{"_id":"59bac0554f1c1b29688b4963","slug":"81505411157-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजकीय शिक्षण संस्थान में मनाया हिंदी दिवस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजकीय शिक्षण संस्थान में मनाया हिंदी दिवस
Updated Thu, 14 Sep 2017 11:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजकीय शिक्षण संस्थान में मनाया हिंदी दिवस
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। राजकीय शिक्षण महाविद्यालय में वीरवार को प्राचार्य डा. श्योताज सिंह की अध्यक्षता में ‘हिन्दी दिवस’ गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने हिंदी की दिशा एवं दशा पर विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थी सचिन, संदीप, ज्योति, लक्ष्मी एवं पिंकी ने भाषण एवं कविताएं प्रस्तुत की। हिंदी प्राध्यापक डा. शिवताज सिंह ने हिंदी की उत्पत्ति से लेकर उसके राजभाषा बनने के गौरवमयी इतिहास के बारे में बताया। इस अवसर पर प्राध्यापक जेएल यादव, सुशीला गौड़, डा. रेखा कुमारी, नीलम शर्मा ने भी अपने विचार रखे।
इसी कड़ी में सीएल स्कूल में हिंदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानाचार्य भारत भूषण यादव ने कहा कि हिंदी पूरे देश को एक सूत्र में पिरोने वाली भाषा है। प्रबंध निदेशक डा. अमित गुप्ता तथा निदेशिका सुखवर्षा गुप्ता ने कहा कि हिंदी दिवस को केवल एक दिन तक सीमित न रखें बल्कि रोजमर्रा जीवन में हिंदी का अधिक से अधिक उपयोग करें।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। राजकीय शिक्षण महाविद्यालय में वीरवार को प्राचार्य डा. श्योताज सिंह की अध्यक्षता में ‘हिन्दी दिवस’ गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने हिंदी की दिशा एवं दशा पर विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थी सचिन, संदीप, ज्योति, लक्ष्मी एवं पिंकी ने भाषण एवं कविताएं प्रस्तुत की। हिंदी प्राध्यापक डा. शिवताज सिंह ने हिंदी की उत्पत्ति से लेकर उसके राजभाषा बनने के गौरवमयी इतिहास के बारे में बताया। इस अवसर पर प्राध्यापक जेएल यादव, सुशीला गौड़, डा. रेखा कुमारी, नीलम शर्मा ने भी अपने विचार रखे।
इसी कड़ी में सीएल स्कूल में हिंदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानाचार्य भारत भूषण यादव ने कहा कि हिंदी पूरे देश को एक सूत्र में पिरोने वाली भाषा है। प्रबंध निदेशक डा. अमित गुप्ता तथा निदेशिका सुखवर्षा गुप्ता ने कहा कि हिंदी दिवस को केवल एक दिन तक सीमित न रखें बल्कि रोजमर्रा जीवन में हिंदी का अधिक से अधिक उपयोग करें।
विज्ञापन