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पुरानी मंडी खरीद शुरू करवाने को लेकर प्रशासन व आढ़ती हुए आमने-सामने
Updated Thu, 04 Oct 2018 01:01 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। नांगल चौधरी रोड स्थित नई अनाज मंडी में समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद को लेकर प्रशासन और आढ़ती आमने-सामने आ गए हैं। आढ़ती बिजनेस ठप होने की दुहाई देते हुए बाजरे की खरीद पुरानी अनाज मंडी में करवाने की बात पर अड़े हुए हैं। वहीं प्रशासन पुरानी अनाज मंडी में सुविधाएं व जगह की कमी का हवाला देते हुए नई अनाज मंडी में ही बाजरे की खरीद करवाना उचित समझ रहा है।
हालांकि नई अनाज मंडी में एक अक्तूबर से खरीद शुरू की जा चुकी है। वहीं आढ़ती नई अनाज मंडी में खरीद का विरोध जता रहे हैं। इसे लेकर आढ़ती मंगलवार को डीसी को ज्ञापन के साथ अपने प्रतिष्ठानों पर ताला लगाकर चाबी डीसी को सौंपकर विरोध दर्ज करवाया था। डीसी ने आढ़तियों को समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन दिया था। लेकिन, समाधान नहीं होने पर आढ़ती बुधवार को विधायक ओमप्रकाश से मिले और समस्या से अवगत कराया। विधायक ने आढ़तियों को अधिकारियों से बात कर वीरवार से ही पुरानी मंडी में ही बाजरे की खरीद करवाने का आश्वासन दिया है।
पुरानी अनाज मंडी में सुविधाओं का अभाव
प्रशासन पुरानी अनाज मंडी में बाजरे की खरीद शुरू करवाती है तो किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। पुरानी अनाज मंडी, नई अनाज मंडी के मुकाबले छोटी है। पुरानी मंडी में वाहनों के खड़ा होने व अनाज रखने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है। इसके अलावा ना तो टीन शेड है और ना किसानों के लिए बैठने की कोई व्यवस्था है। वहीं प्रशासन ने बिना कोई शेड्यूल ही खरीद करने का निर्णय लिया है। आने वाले दिनों में मंडी में बाजरे की खरीद जोर पकड़ने लगेगी जोकि पुरानी मंडी व्यवस्था पर भारी पड़ सकती है।
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किसान भी नई अनाज मंडी में ही करवाना चाहते हैं खरीद
बुधवार को बाजरा बेचने पहुंचे किसानों ने बताया कि नांगल चौधरी रोड स्थित नई मंडी शहर से बाहर है, टीनशेड के अलावा वाहनों के खड़े करने सहित अन्य सुविधाएं हैं। इसलिए खरीद यहीं होनी चाहिए।
नांगल चौधरी रोड पर नई मंडी परिसर में ही होगी खरीद
एडीसी महाबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रशासन नई मंडी में ही खरीद होगी। जब सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च करके मंडियों की स्थापना की है तो उस स्थल का सदुपयोग होना चाहिए। पुरानी अनाज मंडी में अन्य समस्याओं को देखते हुए खरीद करवाना असंभव है। नारनौल में बाजरे की खरीद सुचारू रूप से चल रही है।
प्रशासन के निर्देशानुसार कार्य करेगी मार्केट कमेटी
मार्केट कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी ने कहा कि मार्केट कमेटी का काम किसानों व खरीद एजेंसियों को सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। इस मामले में जैसा प्रशासन का निर्णय होगा मार्केट कमेटी उसी प्रकार काम करेगी।
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नारनौल। नांगल चौधरी रोड स्थित नई अनाज मंडी में समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद को लेकर प्रशासन और आढ़ती आमने-सामने आ गए हैं। आढ़ती बिजनेस ठप होने की दुहाई देते हुए बाजरे की खरीद पुरानी अनाज मंडी में करवाने की बात पर अड़े हुए हैं। वहीं प्रशासन पुरानी अनाज मंडी में सुविधाएं व जगह की कमी का हवाला देते हुए नई अनाज मंडी में ही बाजरे की खरीद करवाना उचित समझ रहा है।
हालांकि नई अनाज मंडी में एक अक्तूबर से खरीद शुरू की जा चुकी है। वहीं आढ़ती नई अनाज मंडी में खरीद का विरोध जता रहे हैं। इसे लेकर आढ़ती मंगलवार को डीसी को ज्ञापन के साथ अपने प्रतिष्ठानों पर ताला लगाकर चाबी डीसी को सौंपकर विरोध दर्ज करवाया था। डीसी ने आढ़तियों को समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन दिया था। लेकिन, समाधान नहीं होने पर आढ़ती बुधवार को विधायक ओमप्रकाश से मिले और समस्या से अवगत कराया। विधायक ने आढ़तियों को अधिकारियों से बात कर वीरवार से ही पुरानी मंडी में ही बाजरे की खरीद करवाने का आश्वासन दिया है।
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पुरानी अनाज मंडी में सुविधाओं का अभाव
प्रशासन पुरानी अनाज मंडी में बाजरे की खरीद शुरू करवाती है तो किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। पुरानी अनाज मंडी, नई अनाज मंडी के मुकाबले छोटी है। पुरानी मंडी में वाहनों के खड़ा होने व अनाज रखने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है। इसके अलावा ना तो टीन शेड है और ना किसानों के लिए बैठने की कोई व्यवस्था है। वहीं प्रशासन ने बिना कोई शेड्यूल ही खरीद करने का निर्णय लिया है। आने वाले दिनों में मंडी में बाजरे की खरीद जोर पकड़ने लगेगी जोकि पुरानी मंडी व्यवस्था पर भारी पड़ सकती है।
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किसान भी नई अनाज मंडी में ही करवाना चाहते हैं खरीद
बुधवार को बाजरा बेचने पहुंचे किसानों ने बताया कि नांगल चौधरी रोड स्थित नई मंडी शहर से बाहर है, टीनशेड के अलावा वाहनों के खड़े करने सहित अन्य सुविधाएं हैं। इसलिए खरीद यहीं होनी चाहिए।
नांगल चौधरी रोड पर नई मंडी परिसर में ही होगी खरीद
एडीसी महाबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रशासन नई मंडी में ही खरीद होगी। जब सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च करके मंडियों की स्थापना की है तो उस स्थल का सदुपयोग होना चाहिए। पुरानी अनाज मंडी में अन्य समस्याओं को देखते हुए खरीद करवाना असंभव है। नारनौल में बाजरे की खरीद सुचारू रूप से चल रही है।
प्रशासन के निर्देशानुसार कार्य करेगी मार्केट कमेटी
मार्केट कमेटी के चेयरमैन जेपी सैनी ने कहा कि मार्केट कमेटी का काम किसानों व खरीद एजेंसियों को सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। इस मामले में जैसा प्रशासन का निर्णय होगा मार्केट कमेटी उसी प्रकार काम करेगी।