{"_id":"6410b25c4c2c8a4bbf0a4fb6","slug":"awareness-did-not-come-about-influenza-very-few-people-are-using-masks-narnol-news-c-17-1-93287-2023-03-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: इन्फ्लूएंजा को लेकर नहीं आई जागरूकता, बहुत कम लोग कर रहे मास्क का प्रयोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: इन्फ्लूएंजा को लेकर नहीं आई जागरूकता, बहुत कम लोग कर रहे मास्क का प्रयोग
Tue, 14 Mar 2023 11:13 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 14 Mar 2023 11:13 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नारनौल। इन्फ्लूएंजा वायरस का प्रकोप देश और प्रदेश में बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में इन्फ्लूएंजा वायरस ने अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं जिसके चलते प्रदेश सरकार ने जिला अस्पतालों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इसके अलावा लोगों के लिए भी वायरस से बचाव के लिए जरूरी सावधानी बरतने की हिदायत भी जारी की गई है लेकिन लोगों में जागरूकता देखने को नहीं मिल रही है। लोग बिना मास्क के भीड़भाड़ वाले स्थानों पर घूम रहे हैं। ऐसे में इन्फ्लूएंजा वायरस के फैलने का खतरा अधिक बढ़ गया है। हालांकि जिले में अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। फिर भी हमें जागरूक रहने की आवश्यकता है अन्यथा कोरोना जैसे हालात एक बार फिर से बन सकते हैं।
बता दें कि कोरोना के बाद इन्फ्लूएंजा वायरस देश व प्रदेश में तेजी से अपने पांव पसार रहा है। जिसको लेकर हमें अभी से सावधानियां बरतनी होगी। वैसे देखा जाए तो जिले में अभी इन्फ्लूएंजा वायरस से संक्रमित कोई मरीज नहीं आया है फिर भी हमें जागरूक होकर नियमों का पालन करना होगा मगर लोग वायरस को लेकर गंभीर दिखाई नहीं दे रहे हैं। इस वायरस को लेकर लघुसचिवालय, बस स्टेंड, न्यायालय परिसर, अस्पताल और बाजार में बहुत कम ऐसे लोग दिखाई दिए जिन्होंने मास्क लगाना शुरू किया। लघु सचिवालय में आने वाले लोग और कार्यालयों में काम करने वाले कुछ ही लोग मास्क का प्रयोग करते हुए दिखाई दिए। इसके अलावा कोर्ट परिसर में जहां अधिवक्तागण बैठेते है वहां भी किसी के मुंह पर मास्क दिखाई नहीं दिया।
विज्ञापन
वहीं नागरिक अस्पताल में जहां हर तरह के मरीज आते हैं वहां भी कुछ ही चिकित्सक व लोगों के मुंह पर मास्क लगा दिखाई दिया। जबकि नागरिक अस्पताल में मास्क का प्रयोग सबसे ज्यादा जरूरी है और चिकित्सकों को भी इसका प्रयोग कर आने वाले हर व्यक्ति को इसे लगाने के लिए जागरूक करना चाहिए। बस स्टैंड पर भी लोगों की भारी भीड़ रहती है यहां कुछ जागरूक लोगों के ही मुंह पर मास्क लगा दिखाई दिया। बाजारों में आने वाले लोग व दुकानदारों ने भी अभी मास्क का प्रयोग करना उचित नहीं समझा। कोरोना काल में जितनी सावधानियां हम रखते थे इन्फ्लूएंजा को देखते हुए हमें उनकों फिर से उपयोग में लाना है क्योंकि सावधानी में ही बचाव है।
डीसी भी कर चुके है सतर्क
डीसी डॉ. जयकृष्ण आभारी ने भी एक आडियो जारी की थी। यह आडियो लोगों के अनेक वाट्सअप ग्रुपों में डाली गई। जिसमें उन्होंने लोगों को जिस तरह कोराना में हमने सावधानियां रखी उसी तरह इन्फ्लूएंजा के लिए भी लोगों को सावधानी रखने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि सभी लोग मास्क लगाए और समय-समय पर अपने हाथों को साबुन से धोते रहे तथा भीड़भाड़ वाले स्थान से बचे। परंतु इस आडियो का भी अभी लोगों पर कुछ खास असर दिखाई नहीं पड़ रहा।
