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खरीददारी के लिए बाजार सजकर तैयार आज होगी धनवर्षा 18-07-32
Updated Mon, 05 Nov 2018 12:31 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। शहर में धनतेरस और दीपावली को लेकर दुकानें सज गई हैं। अधिकांश दुकानों को दीपावली स्पेशल के रूप में सजाया गया है। दुकानदारों को उम्मीद है कि इस बार कारोबार अच्छा होगा। कार डीलर, मोटरसाइकिल से लेकर फर्नीचर, स्टील के बर्तन, मूर्तियां, कपड़े, सोना-चांदी के विक्रेताओं को बेसब्री से धनतेरस का इंतजार था।
दुकानदारों का कहना है कि इस बार धनतेरस और दिवाली की बिक्री में 25 से 50 फीसदी तक का इजाफा होने की उम्मीद है। वहीं ग्राहकों ने अपने-अपने बजट के अनुसार खरीददारी शुरू कर दी है। धनतेरस पांच दिन तक चलने वाले दीपावली पर्व का पहला दिन है। इसे धनत्रयोदशी या धन्वंतरि जयंती भी कहा जाता है। मान्यता है कि क्षीर सागर के मंथन के दौरान धनतेरस के दिन ही माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर प्रकट हुए थे। इसी दिन आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था। इस दिन सोने-चांदी के आभूषण और बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। धनतेरस पर चांदी के गणेश लक्ष्मी, सोने-चांदी के सिक्के व आभूषणों की मांग सबसे अधिक रहती है।
चमक उठा सोने-चांदी का बाजार
कोई भी त्योहार सोने-चांदी की खरीदारी के बिना अधूरा है। बात दीपावली की करें तो धनतेरस पर यह बाजार चरम पर होता है। मां लक्ष्मी के पूजन के लिए लोग चांदी की मूर्तियों के अलावा चांदी के नोट, सिक्के, मंदिर, बर्तन खरीदते हैं। मान्यता होती है कि मां लक्ष्मी की कृपा साल भर बनी रहेगी। ज्वेलर्स अजीत प्रकाश जैन व दीपक जैन का कहना है कि इस समय सबसे अधिक मांग चांदी के सिक्कों की होती है। चांदी के होलमार्क के दस ग्राम सिक्के की कीमत 550 रुपये है। चांदी की बनी लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की कीमत 450 रुपये से 40 हजार रुपये तक की मूर्तियां उपलब्ध है।
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ग्राहकों को आकर्षित करने को कई तरह के ऑफर
धनतेरस पर पारंपरिक रूप से सोना या चांदी की खरीदारी बड़ी अहम मानी जाती है। इस बार धनतेरस पर खरीदारी को खास बनाने के लिए हर सामान पर ऑफर दिया जा रहा है। मोटर वाहन बाजार को देखें तो कार और बाइक की जमकर बुकिंग हो रही है ताकि डिलीवरी धनतेरस पर ली जा सके। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए डीलर ऑफर दे रहे हैं। इसमें डिस्काउंड तो कहीं सामान उपहार में दिया जा रहा है।
जीएसटी का नहीं असर
व्यापारियों का कहना है कि इस बार धनतेरस और दिवाली में बिक्री अधिक होगी। पिछले साल जीएसटी से कारोबार प्रभावित हुआ था। कच्चे माल की कीमत में पांच से पंद्रह फीसदी का इजाफा हो गया था। इस बार कारोबार अच्छा होने की उम्मीद है।
शुभ मुहूर्त
आचार्य क्रांति निर्मल शास्त्री ने बताया कि पांच नवंबर सोमवार को कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी को पंच दिवसीय दीपावली पर्व का शुभारंभ हो जाएगा। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनत्रयोदशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन आयुर्वेद के जनक आचार्य धन्वंतरि समुंद्र मंथन के द्वारा अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। अत: आज के दिन सभी भगवान धन्वंतरि की पूजा करते हैं। विशेष रूप से चिकित्सा जगत से जुड़े हुए सभी व्यक्तियों के लिए यह दिन बहुत ही खास होता है। आचार्य क्रांति निर्मल शास्त्री ने बताया कि शाम पांच बजकर 59 मिनट से सात बजकर 35 मिनट तक शुभ का चौघड़िया। रात्रि नौ बजकर 11 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक लाभ रहेगा।
