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किसानों की फर्द के आड़ में सौदागर बेच रहे सरसों, डीसी से शिकायत

Sun, 06 May 2018 12:24 AM IST
Updated Sun, 06 May 2018 12:24 AM IST
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किसानों की फर्द के आड़ में सौदागर बेच रहे सरसों, डीसी से शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
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नांगल चौधरी।
किसानों की फर्द और गिरदावरी रिपोर्ट की आड़ में सौदागर सरसों बेचने में लगे हैं। संदेह होने पर व्यापारी नेता रमेश तंवर ने उपायुक्त से शिकायत की। इसके बाद मार्केट कमेटी सचिव अशोक यादव पड़ताल करने मंडी में पहुंचे। सचिव ने जैसे ही जांच पड़ताल शुरू की सौदागरों में हड़कंप मच गया और वे ढेरी को छोड़कर इधर-उधर खड़े हो गए।
उन्होंने बताया कि निजामपुर ब्लॉक सूखाग्रस्त है। करीब 80 प्रतिशत रकबा बीजाई से वंचित है। बावजूद इसके सरसों की बंपर आवक होना संदेहास्पद है। जिला उपायुक्त द्वारा निर्धारित शेड्यूल में शनिवार को मूसनौता और निजामपुर गांव की सरसों खरीद तय की गई। सुबह आठ बजे ही मंडी के गेट पर ट्रैक्टरों की लाइन लग गई जिनमें लगभग 3500 क्विंटल सरसों आंकी गई। इन गांवों को सरसों बिक्री का पहले भी एक टर्न मिल चुका है। इसमें 3000 क्विंटल से अधिक सरसों खरीदी गई थी। अब दूसरे टर्न में इतनी आवक देखकर मंडी के आढ़ती भी दंग है। शिकायत मिलने पर जिला उपायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने मार्केट कमेटी के सचिव को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। दोपहर 11.30 बजे मार्केट कमेटी के सचिव मंडी में पहुंचे तथा परचेजर सुनील कुमार से स्थिति रिपोर्ट ली। टीन-शैड के नीचे पड़ी बड़ी ढेरियों को देखकर उन्हें संदेह हो गया। इसलिए प्रत्येक ढेरी पर जाकर किसान की तस्दीक तथा गिरदावरी रिपोर्ट देखी। आधार कार्ड द्वारा शिनाख्त प्रक्रिया देखकर सौदागरों में घबराहट हो गई। वे ढेरी को लावारिस छोड़ दूर खड़े हो गए। हालांकि कागजी कार्रवाई में कोई कमी नहीं मिली, लेकिन अधिकतर किसानों के पास 4-5 एकड़ सरसों की गिरदावरी रिपोर्ट देखकर हैरानी जताई गई। उन्होंने कहा कि निजामपुर गांव सूखाग्रस्त है और नहरी सुविधा भी उपलब्ध नहीं। बावजूद इतनी आवक होना गड़बड़ी का संकेत है। मार्केट कमेटी के सचिव ने छोटी ढेरी खरीदने की अनुमति दे दी, लेकिन बड़ी ढेरी के वास्तविक किसानों को हाजिर होने के निर्देश दिए। शाम तक 1800 बैग सरसों की खरीद की गई है।
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पटवारियों की कमाई का जरिया बनी गिरदावरी रिपोर्ट
मंडी में किसानों ने बताया कि एक एकड़ सरसों की गिरदावरी रिपोर्ट पर पटवारी 400-500 रुपए वसूल रहे हैं। इंकार करने पर सरसों नहीं उगाने की रिपोर्ट देने की धमकी देते हैं। सुविधा शुल्क देने पर डिमांड के अनुसार गिरदावरी रिपोर्ट मिल जाती है। इस भ्रष्टाचार की शिकायत धोलेड़ा के किसान पहले भी चुके। बावजूद भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लग रहा।
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12-15 ढ़ेरियों के मालिक नहीं मिले
मार्केट कमेटी के सचिव अशोक यादव ने बताया कि मंडी में पड़ी 10-15 ढेरी के मालिक नहीं मिले। जिनका देर शाम तक इंतजार किया जाएगा। इसके बाद इंपाउंड की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने बताया कि निजामपुर गांव में इतनी सरसों की पैदावार संभव नहीं है। पटवारी की रिपोर्ट में गड़बड़ी लग रही है।
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