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बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा व चुनाव अधिकारी को दिल्ली बुलाया
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बार काउंसलिंग में शिकायत करने जाते हुए। संवाद
- फोटो : Narnol
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नारनौल। जिला बार एसोसिएशन का चुनाव विवाद अभी थमता दिखाई नहीं दे रहा है। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान पद के प्रत्याशी यशवंत यादव की शिकायत पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा, जिला बार एसोसिएशन नारनौल के चुनाव अधिकारी ओम प्रकाश यादव व प्रधान अशोक यादव को नौ जनवरी को तलब किया है।
जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान मनीष वशिष्ठ एडवोकेट ने बताया कि जिला बार एसोसिएशन के चुनावी विवाद की सुनवाई के लिए चुनाव अधिकारी ओम प्रकाश यादव, प्रधान अशोक यादव व प्रधान पद प्रत्याशी यशवंत यादव को बार काउंसिल ने 26 अक्तूबर को चंडीगढ़ तलब किया था। बार काउंसिल की तीन सदस्यीय चुनावी समिति के निर्णय में मतभेद होने के कारण बार काउंसिल के चेयरमैन ने दो नवंबर 2020 को बार काउंसिल द्वारा भेजे गए पर्यवेक्षक सुशील शर्मा को निष्पक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा संपूर्ण कार्रवाई की विडियो रिकॉर्डिंग करने के आदेश दिए थे।
वशिष्ठ ने बताया कि बार काउंसिल के निर्देश पर आयोजित जिला बार एसोसिएशन की साधारण सभा की बैठक में कुछ अधिवक्ताओं ने हाथापाई कर दी थी। इसमें बैठक स्थगित कर दी गई थी। उन्होंने बताया कि उक्त पर्यवेक्षक ने रिपोर्ट तीन नवंबर को ही प्रस्तुत कर दी थी। पर्यवेक्षक ने झगड़े हुआ जाना बताते हुए, वीडियो रिकॉर्डिंग भी बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा को सौंप दी थी। दो माह बीत जाने के बाद भी बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा ने रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं की। जिसके चलते प्रधान पद प्रत्याशी यशवंत यादव ने एक याचिका बार काउंसिल ऑफ इंडिया नई दिल्ली में प्रस्तुत की थी। जिस पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा, जिला बार एसोसिएशन के चुनाव अधिकारी ओम प्रकाश यादव समेत अन्य को नौ जनवरी को नई दिल्ली तलब किया है। चुनाव अधिकारी ने चार पदों पर निर्वाचित हो चुके, उन अधिवक्ताओं के साथ अन्याय किया है, जो मार्च 2020 में प्रारंभ हुई चुनावी प्रक्रिया में निर्विरोध जीत चुके थे। प्रधान पद प्रत्याशी यशवंत यादव ने बताया की यह लड़ाई जिला बार एसोसिएशन में लोकतंत्र की बहाली के लिए है।
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क्या है मामला
ओम प्रकाश यादव ने 14 सितंबर 2020 को ऑनलाइन चुनाव पर चर्चा करने के एजेंडे के साथ बैठक बुलाई थी। जिसमें उन्होंने पुरानी कार्यकारिणी के कार्यकाल को आगामी चुनावों तक बढ़ाने का प्रस्ताव पास कर दिया। इसका प्रधान पद के प्रत्याशी यशवंत यादव व अन्य पदों के प्रत्याशियों ने विरोध जताया था। इस संबंध में यशवंत यादव ने बार काउंसिल को एक शिकायत की थी।
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जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान मनीष वशिष्ठ एडवोकेट ने बताया कि जिला बार एसोसिएशन के चुनावी विवाद की सुनवाई के लिए चुनाव अधिकारी ओम प्रकाश यादव, प्रधान अशोक यादव व प्रधान पद प्रत्याशी यशवंत यादव को बार काउंसिल ने 26 अक्तूबर को चंडीगढ़ तलब किया था। बार काउंसिल की तीन सदस्यीय चुनावी समिति के निर्णय में मतभेद होने के कारण बार काउंसिल के चेयरमैन ने दो नवंबर 2020 को बार काउंसिल द्वारा भेजे गए पर्यवेक्षक सुशील शर्मा को निष्पक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा संपूर्ण कार्रवाई की विडियो रिकॉर्डिंग करने के आदेश दिए थे।
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वशिष्ठ ने बताया कि बार काउंसिल के निर्देश पर आयोजित जिला बार एसोसिएशन की साधारण सभा की बैठक में कुछ अधिवक्ताओं ने हाथापाई कर दी थी। इसमें बैठक स्थगित कर दी गई थी। उन्होंने बताया कि उक्त पर्यवेक्षक ने रिपोर्ट तीन नवंबर को ही प्रस्तुत कर दी थी। पर्यवेक्षक ने झगड़े हुआ जाना बताते हुए, वीडियो रिकॉर्डिंग भी बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा को सौंप दी थी। दो माह बीत जाने के बाद भी बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा ने रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं की। जिसके चलते प्रधान पद प्रत्याशी यशवंत यादव ने एक याचिका बार काउंसिल ऑफ इंडिया नई दिल्ली में प्रस्तुत की थी। जिस पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा, जिला बार एसोसिएशन के चुनाव अधिकारी ओम प्रकाश यादव समेत अन्य को नौ जनवरी को नई दिल्ली तलब किया है। चुनाव अधिकारी ने चार पदों पर निर्वाचित हो चुके, उन अधिवक्ताओं के साथ अन्याय किया है, जो मार्च 2020 में प्रारंभ हुई चुनावी प्रक्रिया में निर्विरोध जीत चुके थे। प्रधान पद प्रत्याशी यशवंत यादव ने बताया की यह लड़ाई जिला बार एसोसिएशन में लोकतंत्र की बहाली के लिए है।
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क्या है मामला
ओम प्रकाश यादव ने 14 सितंबर 2020 को ऑनलाइन चुनाव पर चर्चा करने के एजेंडे के साथ बैठक बुलाई थी। जिसमें उन्होंने पुरानी कार्यकारिणी के कार्यकाल को आगामी चुनावों तक बढ़ाने का प्रस्ताव पास कर दिया। इसका प्रधान पद के प्रत्याशी यशवंत यादव व अन्य पदों के प्रत्याशियों ने विरोध जताया था। इस संबंध में यशवंत यादव ने बार काउंसिल को एक शिकायत की थी।