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Mahendragarh-Narnaul News: स्टोन क्रशर इकाइयों को 1 नवंबर तक देनी होगी अनुपालन रिपोर्ट
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नारनौल। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिले की स्टोन क्रशर इकाइयों को धूल प्रदूषण रोकने के लिए 1 नवंबर तक अनुपालन रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए हैं। तय समय में नियमों का पालन न करने वाली इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश बोर्ड की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में दिए गए।
क्षेत्रीय अधिकारी प्रवीण कुमार की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में संचालकों को धूल प्रदूषण रोकने के नए नियमों की विस्तार से जानकारी दी गई। यह पहल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रदूषण नियंत्रण के प्रति प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
कार्यक्रम में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा 19 अगस्त को जारी दिशा-निर्देश संख्या 103 के प्रावधानों पर चर्चा हुई। इनका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में स्टोन क्रशर इकाइयों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करना और उड़ने वाली धूल को प्रभावी ढंग से रोकना है।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के 2023 के पर्यावरणीय दिशानिर्देशों में तय धूल नियंत्रण उपाय अब संचालन की शर्तों में शामिल हैं। इसके तहत सीसीटीवी या वीडियो निगरानी, पीएम 2.5 और पीएम 10 संवेदक, पहिया धुलाई सुविधा और अन्य जरूरी प्रदूषण नियंत्रण उपाय लगाना अनिवार्य है। कार्यालय ने 24 अगस्त को ही सभी इकाइयों को इनका पालन करने के आदेश दे दिए थे।
नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई
सभी इकाइयों को 1 नवंबर तक फोटो और जरूरी दस्तावेज के साथ अनुपालन रिपोर्ट कार्यालय में जमा करानी होगी। ऐसा न करने पर वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 और अन्य पर्यावरण प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी जिसमें कारण बताओ सूचना, पर्यावरणीय मुआवजा, इकाई बंद करना और बिजली-पानी की आपूर्ति काटना शामिल है।
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क्षेत्रीय अधिकारी प्रवीण कुमार की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में संचालकों को धूल प्रदूषण रोकने के नए नियमों की विस्तार से जानकारी दी गई। यह पहल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रदूषण नियंत्रण के प्रति प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
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कार्यक्रम में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा 19 अगस्त को जारी दिशा-निर्देश संख्या 103 के प्रावधानों पर चर्चा हुई। इनका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में स्टोन क्रशर इकाइयों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करना और उड़ने वाली धूल को प्रभावी ढंग से रोकना है।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के 2023 के पर्यावरणीय दिशानिर्देशों में तय धूल नियंत्रण उपाय अब संचालन की शर्तों में शामिल हैं। इसके तहत सीसीटीवी या वीडियो निगरानी, पीएम 2.5 और पीएम 10 संवेदक, पहिया धुलाई सुविधा और अन्य जरूरी प्रदूषण नियंत्रण उपाय लगाना अनिवार्य है। कार्यालय ने 24 अगस्त को ही सभी इकाइयों को इनका पालन करने के आदेश दे दिए थे।
नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई
सभी इकाइयों को 1 नवंबर तक फोटो और जरूरी दस्तावेज के साथ अनुपालन रिपोर्ट कार्यालय में जमा करानी होगी। ऐसा न करने पर वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 और अन्य पर्यावरण प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी जिसमें कारण बताओ सूचना, पर्यावरणीय मुआवजा, इकाई बंद करना और बिजली-पानी की आपूर्ति काटना शामिल है।