{"_id":"6abac3cdaf2415eb63039456","slug":"a-dose-of-empty-assurances-in-the-name-of-a-solution-narnol-news-c-196-1-nnl1004-145964-2026-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: समाधान के नाम पर आश्वासन की घुट्टी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: समाधान के नाम पर आश्वासन की घुट्टी
विज्ञापन
फोटो नंबर- 17समाधान शिविर में आमजन की शिकायतें सुनती उपायुक्त अनुपमा अंजली। स्रोत : प्रशासन
नारनौल। आमजन की सुविधा के लिए लगने वाले समाधान शिविर में शिकायतें तो सुनी जाती हैं और अफसरों को मौके पर निर्देश भी दिए जाते हैं लेकिन विभागों में पहुंचते ही फाइलें अटक जाती हैं। लोग सालों से एक ही शिकायत लेकर शिविरों के चक्कर काट रहे हैं। हर बार उन्हें नया आश्वासन थमा दिया जाता है, पर समाधान नहीं होता है।
शिविर में सबसे ज्यादा मामले परिवार पहचान पत्र में आय की गड़बड़ी, इंतकाल, शामलात व पंचायती जमीन पर अवैध कब्जे और बुढ़ापा पेंशन से जुड़े आ रहे हैं।
सामाधान शिविर में जाकर पता चला कि छोटी सी कमी सुधरवाने के लिए लोगों को पहले महीनों तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, फिर मजबूरी में शिविर का रुख करना पड़ता है। यहां आश्वासन से उम्मीद तो बंधती है लेकिन संबंधित विभागों के सुस्त रवैये से काम अधर में लटक जाता है। अधिकारी न काम के लिए साफ मना करते हैं और न ही तय समय पर उसे पूरा करते हैं।
केस-1
मेरे पति बीमार चल रहे हैं और परिवार पहचान पत्र में आय भी कम दर्ज है। इसके बावजूद एक साल पहले फैमिली आईडी में आय अधिक बताकर बीपीएल कार्ड से नाम काट दिया गया। शिविर में शिकायत दर्ज करवाई है जिस पर उपायुक्त ने समाधान का आश्वासन दिया था लेकिन अभी समाधान नहीं हुआ।-संतोष, गांव मंडलाना
विज्ञापन
केस-2
86 कनाल जमीन का इंतकाल करवाने के लिए डेढ़ साल पहले समाधान शिविर में शिकायत दर्ज करवाई थी। गत वर्ष 1 अक्तूबर को शिविर में तीन दिन के अंदर इंतकाल चढ़ाने के निर्देश दिए गए थे लेकिन एक साल बीतने के बाद भी केवल कुछ जमीन का ही इंतकाल चढ़ पाया है।-रामदास, गांव कमानिया
केस-3
ग्राम पंचायत की ओर से शामलात व हरिजन चौपाल की जमीन पर कब्जा करने की शिकायत शिविर में दर्ज करवाई थी। शिकायत का समाधान दिखा दिया गया और उस पर मेरे हस्ताक्षर भी हैं जबकि मुझे इसकी जानकारी तक नहीं है और न ही मैंने हस्ताक्षर किए हैं। उपायुक्त ने शिकायत के बाद समाधान का आश्वासन दिया है।-लक्ष्मीनारायण, गांव बाछौद
वर्जन:
शिविर में आई अधिकतर शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया गया है और शेष समस्याओं के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।-अनुपमा अंजली, उपायुक्त, नारनौल
विज्ञापन
शिविर में सबसे ज्यादा मामले परिवार पहचान पत्र में आय की गड़बड़ी, इंतकाल, शामलात व पंचायती जमीन पर अवैध कब्जे और बुढ़ापा पेंशन से जुड़े आ रहे हैं।
सामाधान शिविर में जाकर पता चला कि छोटी सी कमी सुधरवाने के लिए लोगों को पहले महीनों तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, फिर मजबूरी में शिविर का रुख करना पड़ता है। यहां आश्वासन से उम्मीद तो बंधती है लेकिन संबंधित विभागों के सुस्त रवैये से काम अधर में लटक जाता है। अधिकारी न काम के लिए साफ मना करते हैं और न ही तय समय पर उसे पूरा करते हैं।
विज्ञापन
केस-1
मेरे पति बीमार चल रहे हैं और परिवार पहचान पत्र में आय भी कम दर्ज है। इसके बावजूद एक साल पहले फैमिली आईडी में आय अधिक बताकर बीपीएल कार्ड से नाम काट दिया गया। शिविर में शिकायत दर्ज करवाई है जिस पर उपायुक्त ने समाधान का आश्वासन दिया था लेकिन अभी समाधान नहीं हुआ।-संतोष, गांव मंडलाना
विज्ञापन
केस-2
86 कनाल जमीन का इंतकाल करवाने के लिए डेढ़ साल पहले समाधान शिविर में शिकायत दर्ज करवाई थी। गत वर्ष 1 अक्तूबर को शिविर में तीन दिन के अंदर इंतकाल चढ़ाने के निर्देश दिए गए थे लेकिन एक साल बीतने के बाद भी केवल कुछ जमीन का ही इंतकाल चढ़ पाया है।-रामदास, गांव कमानिया
केस-3
ग्राम पंचायत की ओर से शामलात व हरिजन चौपाल की जमीन पर कब्जा करने की शिकायत शिविर में दर्ज करवाई थी। शिकायत का समाधान दिखा दिया गया और उस पर मेरे हस्ताक्षर भी हैं जबकि मुझे इसकी जानकारी तक नहीं है और न ही मैंने हस्ताक्षर किए हैं। उपायुक्त ने शिकायत के बाद समाधान का आश्वासन दिया है।-लक्ष्मीनारायण, गांव बाछौद
वर्जन:
शिविर में आई अधिकतर शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया गया है और शेष समस्याओं के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।-अनुपमा अंजली, उपायुक्त, नारनौल