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नारनौल। शहर में धनतेरस और दीपावली को लेकर दुकानें सज गई हैं। अधिकांश दुकानों को दीपावली स्पेशल के रूप में सजाया गया है। दुकानदारों को उम्मीद है कि इस बार कारोबार अच्छा होगा। कार डीलर, मोटरसाइकिल से लेकर फर्नीचर, स्टील के बर्तन, मूर्तियां, कपड़े, सोना-चांदी के विक्रेताओं को बेसब्री से धनतेरस का इंतजार था।
दुकानदारों का कहना है कि इस बार धनतेरस और दिवाली की बिक्री में 25 से 50 फीसदी तक का इजाफा होने की उम्मीद है। वहीं ग्राहकों ने अपने-अपने बजट के अनुसार खरीददारी शुरू कर दी है। धनतेरस पांच दिन तक चलने वाले दीपावली पर्व का पहला दिन है। इसे धनत्रयोदशी या धन्वंतरि जयंती भी कहा जाता है। मान्यता है कि क्षीर सागर के मंथन के दौरान धनतेरस के दिन ही माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर प्रकट हुए थे। इसी दिन आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था। इस दिन सोने-चांदी के आभूषण और बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। धनतेरस पर चांदी के गणेश लक्ष्मी, सोने-चांदी के सिक्के व आभूषणों की मांग सबसे अधिक रहती है।
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चमक उठा सोने-चांदी का बाजार
कोई भी त्योहार सोने-चांदी की खरीदारी के बिना अधूरा है। बात दीपावली की करें तो धनतेरस पर यह बाजार चरम पर होता है। मां लक्ष्मी के पूजन के लिए लोग चांदी की मूर्तियों के अलावा चांदी के नोट, सिक्के, मंदिर, बर्तन खरीदते हैं। मान्यता होती है कि मां लक्ष्मी की कृपा साल भर बनी रहेगी। ज्वेलर्स अजीत प्रकाश जैन व दीपक जैन का कहना है कि इस समय सबसे अधिक मांग चांदी के सिक्कों की होती है। चांदी के होलमार्क के दस ग्राम सिक्के की कीमत 550 रुपये है। चांदी की बनी लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की कीमत 450 रुपये से 40 हजार रुपये तक की मूर्तियां उपलब्ध है।
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ग्राहकों को आकर्षित करने को कई तरह के ऑफर
धनतेरस पर पारंपरिक रूप से सोना या चांदी की खरीदारी बड़ी अहम मानी जाती है। इस बार धनतेरस पर खरीदारी को खास बनाने के लिए हर सामान पर ऑफर दिया जा रहा है। मोटर वाहन बाजार को देखें तो कार और बाइक की जमकर बुकिंग हो रही है ताकि डिलीवरी धनतेरस पर ली जा सके। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए डीलर ऑफर दे रहे हैं। इसमें डिस्काउंड तो कहीं सामान उपहार में दिया जा रहा है।
जीएसटी का नहीं असर
व्यापारियों का कहना है कि इस बार धनतेरस और दिवाली में बिक्री अधिक होगी। पिछले साल जीएसटी से कारोबार प्रभावित हुआ था। कच्चे माल की कीमत में पांच से पंद्रह फीसदी का इजाफा हो गया था। इस बार कारोबार अच्छा होने की उम्मीद है।
शुभ मुहूर्त
आचार्य क्रांति निर्मल शास्त्री ने बताया कि पांच नवंबर सोमवार को कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी को पंच दिवसीय दीपावली पर्व का शुभारंभ हो जाएगा। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनत्रयोदशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन आयुर्वेद के जनक आचार्य धन्वंतरि समुंद्र मंथन के द्वारा अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। अत: आज के दिन सभी भगवान धन्वंतरि की पूजा करते हैं। विशेष रूप से चिकित्सा जगत से जुड़े हुए सभी व्यक्तियों के लिए यह दिन बहुत ही खास होता है। आचार्य क्रांति निर्मल शास्त्री ने बताया कि शाम पांच बजकर 59 मिनट से सात बजकर 35 मिनट तक शुभ का चौघड़िया। रात्रि नौ बजकर 11 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक लाभ रहेगा।