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Mahendragarh-Narnaul News: बाल विवाह रोकने के लिए हमीदपुर में किया जागरूकता कार्यक्रम
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फोटो नंबर- 02गांव हमीदपुर स्थित विद्यालय में बाल विवाह के विरुद्ध लोगों को जागरूक करती महिला
नारनौल। 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया ( अक्खा तीज ) पर बाल विवाह रोकने के लिए गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत राजकीय उच्च विद्यालय हमीदपुर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा ने कहा कि 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया ( अक्खा तीज ) का शुभ मुहूर्त है। इस दिन बहुत अधिक शादियां होती हैं। ऐसे मुहूर्त पर बाल विवाह होने का अंदेशा बना रहता है। बाल विवाह करने व करवाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाल विवाह एक सामाजिक कुप्रथा ही नहीं बल्कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत कानूनन अपराध है।
उन्होंने बाल विवाह को रोकने के लिए समस्त जनसाधारण गांवों के मौजिज लोगों, सरपंचों, पुजारी, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी वर्कर, टैंट हाउस, विवाह समारोह स्थल, नगर पार्षदों व समाज सेवियों से अपील की है कि आने वाली 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया (अक्खा तीज) के दिन आयोजित होने वाले बाल विवाह को रोकने में प्रशासन की मदद करें। उन्होंने कहा कि मैरिज पैलेस व बैंक्वेट हॉल के संचालकों, मैरिज पैलेस के मालिक अपने यहां आयोजित होने वाले विवाह समारोह के संबंध में पहले दुल्हा व दुल्हन के आयु प्रमाण पत्रों की जांच करें। जांच के दौरान यदि लड़के की आयु 21 वर्ष से कम व लड़की की आयु 18 वर्ष से कम है तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि आयु प्रमाण पत्रों की एक प्रति अपने पास भी रखें।
शर्मा ने कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह एक कानूनन अपराध है। इस अधिनियम के अनुसार शादी के लिए लड़कों के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष व लड़कियों के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति बाल विवाह करता है, तो उसे इस अधिनियम के तहत सजा व जुर्माना दोनों हो सकता है। इस अधिनियम का उद्देश्य बाल विवाह को रोकना और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना है। इस मौके पर विद्यार्थियों को बाल विवाह न करने की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि कहीं भी बाल विवाह होता दिखे तो तुरंत 1098 या 100 नंबर पर डायल कर सूचना दें।
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उन्होंने बाल विवाह को रोकने के लिए समस्त जनसाधारण गांवों के मौजिज लोगों, सरपंचों, पुजारी, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी वर्कर, टैंट हाउस, विवाह समारोह स्थल, नगर पार्षदों व समाज सेवियों से अपील की है कि आने वाली 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया (अक्खा तीज) के दिन आयोजित होने वाले बाल विवाह को रोकने में प्रशासन की मदद करें। उन्होंने कहा कि मैरिज पैलेस व बैंक्वेट हॉल के संचालकों, मैरिज पैलेस के मालिक अपने यहां आयोजित होने वाले विवाह समारोह के संबंध में पहले दुल्हा व दुल्हन के आयु प्रमाण पत्रों की जांच करें। जांच के दौरान यदि लड़के की आयु 21 वर्ष से कम व लड़की की आयु 18 वर्ष से कम है तो उसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि आयु प्रमाण पत्रों की एक प्रति अपने पास भी रखें।
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शर्मा ने कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह एक कानूनन अपराध है। इस अधिनियम के अनुसार शादी के लिए लड़कों के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष व लड़कियों के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति बाल विवाह करता है, तो उसे इस अधिनियम के तहत सजा व जुर्माना दोनों हो सकता है। इस अधिनियम का उद्देश्य बाल विवाह को रोकना और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना है। इस मौके पर विद्यार्थियों को बाल विवाह न करने की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि कहीं भी बाल विवाह होता दिखे तो तुरंत 1098 या 100 नंबर पर डायल कर सूचना दें।
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