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शादी के कार्डों से अहीर रेजीमेंट की मांग का किया जा रहा प्रचार
Updated Fri, 19 Jan 2018 12:33 AM IST
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शादी के कार्ड में लिखवाया ‘अहीर रेजिमेंट हक है हमारा’
मंडी अटेली। अहीर रेजिमेंट की मांग जोर पकड़ती जा रही है। लोग शादी के कार्डों में भी इस मांग को लिखवाकर समर्थन जुटा रहे हैं। मोहलड़ा गांव में अधिकतर शादी के कार्डों में लोग अहीर रेजिमेंट, हक है हमारा लिखवा रहे हैं।
माहलड़ा निवासी कर्ण सिंह अपने बेटे प्रवीण की शादी 22 जनवरी को कर रहे है। उन्होंने शादी कार्ड में अहीर रेजिमेंट की मांग का प्रचार किया हुआ है। वहीं इसी गांव का बलजीत सिंह अपने बेटे की शादी के कार्ड में अहीर रेजिमेंट हक है हमारा लिखवा रखा है। इन लोगों का कहना है कि इस जायज मांग का प्रचार करना है। गांव की सरपंच शशी ने कहा कि कि गांव के लोगों का यह निर्णय अच्छा है। गांव में अधिकतर घरों में सेना के जवान है। रिटायर्ड लोगों का मानना है कि सेना में अहीर लोगों ने सबसे अधिक बलिदान दिया है। इस बलिदान कौम की रेजिमेंट की मांग बहुत जायज है। मांग को लेकर प्रधानमंत्री तक लोग मिल चुके हैं। लेकिन मांग स्वीकार नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कार्ड के माध्यम से लोगों में अलख जगाने का प्रयास है।
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मंडी अटेली। अहीर रेजिमेंट की मांग जोर पकड़ती जा रही है। लोग शादी के कार्डों में भी इस मांग को लिखवाकर समर्थन जुटा रहे हैं। मोहलड़ा गांव में अधिकतर शादी के कार्डों में लोग अहीर रेजिमेंट, हक है हमारा लिखवा रहे हैं।
माहलड़ा निवासी कर्ण सिंह अपने बेटे प्रवीण की शादी 22 जनवरी को कर रहे है। उन्होंने शादी कार्ड में अहीर रेजिमेंट की मांग का प्रचार किया हुआ है। वहीं इसी गांव का बलजीत सिंह अपने बेटे की शादी के कार्ड में अहीर रेजिमेंट हक है हमारा लिखवा रखा है। इन लोगों का कहना है कि इस जायज मांग का प्रचार करना है। गांव की सरपंच शशी ने कहा कि कि गांव के लोगों का यह निर्णय अच्छा है। गांव में अधिकतर घरों में सेना के जवान है। रिटायर्ड लोगों का मानना है कि सेना में अहीर लोगों ने सबसे अधिक बलिदान दिया है। इस बलिदान कौम की रेजिमेंट की मांग बहुत जायज है। मांग को लेकर प्रधानमंत्री तक लोग मिल चुके हैं। लेकिन मांग स्वीकार नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कार्ड के माध्यम से लोगों में अलख जगाने का प्रयास है।
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