कोरोना जैसे हालात न हो इसलिए हम सबको सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर नागरिक अस्पताल में कर्मचारी व चिकित्सक मास्क नहीं लगाते है तो यह ठीक नहीं है। अस्पताल में इन्फ्लूएंजा को देखते हुए मास्क जरूरी है इसे लेकर वे स्वयं दौरा करेंगे। आज ही सभी के लिए मास्क अनिवार्य किया गया है। अस्पताल में कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई जाएगी की वे अस्पताल में आने वाले सभी लोगों मास्क लगाने के लिए प्रेरित करे।
-डॉ. केएम शर्मा, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, नागरिक अस्पताल, नारनौल।
विज्ञापन
इसके अलावा लोगों के लिए भी वायरस से बचाव के लिए जरूरी सावधानी बरतने की हिदायत भी जारी की गई है लेकिन लोगों में जागरूकता देखने को नहीं मिल रही है। लोग बिना मास्क के भीड़भाड़ वाले स्थानों पर घूम रहे हैं। ऐसे में इन्फ्लूएंजा वायरस के फैलने का खतरा अधिक बढ़ गया है। हालांकि जिले में अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। फिर भी हमें जागरूक रहने की आवश्यकता है अन्यथा कोरोना जैसे हालात एक बार फिर से बन सकते हैं।
विज्ञापन
बता दें कि कोरोना के बाद इन्फ्लूएंजा वायरस देश व प्रदेश में तेजी से अपने पांव पसार रहा है। जिसको लेकर हमें अभी से सावधानियां बरतनी होगी। वैसे देखा जाए तो जिले में अभी इन्फ्लूएंजा वायरस से संक्रमित कोई मरीज नहीं आया है फिर भी हमें जागरूक होकर नियमों का पालन करना होगा मगर लोग वायरस को लेकर गंभीर दिखाई नहीं दे रहे हैं। इस वायरस को लेकर लघुसचिवालय, बस स्टेंड, न्यायालय परिसर, अस्पताल और बाजार में बहुत कम ऐसे लोग दिखाई दिए जिन्होंने मास्क लगाना शुरू किया। लघु सचिवालय में आने वाले लोग और कार्यालयों में काम करने वाले कुछ ही लोग मास्क का प्रयोग करते हुए दिखाई दिए। इसके अलावा कोर्ट परिसर में जहां अधिवक्तागण बैठेते है वहां भी किसी के मुंह पर मास्क दिखाई नहीं दिया।
विज्ञापन
वहीं नागरिक अस्पताल में जहां हर तरह के मरीज आते हैं वहां भी कुछ ही चिकित्सक व लोगों के मुंह पर मास्क लगा दिखाई दिया। जबकि नागरिक अस्पताल में मास्क का प्रयोग सबसे ज्यादा जरूरी है और चिकित्सकों को भी इसका प्रयोग कर आने वाले हर व्यक्ति को इसे लगाने के लिए जागरूक करना चाहिए। बस स्टैंड पर भी लोगों की भारी भीड़ रहती है यहां कुछ जागरूक लोगों के ही मुंह पर मास्क लगा दिखाई दिया। बाजारों में आने वाले लोग व दुकानदारों ने भी अभी मास्क का प्रयोग करना उचित नहीं समझा। कोरोना काल में जितनी सावधानियां हम रखते थे इन्फ्लूएंजा को देखते हुए हमें उनकों फिर से उपयोग में लाना है क्योंकि सावधानी में ही बचाव है।
डीसी भी कर चुके है सतर्क
डीसी डॉ. जयकृष्ण आभारी ने भी एक आडियो जारी की थी। यह आडियो लोगों के अनेक वाट्सअप ग्रुपों में डाली गई। जिसमें उन्होंने लोगों को जिस तरह कोराना में हमने सावधानियां रखी उसी तरह इन्फ्लूएंजा के लिए भी लोगों को सावधानी रखने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि सभी लोग मास्क लगाए और समय-समय पर अपने हाथों को साबुन से धोते रहे तथा भीड़भाड़ वाले स्थान से बचे। परंतु इस आडियो का भी अभी लोगों पर कुछ खास असर दिखाई नहीं पड़ रहा।
कोरोना जैसे हालात न हो इसलिए हम सबको सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर नागरिक अस्पताल में कर्मचारी व चिकित्सक मास्क नहीं लगाते है तो यह ठीक नहीं है। अस्पताल में इन्फ्लूएंजा को देखते हुए मास्क जरूरी है इसे लेकर वे स्वयं दौरा करेंगे। आज ही सभी के लिए मास्क अनिवार्य किया गया है। अस्पताल में कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई जाएगी की वे अस्पताल में आने वाले सभी लोगों मास्क लगाने के लिए प्रेरित करे।
-डॉ. केएम शर्मा, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, नागरिक अस्पताल, नारनौल।