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Mahendragarh-Narnaul News: ऑनलाइन ठगी मामले में आरोपी की जमानत की खारिज

Tue, 16 Jun 2026 03:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Tue, 16 Jun 2026 03:48 AM IST
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Accused's bail plea rejected in online fraud case.
नारनौल। पैसा निवेश करने के नाम पर लाखों की ऑनलाइन ठगी के मामले में एडीजे हर्षाली चौधरी ने आरोपी बालाजी कॉलोनी, फरीदकोट, पंजाब निवासी हरीश जैन की जमानत याचिका को रद्द करने का फैसला सुनाया है। यह मामला इसी साल अप्रैल में साइबर क्राइम थाने में दर्ज किया गया था।
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सुंदर कुमार ने 22 अप्रैल को शिकायत दी थी कि निवेश से जुड़े एक साइबर फ्रॉड में उनसे 14,26,500 रुपये की ठगी की गई है। उन्हें एक महिला का व्हाट्सएप कॉल आया जिसने खुद को एक्सिस सिक्योरिटी डायरेक्टर के सीईओ की सहायक बताया।
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शिकायतकर्ता को कथित तौर पर एक्सिस लर्निंग शेयरिंग क्लब नामक एक मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने और उसमें भारी रिटर्न के आश्वासन पर पैसा निवेश करने के लिए प्रेरित किया। शिकायतकर्ता ने अपने बैंक खाते से उक्त राशि ट्रांसफर कर दी।
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इसके बाद, जब उन्होंने निवेश की गई राशि निकालने का प्रयास किया तो उन्हें बताया गया कि उनके खाते में 33,45,57,000 रुपये का लाभ हुआ है और निकासी की अनुमति देने से पहले टैक्स के रूप में इसका 10 प्रतिशत जमा करना होगा। शक होने पर शिकायतकर्ता ने पुलिस से संपर्क किया।
आरोपी के वकील ने दलील दी कि वह 12 मई से न्यायिक हिरासत में है और उसके कब्जे से 1,25,000 रुपये की बरामदगी पहले ही की जा चुकी है। यह तर्क दिया गया कि कथित अपराध को अंजाम देने में आरोपी की सीधी भूमिका नहीं है।
दूसरी ओर सरकारी वकील ने तर्क दिया कि आरोपी के कब्जे से 7 एटीएम कार्ड, 7 बैंक पासबुक, 16 चेक बुक, 4 मोबाइल फोन, 4 सिम कार्ड, 2 रबर स्टैंप और सवा लाख की नकदी बरामद की गई। आरोपी पर साइबर धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का सदस्य होने का आरोप है।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने माना कि आरोप बड़े पैमाने पर किए गए साइबर फ्रॉड से संबंधित हैं। अब तक की गई जांच से पता चलता है कि ठगी गई राशि को कई बैंक खातों के माध्यम से घुमाया गया था। वर्तमान मामले के तथ्यों और परिस्थितियों में जमानत देने का आधार नहीं बनते हैं और याचिका खारिज कर दी।
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