 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट खाद का उत्पादन हो रहा है। ऑनलाइन बिक्री के साथ ही इसकी गांवों में काफी मांग है।
कृषि विज्ञान केंद्र से लिया प्रशिक्षण
सुनीता ने हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के महेंद्रगढ़ स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में प्रशिक्षण लिया है। इसमें जामुन का सिरका, आम पना, मौसमी सब्जियों के संवर्धन, जैम व मुरब्बा तैयार करने का प्रशिक्षण शामिल है। बताया कि हाल ही में डॉ. सुशील कुमार सिंह निदेशक कृषि तकनीक अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान जोधपुर और डॉ. बलवान सिंह मंडल निदेशक विस्तार शिक्षा, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ने दौरा कर वर्मी कंपोस्ट यूनिट, कीचन गार्डन और मशरूम उत्पादन यूनिट का निरीक्षण किया था। इस सराहनीय कार्य के लिए बधाई दी थी।
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सुनीता यादव कृषि विज्ञान केंद्र से जैविक खेती, मशरूम उत्पादन, वर्मी कंपोस्ट खाद आदि तैयार करने का विशेष प्रशिक्षण लेकर कामयाब बनी है। हाल ही में केवीके करनाल में आयोजित एडवांस ट्रेनिंग कैंप में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षणों के लिए इनका चयन किया गया है।- डॉ. पूनम यादव, जिला विस्तार विशेषज्ञ गृह विज्ञान, केवीके महेंद्रगढ़
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आठ साल पहले स्वरोजगार शुरू करने वाली सुनीता वर्मी कंपोस्ट यूनिट लगाकर एक वर्ष में 240 क्विंटल खाद तैयार कर रही हैं। उन्होंने 500 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार स्थापित कराया है। वे अपने 10 सदस्यीय परिवार की जिम्मेदारी बखूबी निभा रहीं है। वे गोबर गैस प्लांट लगा कर गोबर गैस से भोजन पकाती हैं। कीचन गार्डन में सब्जियां उगाती हैं। साथ ही वे सालाना 25 क्विंटल मशरूम उत्पादन कर लाभ उठा रही हैं। सुनीता ने बताया कि वे गांव-गांव जाकर महिलाओं को स्वरोजगार के प्रति जागरूक कर रही हैं। विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दे रही हैं। हाल ही में गांव में वर्मी कंपोस्ट खाद की नई यूनिट लगाई है जिससे सालाना 800 क्विंटल उत्पादन होगा। इस समय एक यूनिट से 240 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट खाद का उत्पादन हो रहा है। ऑनलाइन बिक्री के साथ ही इसकी गांवों में काफी मांग है।
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कृषि विज्ञान केंद्र से लिया प्रशिक्षण
सुनीता ने हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के महेंद्रगढ़ स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में प्रशिक्षण लिया है। इसमें जामुन का सिरका, आम पना, मौसमी सब्जियों के संवर्धन, जैम व मुरब्बा तैयार करने का प्रशिक्षण शामिल है। बताया कि हाल ही में डॉ. सुशील कुमार सिंह निदेशक कृषि तकनीक अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान जोधपुर और डॉ. बलवान सिंह मंडल निदेशक विस्तार शिक्षा, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ने दौरा कर वर्मी कंपोस्ट यूनिट, कीचन गार्डन और मशरूम उत्पादन यूनिट का निरीक्षण किया था। इस सराहनीय कार्य के लिए बधाई दी थी।
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सुनीता यादव कृषि विज्ञान केंद्र से जैविक खेती, मशरूम उत्पादन, वर्मी कंपोस्ट खाद आदि तैयार करने का विशेष प्रशिक्षण लेकर कामयाब बनी है। हाल ही में केवीके करनाल में आयोजित एडवांस ट्रेनिंग कैंप में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षणों के लिए इनका चयन किया गया है।- डॉ. पूनम यादव, जिला विस्तार विशेषज्ञ गृह विज्ञान, केवीके महेंद्रगढ़