{"_id":"65f9d0fa16e97b468d0166d3","slug":"80-percent-harvesting-of-mustard-completed-in-the-district-now-farmers-are-busy-preparing-for-threshing-narnol-news-c-203-1-sroh1010-108246-2024-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: जिले में सरसों की 80 प्रतिशत कटाई पूरी, अब थ्रेसिंग की तैयारी में जुटे किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: जिले में सरसों की 80 प्रतिशत कटाई पूरी, अब थ्रेसिंग की तैयारी में जुटे किसान
Tue, 19 Mar 2024 11:22 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 19 Mar 2024 11:22 PM IST
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। जिले में इस समय किसान तेजी से सरसों की कटाई में जुटे हुए हैं। 80 प्रतिशत सरसों की कटाई का काम पूरा हो चुका है। वहीं दस दिन पूर्व काटी गई अगेती सरसों की 10 प्रतिशत किसानों ने थ्रेसिंग भी कर ली है।
किसानों को इस बार बंपर पैदावार की उम्मीद है। हालांकि दो माह तक पड़ी कड़ाके की ठंड के कारण फसल कुछ प्रभावित जरूर हुई थी। इस बार 2.41 लाख एकड़ में सरसों व 71 हजार एकड़ में गेहूं की फसल है। जिले में सबसे बड़ा रकबा प्रमुख फसल सरसों का है।
मौसम ठीक रहता है तो आगामी 15 दिनों में गेहूं की फसल पककर तैयार हो जाएगी। अच्छी धूप खिलने से किसानों की खेतों में पड़ी सरसों की फसल भी तेजी से सूख रही है। आगामी एक सप्ताह के समय में थ्रेसिंग का कार्य भी तेज हो जाएगा। हालांकि किसानों द्वारा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार औसतन पैदावार 7 से 8 क्विंटल के बीच रह सकती है। क्योंकि जनवरी व फरवरी माह के दौरान लगातार एक माह तक धूप भी नहीं निकली थी। साथ ही चार दिन पाला भी गिरा था। इससे सरसों की फसल की बढ़वार पूरी तरह से नहीं हो पाई थी। वहीं किसानों द्वारा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार जिले में करीब 20 लाख क्विंटल तक उत्पाद पहुंच सकता है।
विज्ञापन
अगर मौसम सही रहा तो आगामी 15 दिनों में गेहूं की फसल भी पूरी तरह से पककर तैयार हो जाएगी। इस समय जिला में करीब 80 प्रतिशत सरसों के रकबे में कटाई का काम पूरा किया जा चुका है। वहीं अगेती सरसों की 10 प्रतिशत थ्रेसिंग भी किसानों द्वारा की जा चुकी है।
-डॉ. अजय यादव, उपमंडल अधिकारी कृषि एवं किसान कल्याण विभाग महेंद्रगढ़
विज्ञापन
किसानों को इस बार बंपर पैदावार की उम्मीद है। हालांकि दो माह तक पड़ी कड़ाके की ठंड के कारण फसल कुछ प्रभावित जरूर हुई थी। इस बार 2.41 लाख एकड़ में सरसों व 71 हजार एकड़ में गेहूं की फसल है। जिले में सबसे बड़ा रकबा प्रमुख फसल सरसों का है।
विज्ञापन
मौसम ठीक रहता है तो आगामी 15 दिनों में गेहूं की फसल पककर तैयार हो जाएगी। अच्छी धूप खिलने से किसानों की खेतों में पड़ी सरसों की फसल भी तेजी से सूख रही है। आगामी एक सप्ताह के समय में थ्रेसिंग का कार्य भी तेज हो जाएगा। हालांकि किसानों द्वारा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार औसतन पैदावार 7 से 8 क्विंटल के बीच रह सकती है। क्योंकि जनवरी व फरवरी माह के दौरान लगातार एक माह तक धूप भी नहीं निकली थी। साथ ही चार दिन पाला भी गिरा था। इससे सरसों की फसल की बढ़वार पूरी तरह से नहीं हो पाई थी। वहीं किसानों द्वारा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार जिले में करीब 20 लाख क्विंटल तक उत्पाद पहुंच सकता है।
विज्ञापन
अगर मौसम सही रहा तो आगामी 15 दिनों में गेहूं की फसल भी पूरी तरह से पककर तैयार हो जाएगी। इस समय जिला में करीब 80 प्रतिशत सरसों के रकबे में कटाई का काम पूरा किया जा चुका है। वहीं अगेती सरसों की 10 प्रतिशत थ्रेसिंग भी किसानों द्वारा की जा चुकी है।
-डॉ. अजय यादव, उपमंडल अधिकारी कृषि एवं किसान कल्याण विभाग महेंद्रगढ़