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मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने विधायक के निवास पर किया प्रदर्शन
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मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करतीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। संवाद
- फोटो : Narnol
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मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। मंगलवार को कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय नारनौल में नांगल चौधरी ब्लॉक के प्रधान विजय यादव की अध्यक्षता में 63वें दिन धरना दिया। सरकार के प्रतिनिधियों को ज्ञापन देने की कड़ी में यूनियन के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को नांगल चौधरी विधायक के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने के बाद उनके निजी सचिव को ज्ञापन सौंपा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास परियोजना नारनौल के कार्यालय के समक्ष सरकार व विभाग की दमनात्मक कार्रवाई व अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
नेताओं ने कहा कि सरकार की टर्मिनेशन कार्रवाई सरकार की बौखलाहट को दर्शाता है। नेत्री विजय यादव ने यूनियन नेत्रियों की बर्खास्तगी को सरकारी दमन करार देते हुए आंगनबाड़ी महिलाओं के जनतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। सरकार का अपनी ही घोषणा व समझौते से पीछे हटना कथनी और करनी में अंतर को दर्शाता है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश की हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दो महीने से हड़ताल पर हैं। जब तक सरकार अपने ही घोषणा व समझौते को लागू नहीं करती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रधानमंत्री की सितंबर 2018 की घोषणा वर्कर्स को 1500 रुपये व हेल्पर्स को 750 रुपये की मासिक बढ़ोतरी एरियर सहित भुगतान करने, मार्च 2018 में हरियाणा सरकार के समझौता लागू करने, वर्ष 2018 की घोषणा के अनुसार कुशल, अर्द्ध कुशल का दर्जा देते हुए महंगाई भत्ते की तमाम किस्तें मानदेय में जोड़कर दिए जाने, पोषण ट्रेकर एप पर रोक लगाने, आईसीडीएस में किसी भी एनजीओ या प्राइवेट संस्था को शामिल करने पर रोक लगाने, प्ले स्कूल के नाम पर आईसीडीएस के निजीकरण पर रोक लगाने, नई शिक्षा नीति वापस लेने, मानदेय की जगह वेतन देने जैसी प्रमुख मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आंदोलन पिछले दो महीनों से जारी है। धरने को एआईयूटीयूसी जिला प्रधान मास्टर सूबे सिंह, सचिव छाजूराम रावत, सावित्री, विजय यादव, राजबाला, बलजीत, सविता, कमलेश, प्रेमलता, चंद्रमुखी, मनीषा, कमलेश, शारदा, समझकौर, जया, निधी, प्रवीन, मंजू, राजकुमारी, सुमित्रा, रेखा, सुदेश, सजना, सरिता, कमलेश, मोनिका, सुरेश, मनोज, ममता, राजबाला, कृष्णा कुमारी, सरला, सरिता, कृष्णा कुमारी, संतोष, दीपमाला, मंजू, खुशमंता, मनीषा, मोनिका, आरती, रोशनी, कांता, शारदा व आशा आदि ने संबोधित किया।
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नेताओं ने कहा कि सरकार की टर्मिनेशन कार्रवाई सरकार की बौखलाहट को दर्शाता है। नेत्री विजय यादव ने यूनियन नेत्रियों की बर्खास्तगी को सरकारी दमन करार देते हुए आंगनबाड़ी महिलाओं के जनतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। सरकार का अपनी ही घोषणा व समझौते से पीछे हटना कथनी और करनी में अंतर को दर्शाता है।
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उल्लेखनीय है कि प्रदेश की हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दो महीने से हड़ताल पर हैं। जब तक सरकार अपने ही घोषणा व समझौते को लागू नहीं करती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रधानमंत्री की सितंबर 2018 की घोषणा वर्कर्स को 1500 रुपये व हेल्पर्स को 750 रुपये की मासिक बढ़ोतरी एरियर सहित भुगतान करने, मार्च 2018 में हरियाणा सरकार के समझौता लागू करने, वर्ष 2018 की घोषणा के अनुसार कुशल, अर्द्ध कुशल का दर्जा देते हुए महंगाई भत्ते की तमाम किस्तें मानदेय में जोड़कर दिए जाने, पोषण ट्रेकर एप पर रोक लगाने, आईसीडीएस में किसी भी एनजीओ या प्राइवेट संस्था को शामिल करने पर रोक लगाने, प्ले स्कूल के नाम पर आईसीडीएस के निजीकरण पर रोक लगाने, नई शिक्षा नीति वापस लेने, मानदेय की जगह वेतन देने जैसी प्रमुख मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आंदोलन पिछले दो महीनों से जारी है। धरने को एआईयूटीयूसी जिला प्रधान मास्टर सूबे सिंह, सचिव छाजूराम रावत, सावित्री, विजय यादव, राजबाला, बलजीत, सविता, कमलेश, प्रेमलता, चंद्रमुखी, मनीषा, कमलेश, शारदा, समझकौर, जया, निधी, प्रवीन, मंजू, राजकुमारी, सुमित्रा, रेखा, सुदेश, सजना, सरिता, कमलेश, मोनिका, सुरेश, मनोज, ममता, राजबाला, कृष्णा कुमारी, सरला, सरिता, कृष्णा कुमारी, संतोष, दीपमाला, मंजू, खुशमंता, मनीषा, मोनिका, आरती, रोशनी, कांता, शारदा व आशा आदि ने संबोधित किया।
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