{"_id":"670c2f8997229a956c0686b4","slug":"arrival-of-millet-is-less-as-compared-to-mustard-narnol-news-c-196-1-nnl1005-117042-2024-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: सरसों की तुलना में बाजरे की आवक कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: सरसों की तुलना में बाजरे की आवक कम
Mon, 14 Oct 2024 02:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 14 Oct 2024 02:07 AM IST
विज्ञापन
फोटो नंबर-22नारनौल में बाजरे की कटाई करती महिलाएं। संवाद
नारनौल/नांगल चौधरी/मंडी अटेली। नारनौल में बाजरे की खरीद नांगल चौधरी रोड पर स्थित नई अनाज मंडी में की जा रही है। नई अनाज मंडी के व्यापारियों का कहना है कि रबी फसल की खरीद के दौरान सरसों की आवक के मुकाबले बाजरे की आवक बहुत कम है। इससे व्यापारियों को उम्मीद के मुताबिक मुनाफा नहीं हो रहा है।
व्यापारियों ने बाजरे की कम आवक पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि उम्मीद थी की अक्तूबर के मध्य बाजरे की आवक में तेजी आएगी, लेकिन 9 अक्तूबर को करीब 20 हजार क्विंटल बाजरे की आवक के बाद दिन-प्रतिदिन आवक में गिरावट दर्ज की जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि इसका प्रमुख कारण है बाजार भाव और न्यूनतम समर्थन मूल्य में ज्यादा अंतर नहीं होना है। सरसों की खरीद के समय न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार भाव में करीब 600 रुपये का अंतर था, जिस कारण किसान अपनी फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए उत्साहित थे।
अनाज मंडी में रविवार को अवकाश के दिन बाजरे की खरीद बंद रही, लेकिन उठान प्रक्रिया जारी रही। अब सोमवार को बाजरे की खरीद होगी। नारनौल और नांगल चौधरी में बाजरे की फसल हैफेड द्वारा व अटेली में बाजरे की खरीद वेयर हाउस द्वारा की जा रही है। रविवार को नारनौल में 51590 क्विंटल, नांगल चौधरी में 14040 क्विंटल और अटेली में 1 लाख 20 हजार क्विंटल बाजरे का उठान किया जा चुका है। बाजरे की खरीद गत 1 अक्तूबर से जारी है, 13 दिन बाद भी बाजरे की आवक में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही। क्षेत्र में अभी फसल कटाई का कार्य किया जा रहा है। जिस कारण सभी किसान अपनी फसल लेकर मंडी में नहीं पहुंचे हैं। सरकार द्वारा बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2625 रुपये निर्धारित किया गया है, वहीं खुली मंडी में इस समय बाजरा 2575 रुपये बिक रहा है।
विज्ञापन
बाजरे की पैदावार कम है और मांग अधिक है, जिस कारण बाजरे की आवक में अभी कमी है। वहीं क्षेत्र में फसल कटाई का कार्य भी किया जा रहा है, ऐसे में उम्मीद है कि आगामी कुछ दिनों में बाजरे की आवक में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। खरीद प्रक्रिया के दौरान अब तक अटेली में 1 लाख 20 हजार क्विंटल बाजरे का उठान किया जा चुका है।
नवल कुमार, वेयर हाउस मैनेजर, मंडी अटेली।
विज्ञापन
व्यापारियों ने बाजरे की कम आवक पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि उम्मीद थी की अक्तूबर के मध्य बाजरे की आवक में तेजी आएगी, लेकिन 9 अक्तूबर को करीब 20 हजार क्विंटल बाजरे की आवक के बाद दिन-प्रतिदिन आवक में गिरावट दर्ज की जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि इसका प्रमुख कारण है बाजार भाव और न्यूनतम समर्थन मूल्य में ज्यादा अंतर नहीं होना है। सरसों की खरीद के समय न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार भाव में करीब 600 रुपये का अंतर था, जिस कारण किसान अपनी फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए उत्साहित थे।
विज्ञापन
अनाज मंडी में रविवार को अवकाश के दिन बाजरे की खरीद बंद रही, लेकिन उठान प्रक्रिया जारी रही। अब सोमवार को बाजरे की खरीद होगी। नारनौल और नांगल चौधरी में बाजरे की फसल हैफेड द्वारा व अटेली में बाजरे की खरीद वेयर हाउस द्वारा की जा रही है। रविवार को नारनौल में 51590 क्विंटल, नांगल चौधरी में 14040 क्विंटल और अटेली में 1 लाख 20 हजार क्विंटल बाजरे का उठान किया जा चुका है। बाजरे की खरीद गत 1 अक्तूबर से जारी है, 13 दिन बाद भी बाजरे की आवक में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही। क्षेत्र में अभी फसल कटाई का कार्य किया जा रहा है। जिस कारण सभी किसान अपनी फसल लेकर मंडी में नहीं पहुंचे हैं। सरकार द्वारा बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2625 रुपये निर्धारित किया गया है, वहीं खुली मंडी में इस समय बाजरा 2575 रुपये बिक रहा है।
विज्ञापन
बाजरे की पैदावार कम है और मांग अधिक है, जिस कारण बाजरे की आवक में अभी कमी है। वहीं क्षेत्र में फसल कटाई का कार्य भी किया जा रहा है, ऐसे में उम्मीद है कि आगामी कुछ दिनों में बाजरे की आवक में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। खरीद प्रक्रिया के दौरान अब तक अटेली में 1 लाख 20 हजार क्विंटल बाजरे का उठान किया जा चुका है।
नवल कुमार, वेयर हाउस मैनेजर, मंडी अटेली।