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Mahendragarh-Narnaul News: शाम होते ही जाम का जंजाल, 60 फीट चौड़ी सड़क रह जाती है आधी
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फोटो 16देवीलाल चौक पर खड़े भारी वाहनों से लगा जाम।संवाद
निजामपुर। कस्बे के व्यस्त देवीलाल चौक पर रोजाना शाम पांच बजे के बाद भारी वाहनों की आवाजाही के चलते जाम लगना आम हो गया है। करीब 60 फीट चौड़ी सड़क पर 20 से 30 फीट तक अतिक्रमण और बड़े ट्रकों की लगातार आवाजाही के कारण यातायात बाधित रहता है। इससे राहगीरों और स्थानीय व्यापारियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
शाम के समय लगने वाला एक से दो घंटे का जाम बाजार में प्रदूषण भी बढ़ा रहा है। देवीलाल चौक पर एक साथ कई बड़े ट्रक खड़े होने से सड़क जाम हो जाती है जिससे छोटे वाहन बीच में फंस जाते हैं और लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
सड़क किनारे लगे ठेले और अस्थायी दुकानों के कारण रास्ता और संकरा हो जाता है। स्थानीय दुकानदार महिपाल यादव ने बताया कि शाम के समय बजरी, पत्थर और डस्ट से भरे डंपरों की संख्या बढ़ने से हालात बिगड़ जाते हैं। बस का इंतजार कर रही सवारियों को भी डेढ़ से दो घंटे तक परेशानी झेलनी पड़ती है। जाम के कारण व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
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गौरतलब है कि बाजार क्षेत्र होने के कारण शाम को भीड़ अधिक रहती है। ऐसे में भारी वाहनों की एंट्री से स्थिति और बिगड़ जाती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शाम के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए और अतिक्रमण हटाकर यातायात व्यवस्था सुचारु की जाए।
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शाम के समय लगने वाला एक से दो घंटे का जाम बाजार में प्रदूषण भी बढ़ा रहा है। देवीलाल चौक पर एक साथ कई बड़े ट्रक खड़े होने से सड़क जाम हो जाती है जिससे छोटे वाहन बीच में फंस जाते हैं और लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
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सड़क किनारे लगे ठेले और अस्थायी दुकानों के कारण रास्ता और संकरा हो जाता है। स्थानीय दुकानदार महिपाल यादव ने बताया कि शाम के समय बजरी, पत्थर और डस्ट से भरे डंपरों की संख्या बढ़ने से हालात बिगड़ जाते हैं। बस का इंतजार कर रही सवारियों को भी डेढ़ से दो घंटे तक परेशानी झेलनी पड़ती है। जाम के कारण व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
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गौरतलब है कि बाजार क्षेत्र होने के कारण शाम को भीड़ अधिक रहती है। ऐसे में भारी वाहनों की एंट्री से स्थिति और बिगड़ जाती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शाम के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए और अतिक्रमण हटाकर यातायात व्यवस्था सुचारु की जाए।